कैप्टन स्मित पर अटैक मामला: NIA ने दर्ज किया केस, अधिकारियों ने क्या बताया?
एनआईए ने फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी. इजरायल स्मित को वीरता पुरस्कार से नवाजेगा.

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले महीने फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि मामला विमान अपहरण रोधी अधिनियम, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.
अधिकारियों ने एनआईए की तरप से 9 अक्टूबर को दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय नागरिक पायलट मच्छार पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने कुल्हाड़ी से हमला किया था. इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला कथित तौर पर विमान का अपहरण करने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के तहत किया गया था.
स्मित को वीरता पुरस्कार सम्मानित करेगा इजरायल
इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा है कि दुबई से तेल अवीव आ रहे फ्लाईदुबई के विमान के कॉकपिट में सह-पायलट के हमले का सामना करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को इजराइल का सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. राष्ट्रपति हर्जोग ने 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में सवार छह लोगों को गुरुवार को ही प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म प्रदान किया.
यरुशलम स्थित राष्ट्रपति आवास में आयोजित समारोह में हर्जोग ने कहा, 'आज हम इजराइली नायकों को सम्मानित कर रहे हैं. साथ ही, हम भारत के कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की हार्दिक कामना करते हैं.'
राष्ट्रपति ने कहा कि उनके अदम्य साहस, वीरता और पेशेवर कुशलता ने एक बड़ी त्रासदी टालने में मदद की. उनके स्वस्थ होने पर इजराइल की जनता की ओर से उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात होगी. प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ इजराइल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान है. यह पुरस्कार उन लोगों के प्रति इजराइल के सम्मान को दर्शाता है, जिन्होंने दूसरों के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर अपनी जान जोखिम में डालकर असाधारण साहस दिखाया और लोगों की जान बचाई.






















