ED का एक्शन! फर्जी चीनी लोन ऐप घोटाले के 2 मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जानें कैसे करते थे ब्लैकमेल
Fake Chinese Loan App Scam: फर्जी चाइनीज लोन ऐप घोटाले में ईडी को बड़ी सफलता मिली है. ईडी ने ठगी और ब्लैकमेलिंग का बड़ा नेटवर्क चला रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
ED Action In Fake Chinese loan App Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी चीनी लोन ऐप घोटाले में 20 फरवरी 2025 को दो आरोपियों, सैयद मुहम्मद और वर्गीस टी जी को गिरफ्तार किया. इन दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया है.
कैसे चलता था यह लोन ऐप घोटाला?
फर्जी लोन ऐप्स के जरिए लोगों को लोन देने का झांसा दिया जाता था. लोन लेने वालों से एडवांस EMI के नाम पर पैसे मांगे जाते थे. यदि कोई अधिक पैसे देने से मना करता था, तो उनका मोबाइल डेटा, तस्वीरें और निजी जानकारी हैक कर ली जाती थी. ब्लैकमेलिंग के लिए पीड़ितों की मॉर्फ की गई अश्लील तस्वीरें उनके परिवार और दोस्तों को भेजने की धमकी दी जाती थी.
ED की जांच में बड़े खुलासे
केरल और हरियाणा में दर्ज FIR से इस घोटाले की जड़ें सामने आईं. सैयद मुहम्मद और वर्गीस टी जी ने ठगों के लिए 500 फर्जी बैंक खाते खोले. इन खातों में कुल 719 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए.
क्रिप्टोकरंसी के जरिए पैसे विदेश भेजने की साजिश
आरोपियों ने WazirX क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर 26 फर्जी अकाउंट बनाए. इन अकाउंट्स से 115.67 करोड़ रुपये विदेशी क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर किए गए. सैयद मुहम्मद को इसके बदले 2 करोड़ रुपये और वर्गीस टी जी को 70 लाख रुपये मिले.घोटाले की रकम का बड़ा हिस्सा सिंगापुर भेजा गया. Nium India Pvt. Ltd. के जरिए सिंगापुर स्थित Nium Pte Ltd. को पैसे ट्रांसफर किए गए. साथ ही फर्जी डिजिटल डिवाइस और सॉफ्टवेयर आयात दिखाकर यह लेनदेन किया गया.
ED की छापेमारी और कार्रवाई
फरवरी 2024 में ED ने मुंबई, चेन्नई और कोच्चि में 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की. कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए. फर्जी बैंक खातों में जमा 123.58 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए. 30 जनवरी 2025 को तमिलनाडु के 4 और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो सिंगापुर में पैसा ट्रांसफर करने में शामिल थे.
आगे की जांच जारी
बता दें कि ED इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. यह एक अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें कई देशों के अपराधियों की संलिप्तता हो सकती है.
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Source: IOCL






















