1500 करोड़ की फंडिंग! WTC और Bhutani Group पर ED ने कस दिया शिकंजा! डिजिटल सबूत मिले
ED Raid: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में WTC और Bhutani ग्रुप पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली-NCR में 12 ठिकानों पर छापेमारी की जहां करोड़ों की हेराफेरी और विदेशी संपत्तियों के अहम सबूत मिले.

Bhutani Infra Group: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 27 जनवरी 2025 को दिल्ली, फरीदाबाद और NCR के 12 ठिकानों पर छापेमारी की. ये कार्रवाई WTC ग्रुप और Bhutani ग्रुप के प्रमोटर्स आशीष भल्ला और आशीष भूटानी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी.
ED की ये जांच उन FIRs पर आधारित थी जो EOW दिल्ली बीपीटीपी थाना फरीदाबाद और फरीदाबाद सेंट्रल पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं. सैकड़ों होम बायर्स और इन्वेस्टर्स ने WTC ग्रुप और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और ठगी की शिकायतें दर्ज करवाई थी. आरोप था कि WTC Faridabad Infrastructure Pvt. Ltd. और इसके प्रमोटर्स ने फरीदाबाद के सेक्टर 111-114 में रिहायशी प्लॉट देने का वादा किया था, लेकिन 10 साल बाद भी प्लॉट नहीं मिले और न ही पैसे वापस किए गए.
Bhutani Infra Group पर गंभीर आरोप
इस बीच Bhutani Infra Group ने WTC ग्रुप को खरीदकर इस प्रोजेक्ट को दोबारा लॉन्च कर दिया. इससे पुराने खरीदारों को भ्रमित किया गया और उन्हें अपने यूनिट्स सरेंडर करने के लिए मजबूर किया गया.
ED की रेड में बड़े खुलासे
ED की छापेमारी में कई अहम डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए जिनसे 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग का खुलासा हुआ. ये रकम 15 बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर जुटाई गई थी, लेकिन जांच में पता चला कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट्स पूरे नहीं किए गए. इसके अलावा करीब 200 करोड़ रुपये सिंगापुर और अमेरिका भेजे गए जिससे वहां बेनामी संपत्तियां खरीदी गई.
छापेमारी में लैपटॉप, हार्ड ड्राइव समेत कई डॉक्यूमेंट्स बरामद
ED ने छापेमारी के दौरान फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई डिजिटल सबूत, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव जब्त किए. WTC ग्रुप की कई फिक्स्ड डिपॉजिट फ्रीज कर दी गई जबकि 1.5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और सोना भी जब्त किया गया. फिलहाल मामले की जांच जारी है और भविष्य में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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Source: IOCL






















