Eid 2025: 'वक्फ से छेड़छाड़ न करें', काली पट्टी बांधकर जामा मस्जिद में नमाज पढ़कर क्या बोले मुसलमान
Eid 2025: ईद के दिन देश के कई हिस्सों में मुस्लिमों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की. दिल्ली की जामा मस्जिद में भी बड़ी संख्या में लोग काली पट्टी बांधकर आए.

Eid 2025: देशभर में आज ईद-उल-फित्र यानी मीठी ईद का त्योहार मनाया जा रहा है. मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह-सुबह ईद की नमाज अदा की गई. इस दौरान देश के कई हिस्सों में मुसलमानों को काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करते देखा गया. यह एक तरह का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन था, जो वक्फ संशोधन बिल 2024 के खिलाफ किया जा रहा था.
दिल्ली की जामा मस्जिद में भी बड़ी संख्या में मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी. जब उनसे बात की गई तो सभी का जवाब एक सुर में आया और वह यह था कि हमारे धर्म स्थलों को हमारा ही रहनें दें और वक्फ संशोधन बिल वाला विवाद खत्म कर दें.
'शांति से विरोध कर रहे'
एक युवा ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने के सवाल पर कहा, 'हम लोग बेहद शांत तरीके से अपना विरोध जता रहे हैं. किसी तरह का कोई विवाद या बहस नहीं कर रहे. वक्फ संपत्तियों का पूरा डेटा सरकार के पास होता है. सरकार का हस्तक्षेप भी इसमें होता है लेकिन अब सरकार पूरी तरह इसे अपने नियंत्रण में लेना चाहती है, यह हम लोगों को अच्छा नहीं लग रहा.'
'पूरी आवाम को एक नजर से देखें'
एक अन्य शख्स ने कहा, 'सरकार एकतरफा काम न करें. एक खास वर्ग के लिए काम न करें. पूरी आवाम को एकनजर से देखें. अल्लाह से दुआ की है कि हिंदुस्तान में अमन और शांति रहे. दंगे न हो.'
'वक्फ विवाद खत्म कर देते तो बेहतर होता'
एक व्यक्ति ने कहा, 'हमारे मुल्क में अमन कायम रहे. नवरात्री का टाइम भी चल रहा है तो सभी लोग मिलजुल कर पर्व मनाएं. हमारी तो यही दुआ है कि सभी मिलजुल कर रहे.' पीएम मोदी द्वारा ईद के मौके पर बांटी गई सौगात किट पर उन्होंने कहा कि यह अच्छा कदम है लेकिन वे वक्फ का मामला खत्म कर देते तो यह हमारे लिए बड़ा गिफ्ट होता.
'ईद पर काली पट्टी बांधना गलत'
कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने के संदेश को गलत भी बताया. एक युवा ने कहा कि यह सही नहीं है. काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने का कोई सेंस नहीं बनता है. एक अन्य युवा ने कहा कि काली पट्टी बांधने की अपील हुई थी लेकिन यह गैरजरूरी था. ईद के मौके पर हम लोग खुशियां मनाने आए हैं तो ये विरोध वगैरह अभी करने की जरूरत नहीं थी.
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Source: IOCL























