रेलवे प्रोजेक्ट्स से लेकर केमिकल सेक्टर तक, जानें कैबिनेट मीटिंग में किन फैसलों पर लगी मुहर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाले एक अहम आर्थिक कॉरिडोर पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी देने का फैसला किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के मकसद से दो अहम पहलों को मंजूरी दी है. मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कैबिनेट ब्रीफिंग से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाले एक अहम आर्थिक कॉरिडोर पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी देने का फैसला किया गया है. साथ ही केमिकल सेक्टर के डेवलपमेंट के लिए 3,030 करोड़ रुपए की नई योजना की भी मंजूरी दी गई है. आइए जानते हैं, कैबिनेट ब्रीफिंग से जुड़ी बड़ी बातें.
1000 किमी तक चल चुकी हाइड्रोजन ट्रेन
कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'हाल ही में हाइड्रोजन ट्रेन ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. जैसा आप सबी जानते हैं, पीएम मोदी ने 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया था. आज सुबह तक, इसने बिना किसी समस्या के 1,000 किलोमीटर का सफर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. कमर्शियल ऑपरेशन का शुरुआती चरण बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए हम इसके प्रदर्शन के हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. हम इसके व्यवहार और कुल प्रदर्शन का आकलन करने के लिए लगातार लगभग 130 पैरामीटर्स पर नज़र रख रहे हैं.'
रेलवे प्रोजेक्ट्स से 1.6 करोड़ टन कार्गों ट्रांसपोर्टेशन की उम्मीद
वैष्णव ने कहा, 'इस रेलवे प्रोजेक्ट से अतिरिक्त 1.6 करोड़ टन कार्गो का ट्रांसपोर्टेशन संभव होने की उम्मीद है. इससे कार्बन उत्सर्जन में जो कमी आएगी, वह 27 लाख पेड़ लगाने के बराबर है. दूसरे शब्दों में, 27 लाख पेड़ लगाने से जितना कार्बन डाइऑक्साइड सोखा जाता, उतनी ही मात्रा में उत्सर्जन को इस रेलवे लाइन की वजह से ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में कम करके रोका जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट से 31 लाख 'ह्यूमन-डेज़' (human-days) का रोजगार पैदा होने और देश की लॉजिस्टिक्स लागत में 149 करोड़ रुपये की कमी आने की भी उम्मीद है.'
केमिकल क्षेत्र में 3,030 करोड़ की नई योजना को मंजूरी
इसके अलावा वैष्णव ने बताया, 'कैबिनेट ने केमिकल क्षेत्र में 3,030 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य देश में रसायन उद्योग को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना, आधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक केमिकल सप्लाई चेन में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है. इस योजना से घरेलू उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.'
10 साल की जेल, 1 करोड़ रुपये का जुर्माना:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा सुनिश्चित करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंज़ूरी दे दी. केंद्र सरकार 2024 में भी एक नया कानून लेकर आई थी, जब उसे पेपर लीक से जुड़े बड़े विवादों का सामना करना पड़ा था. अब इस नए बिल के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों को मौजूदा कानूनों की तुलना में ज़्यादा सख्त सजा दी जाएगी. यानी अगर कोई अब पेपर लीक के मामले में पकड़ाता है, तो उसे 10 साल की सजा और एक करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा.
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