स्पुतनिक-V वैक्सीन को मिली है इस्तेमाल की मंजूरी, जानें इससे जुड़ी पांच बेहद जरूरी बातें
हैदराबाद की दवा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लेबोरेट्रीज की तरफ से पिछले हफ्ते सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) के सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) के पास भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया था. रशियन डायरेक्ट इनवेस्ट फेंड (RDIF) ने पिछले साल सितंबर में भारत में स्पूतनिक-V के क्लिनिकल ट्रायल के लिए डॉक्टर रेड्डी के साथ साझेदारी की थी.

भारत ने रूस में कोविड-19 के खिलाफ तैयार वैक्सीन स्पुतनिक-V के आपात इस्तेमाल को लेकर सशर्त मंजूरी दे दी है. देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने इस वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर ये फैसला लिया है. कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद भारत सरकार की तरफ से यह तीसरी वैक्सीन है, जिसे आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिलने के साथ ही ये देश में कोविड-19 खिलाफ इस्तेमाल में आने वाली टेस्सरी वैक्सीन बन जाएगी.
कई राज्यों ने देश में वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र से चिंता जाहिर की थी. ऐसे में स्पुतनिक-V को मिली मंजूरी से देश में वैक्सीन की आपूर्ति दोबारा बढ़ने की उम्मीद है. इससे पहले भारत ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनिका की तरफ से तैयार वैक्सीन कोविशील्ड के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी. भारत में इसका उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से किया जा रहा है. इसके साथ ही, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की तरफ से तैयार की गई दवा कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल कर उसे मंजूरी दी गई है. ऐसे में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V ऐसी तीसरी वैक्सीन है जिसके आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है.
स्पुतनिक-V की पांच खास बातें-
- भारत में स्पुतनिक-V की डोज तैयार करने के लिए रशियन डायरेक्ट इनवेस्ट फेंड (RDIF) हैदराबाद की दवा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लेबोरेट्रीज समेत कई भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ साझेदारी की है. रेड्डी लेबोरेट्रीज के अलावा इस साझेदारी में Hetero Biopharma, Gland Pharma, Stelis Biopharma और Vichrow Biotech शामिल है.
- रूस ने पिछले साल अगस्त में ही इस वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी. रूस द्वारा वैक्सीन के बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल करने से पहले ही इसके इस्तेमाल को मंजूरी देने के फैसले की कई विशेषज्ञों ने आलोचना की थी. हालांकि बाद में इस वैक्सीन पर की गयी स्टडी के अनुसार इसे कोविड-19 से लड़ने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और असरदार बताया गया है
- रिपोर्ट्स के अनुसार ये वैक्सीन साधारण सर्दी और जुखाम देने वाले human adenoviral vectors को केंद्र में रखकर तैयार की गयी है. दो डोज में लगने वाली ये वैक्सीन दो अलग अलग vectors का इस्तेमाल करती है, जिसके चलते ये हमारी इम्यूनिटी लम्बे समय तक मजबूत बनाए रखती है.
- रूस स्थित Gamaleya Institute द्वारा तैयार स्पुतनिक-V, कोरोना वायरस के खिलाफ 91.6 प्रतिशत तक असरकारक है. इसका परीक्षण रूस में 19,866 लोगों पर किया गया था. स्पुतनिक वेबसाइट के मुताबिक, अंतिम चरण का परीक्षण यूएई, भारत, वेनेजुएला और बेलारूस में किया गया था.
- वैश्विक मार्केट में इस वैक्सीन के प्रत्येक डोज की कीमत लगभग 10 डॉलर है. इसके ड्राई फॉर्म को से2 से 8 डिग्री के तापमान के बीच रखा जाता है. देश में इसकी उत्पादन श्रमता लगभग 850 मिलियन डोज की है. जिसके चलते ये कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में और तेजी देने का काम करेगी.
यह भी पढ़ें
ममता बनर्जी के प्रचार करने पर EC ने लगाई 24 घंटे की रोक, धरने पर बैठेंगी सीएम
कोरोना के खतरे के बीच नवरात्रि पर्व की शुरुआत, श्रद्धालुओं को सख्ती से पालन करनी होगी कोविड गाइडलाइन


















