'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया लेकिन...', क्या बोले AIMIM चीफ ओवैसी?
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन लोगों की कामयाबी है, जो गुरूर, घमंड और सांप्रदायिकता को पसंद नहीं करते हैं और भारत के संविधान में विश्वास रखते हैं.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एबीपी न्यूज संवाददाता उबैदुर्रहमान से खास बात करते हुए AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन लोगों की कामयाबी है, जो गुरूर, घमंड और सांप्रदायिकता को पसंद नहीं करते हैं और भारत के संविधान में विश्वास रखते हैं और भाईचारे को पसंद करते हैं और ये उनकी नाकामी है जो इन लोगों के खिलाफ काम कर रहे हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उन्होंने कहा, 'इस्तीफा हो गया, लेकिन एजुकेशन सिस्टम में जो कमजोरियां हैं, वो बहुत अधिक हैं. नौजवान बेरोजगार हैं, महंगाई बहुत अधिक है, उन्हें कोई रास्ता दिखाई नहीं देता ये जमीनी हकीकत है, जिस से सरकार बेखबर है.'
सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, देश की 50 प्रतिशत आबादी ने संदेश दे दिया है कि वह इन लोगों (सरकार) से खुश नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो रील बना कर कोशिश की थी, इस्तीफा न हो और उनके चाहने वालों ने भी कोशिश की, लेकिन ये सरकार मीनी हकीकत से बिल्कुल कटऑफ है. ये सरकार युवाओं से किसानों से बेरोजगारी से बिल्कुल कटऑफ है. लोग महंगाई बेरोजगारी से परेशान हैं.'
'हम यूपी चुनाव की तैयारी कर रहे' - ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि हम यूपी चुनाव की तैयार कर रहे हैं, हमें उम्मीद है कि इस बार यहां चुनाव में हमारे विधायक कामयाब होंगे. उन्होंने पेपर लीक मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि यूपी में जो पेपर लीक हुए हैं, उसके जिम्मेदार कौन हैं, मुख्यमंत्री तो आप हैं, आप अपनी नाकामी कबूल करने के बजाए किसी और पर अपनी नाकामी का बोझ डालना चाहते हैं.
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उन्होंने कहा, 'आज मुरादाबाद में हमारी जनसभा है, हम लोगों से अपील करते हैं कि यूपी में अपनी एक लीडरशिप बनायें. आगे कहा, 'आपने कई बार यहां सपा और अन्य दलों के लोगों को विधायक और सांसद बनाया, लेकिन जमीनी सतह पर विकास का काम जो होना चाहिए था, नहीं हुआ वह लोग चुन कर तो जाते हैं, लेकिन आपके साथ होने वाली नाइंसाफी के खिलाफ वह विधान सभा और पार्लियामेंट में नहीं बोलते हैं.'
उन्होंने आगे कहा, ' यह ज़रूरी है कि अल्पसंख्यको की भारत के सबसे बड़े प्रदेश में एक लीडरशिप हो, जो लोकतंत्र को मजबूत करेगी और जो लोगों की समस्याएं हैं, उसका हल निकलेगा. उन्होंने पश्चिमी यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और नॉन वेज की दुकानों के सवाल पर कहा कि सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करे.'
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