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दिल्ली सरकार ने जारी की नई एक्साइज पॉलिसी, रात 3 बजे तक खुलेंगे बार, बैंक्वेट हॉल-फार्म हाउस मालिक ले सकेंगे 1 साल का स्थायी लाईसेंस

दिल्ली सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी 2021-22 जारी कर दी है. इसके तहत अब शराब के ठेकों पर ग्राहकों को 'वॉक-इन' सुविधा दी जाएगी

दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है. नई पॉलिसी के बाद अब शराब के ठेकों के बाहर लगने वाली लंबी लाइनों, भीड़ और धक्का-मुक्की नहीं दिखाई देगी. नई पॉलिसी के तहत शहर में शराब के ठेकों पर ग्राहकों को अब ‘वॉक-इन’ सुविधा मिलेगी.

आइये जानते हैं क्या कहती है जारी की गई नई आबकारी नीति

1- ग्राहकों को दुकान के बाहर या फुटपाथ पर भीड़ लगाने और काउंटर से खरीदारी करने की अनुमति नहीं होगी. हर ग्राहक को दुकान के भीतर जाने की इजाज़त होगी और दुकान के अंदर ही वो अपनी पसंद के ब्रांड की शराब चुन सकेंगे. शराब खरीदने की सारी प्रक्रिया दुकान परिसर के अंदर ही पूरी की जायेगी.

2- दुकानें वातानुकूलित होंगी, कांच के दरवाजे होंगे और प्रकाश की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. सभी दुकानों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए और दुकानदार को कम से कम 1 महीने की कैमरा रिकॉर्डिंग रखनी होगी.

3- अभी तक बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, मोटेल, पार्टी प्लेस में शादी, पार्टी या कोई इवेंट आयोजित करने पर शराब परोसने के लिए वेन्यू मालिक को अस्थायी लाइसेंस लेना होता था. अब नए L-38 लाइसेंस के ज़रिए एक बार सालाना फीस भरने के बाद बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, मोटेल अपने यहां आयोजित होने वाली पार्टियों में देसी और विदेशी शराब सर्व कर सकेंगे.

4- किसी अस्थायी लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी. जिस वेन्यू पर कई इवेंट आयोजित किये जाते हैं उन्हें ये लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. अगर किसी बैंक्वेट हाल या फार्म हाउस के पास रेगुलर लाइसेंस नहीं होगा तो उन्हें वन टाइम P-10E लाइसेंस के लिए प्रति इवेंट 50,000 रुपये फीस देनी होगी.

5- होटल, रेस्तरां और क्लब में बार देर रात 3 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि इनमें वो लाइसेंसधारक शामिल नहीं है जिन्हें शराब की 24 घंटे बिक्री का लाइसेंस दिया गया है. बियर बनाने की छोटी इकाइयों (माइक्रोब्र्यूरी) से ग्राहक बोतल या ग्राउलर में ड्राट बियर ले सकेंगे. हालांकि जहां भी ड्राट बियर टेक अवे की तरह सर्व की जाएगी वहां इस बियर की शार्ट शेल्फ लाइफ के बारे में सूचना और साइनेज देना होगा साथ ही बोतलों पर एक्सपायरी डेट साफतौर पर अंकित होना चाहिए.

6- देसी और विदेशी शराब की खुदरा दुकानें (एल-7वी) किसी भी बाजार, मॉल, वाणिज्यिक क्षेत्रों, स्थानीय शॉपिंग कांपेल्क्स में कहीं भी खोली जा सकती हैं.

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