कोरोना के इलाज में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को SC ने कहा 'योद्धा', सुरक्षा के लिए सरकार को दिए निर्देश
जस्टिस अशोक भूषण और एस रविंद्र भाट की बेंच ने कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को कई निर्देश दिए हैं.

नई दिल्ली: कोरोना से लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर डटे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुप्रीम कोर्ट ने तारीफ़ की है. कोर्ट ने कहा है कि यह लोग योद्धा हैं उनकी सुरक्षा करना बहुत जरूरी है. इन कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने सरकार को कई निर्देश दिए.
डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर नागपुर के डॉक्टर जेरिल बनेट समेत तीन लोगों की याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने आज एक साथ सुनीं. याचिकाओं में यह मांग की गई थी कि कोरोना के इलाज में जुटे लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से मान्य निजी सुरक्षा उपकरण यानी PPE किट उपलब्ध कराया जाए. इसमें उच्च कोटि के मास्क, ग्लव्स, गाउन, चश्मे समेत तमाम चीजें शामिल हैं.
केंद्र सरकार की तरफ से इन याचिकाओं पर जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि PPE किट और बाकी उपकरणों का तेजी से इंतज़ाम किया जा रहा है. डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सरकार बहुत गंभीर है. कोरोना के इलाज में लगे डॉक्टर चूंकि अभी घर नहीं जा सकते. इसलिए, उन्हें पूरी सुविधा के साथ होटलों में ठहराया जा रहा है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध लोगों के डॉक्टरों से दुर्व्यवहार और उनके हॉस्पिटल से भाग जाने की कुछ घटनाओं का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि अगर इसे रोका नहीं गया तो डॉक्टर और स्टाफ काम पर जाने से घबराएगा. इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ सकती है. इस पर सॉलिसीटर जनरल ने बताया, ''कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों को पुलिस सुरक्षा दी जा रही है. हॉस्पिटल के बाहर भी पुलिस का घेरा बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई मरीज या संदिग्ध वहां से न भाग पाए.''
रोहतगी ने यह भी कहा कि PPE किट देने के लिए हॉस्पिटल वाले उनके वेतन से पैसे काट रहे हैं. सॉलिसिटर जनरल ने इस बात को गलत बताया. उन्होंने कहा, ''न तो डॉक्टरों के वेतन से पैसे काटे जा रहे हैं. न ही सरकार किसी भी हॉस्पिटल में ऐसा होने देगी.''
सभी वकीलों को सुनने के बाद जस्टिस अशोक भूषण और एस रविंद्र भाट की बेंच ने यह आदेश पारित किया-
• कोरोना के इलाज में शामिल सभी डॉक्टर/स्टाफ को बढ़िया निजी सुरक्षा उपकरण (PPE) किट दिया जाए • जहां भी कोरोना पॉज़िटिव या संदिग्ध लोगों को रखा गया है, वहां डॉक्टर और स्टाफ को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिले • जो लोग डॉक्टर/स्टाफ के काम में बाधा डालें उन पर सख्त कार्रवाई हो • सरकार बढ़िया मास्क, उपकरण के घरेलू उत्पादन की कोशिश करे. उपकरण और उन्हें तैयार करने का कच्चा माल अभी निर्यात न करने की कोशिश हो.
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