दिल्ली: तमाम कोशिशों के बावजूद एयर क्वालिटी में सुधार नहीं, बेहद खराब स्तर पर पहुंची
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 368 रिकॉर्ड की गई जो बेहद खराब की श्रेणी में आती है. पीएम 2.5 का स्तर 210 दर्ज किया गया.

नई दिल्ली: दिवाली पर प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में तमाम कदम उठाए गए हैं, उनके बावजूद वायु की गुणवत्ता शुक्रवार को भी बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 368 रिकॉर्ड की गई जो बेहद खराब की श्रेणी में आती है. पीएम 2.5 का स्तर 210 दर्ज किया गया. यह कण पीएम 10 से भी छोटे होते हैं और स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं.
नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े के अनुसार, दिल्ली में चार इलाकों में वायु गुणवत्ता "गंभीर" स्तर पर है जबकि 29 इलाकों में "बेहद खराब" दर्ज की गई है. केन्द्र सरकार के जरिए संचालित वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (एसएएफएआर) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पीएम10 का स्तर 333 बना हुआ है. एसएएफएआर का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता इंडेक्स अगले तीन दिन तक 'बेहद खराब' की श्रेणी में बना रहेगा.
एसएएफएआर की वेबसाइट के अनुसार, "यह मुख्य रूप से मौसमी हालात के कारण है क्योंकि पराली जलने की भागीदारी इसमें बहुत कम रह गई है. पश्चिमी विच्छोभ के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नमी का बढ़ना और चार नवंबर तक जारी रहेगा. इसके कारण वातावरण में पीएम 2 .5 की धारण क्षमता भी बढ़ेगी."
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Source: IOCL

























