कांग्रेस के बाद अब इस पार्टी ने महाराष्ट्र में वोटिंग के आंकड़ों पर उठाए सवाल! चुनाव आयोग से मांगा जवाब
निर्वाचन आयोग को लिखे लेटर में ब्रिटास ने कहा कि वोटिंग के आंकड़ों और चुनाव बाद की प्रक्रिया में हाल में कुछ आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, विशेष रूप से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में.

CPIM MP Letter To EC: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार (01 दिसंबर, 2024) को भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को पत्र लिखकर कहा कि हाल में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में कथित विसंगतियों पर स्पष्टीकरण की ‘‘तत्काल आवश्यकता’’ है. कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में डेटा से संबंधित गंभीर विसंगतियों को लेकर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग का रुख किया था और इस पर विस्तृत जवाब की मांग की थी. इसके दो दिन बाद ब्रिटास का यह पत्र सामने आया है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार को संबोधित पत्र में ब्रिटास ने कहा कि मतदान के आंकड़ों और चुनाव बाद की प्रक्रिया में हाल में कुछ आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, विशेष रूप से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में. माकपा सांसद ने कहा, ‘‘ईसीआई की ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए लंबे समय से चली आ रही प्रतिष्ठा को देखते हुए, मुझे विश्वास है कि हमारी चुनावी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इन चिंताओं को पूरी तत्परता के साथ दूर किया जाएगा.’’
मतदान प्रतिशत पर उठाए सवाल
ब्रिटास ने कहा कि मतदान के आंकड़ों में कथित विसंगतियों के संबंध में विभिन्न पक्षों से चिंताएं सामने आई हैं. खबरों में उल्लेखित आंकड़ों से पता चलता है कि शाम पांच बजे महाराष्ट्र में मतदान 58.22 प्रतिशत दर्ज किया गया था और शाम पांच बजे कतारों में लगे मतदाताओं को शामिल करने के बाद रात 11:30 बजे तक यह आंकड़ा 65.02 प्रतिशत हो गया. उन्होंने पत्र में कहा कि मतगणना शुरू होने से कुछ घंटे पहले मतदान प्रतिशत 66.05 प्रतिशत बताया गया, जो 7.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और यह लगभग 76 लाख अतिरिक्त मतों के बराबर है.
‘ECI के पास सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र मौजूद’
ब्रिटास बोले, ‘‘हालांकि, मुझे पूरा विश्वास है कि निर्वाचन आयोग के पास मतदान के आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र मौजूद हैं, लेकिन कई लोगों का दावा है कि चुनाव के बाद हुई यह वृद्धि ऐतिहासिक मानदंडों से कहीं अधिक है. उदाहरण के लिए, झारखंड चुनाव के आंकड़ों से पता चलता है कि दो चरणों में 1.79 प्रतिशत और 0.86 प्रतिशत की बहुत कम वृद्धि हुई है.’’
‘चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास कम होने का खतरा’
ब्रिटास ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में जहां चुनाव के बाद आंकड़ों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई, राजग विजयी हुआ, जबकि झारखंड विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में जहां इस तरह की वृद्धि नगण्य थी. विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि ऐसा संयोगवश हो सकता है, लेकिन इससे चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास कम होने का खतरा है. उन्होंने कहा कि आयोग को अटकलों से बचने, जनता का विश्वास बनाए रखने और लोकतांत्रिक जनादेश की वैधता को बनाए रखने के लिए इन चिंताओं को शीघ्र दूर करना चाहिए.
‘ऐसे रहे महाराष्ट्र चुनाव’
भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 सीट जीतकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में जोरदार वापसी की है. कांग्रेस के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) को झटका लगा है. देश की सबसे पुरानी पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनावों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया. उसे केवल 16 सीट पर जीत मिली. शरद पवार की राकांपा ने सिर्फ 10 सीट जीतीं जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीट जीतीं.
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Source: IOCL






















