दिमागी नक्सल पर मणिशंकर अय्यर बोले, '...तो PM मोदी से लड़ना मुश्किल'
स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से इस्तेमाल किए गए दिमागी नक्सल शब्द को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से प्रेरणा लें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वतंत्रता दिवस 2026 के भाषण के दौरान इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' शब्द पर रार छिड़ी हुई है. इस पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रतिक्रिया दी है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस नेता ने कहा कि या तो 'दिमागी नक्सली' पकड़े जाएंगे या उन्हें देश से भगा दिया जाएगा. ऐसे में राजीव गांधी को याद करना जरूरी है. जब तक हम उनसे प्रेरणा नहीं लेंगे, तब तक पीएम मोदी से लड़ना मुश्किल होगा.
क्या कहा था पीएम मोदी ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हालांकि जंगलों में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, लेकिन 'दिमागी नक्सल' सोच रखने वाले लोग व्यवस्था के भीतर रहकर अशांति फैलाते हैं. इस पर विपक्षी दलों से लेकर सोशल मीडिया पर विवाद हो रहा है.
राजीव गांधी को करें यादः अय्यर
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए बयान में मणिशंकर अय्यर ने कहा, जो दिमागी नक्सल हैं, उनके पीछे पड़कर उनको या तो कैद करेंगे या तो इस देश से भगा देंगे. अब ऐसी सूरते-हाल में बहुत ही जरूरी है कि हम राजीव गांधी को याद करें और जो कुछ उनकी सोच थी, वो सब यहां लिखी हुई है. तो जो आज यहां आए हुए हैं, मेरा उन सभी से यही अनुरोध है कि बजाय बस परिक्रमा करने के वो यह भी जरूर पढ़ लें कि राजीव गांधी ने क्या कहा था, उनका क्या सोच थी इस देश के बारे में और वो उन्होंने क्या बताया था हमारे देश के चरित्र के बारे में.
#WATCH | Delhi | On the birth anniversary of former PM Rajiv Gandhi, Congress leader Mani Shankar Aiyar says, "Either 'Dimaagi Naxals' will be captured or made to run away from the country. In such a situation, it is important to remember Rajiv ji. Those who have gathered here… pic.twitter.com/6QE6tSvrTa
— ANI (@ANI) August 20, 2026
उन्होंने आगे कहा, जब तक कि वो सब हम मन में नहीं रखते, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है. क्योंकि भारत वर्ष के बारे में जो उनकी वैकल्पिक सोच है, वो हमारे लिए बहुत ही खतरनाक है. और शायद सबसे बड़ा अस्त्र जो हमारे हाथ में है, वो है राजीव गांधी की सोच.
केजरीवाल ने खुद को बताया था दिमागी नक्सल
पीएम मोदी के भाषण के बाद अरविंद केजरीवाल ने भी दिमागी नक्सल पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने वीडियो शेयर कर कहा था, प्रधानमंत्री के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन हैं? जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है. प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है. मैं प्रधानमंत्री को कहना चाहता हूं कि मैं अरविंद केजरीवाल, आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं और मुझे इस बात का गर्व है. अगर देश के खिलाफ कोई कुछ करेगा या बोलेगा तो केजरीवाल पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा.
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