'मोदी जी माफ कर देंगे', CJP का PM केयर्स फंड को लेकर RTI एक्टिविस्ट पर तंज
CJP RTI: एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने अभिजीत दीपके और सीजेपी को लेकर एक शिकायत दर्ज करवाई थी. उसने 1 करोड़ रुपए के फंड की जांच की मांग की थी. इस पर सीजेपी का रिएक्शन आया है.

गुजरात के सूरत के एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर जांच की मांग की थी. उसने दीपके के पिता की फाइनेंसियल जांच की मांग की थी. वहीं सीजेपी को 1 करोड़ रुपए फंड मिला था. इस पर भी सवाल किया. इस मामले पर सीजेपी की तरफ से रिएक्शन आ गया है. दीपके ने कहा कि विदेश में मेरी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप से हुआ था. वहीं एक पोस्ट में पीएम केयर्स फंड का भी जिक्र किया गया.
दीपके ने एक पत्रकार से बात करते हुए कहा, 'मैंने अपनी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप से उठाया था और इसके साथ ही कुछ एज्युकेशन लोन भी लिया था, जिसे अब चुका दिया है.' दीपके ने सीजेपी की फंडिंग पर कहा कि हम लोग क्राउडफंडिंग करते हैं. दीपके ने इसे पारदर्शी रखने का भी दावा किया.
सीजेपी का पीएम केयर्स फंड पर सवाल
वहीं सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौड़ ने पीएम केयर्स फंड को लेकर तंज कस दिया. उन्होंने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. वैष्णवी ने लिखा, 'एक प्राइवेट इंडिविजुअल के पढ़ाई खर्च पर आरटीआई लगाने वाले कभी पीएम केयर्स फंड को भी देखें. मोदी जी आपको माफ कर देंगे, चिंता न करें.'
Ek private individual ke education expenses pe RTI lagane wale kabhi PM cares fund ki taraf bhi dekhe. Modi ji aapko maaf kar denge, don't worry. https://t.co/mDtVhBpZfg
— Vaishnavi Gaur (@Vaishnavii_gaur) August 2, 2026
आरटीआई एक्टिविस्ट ने क्या की थी मांग
'पीटीआई' के मुताबिक सूरत के निवासी एक आरटीआई कार्यकर्ता ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की है. दीपके के पिता महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उन्होंने अपने बेटे को हायर एज्युकेशन के लिए विदेश भेजा था.
उन्होंने कहा, 'कॉकरोच जनता पार्टी एक गैर-पंजीकृत संगठन है, लेकिन यह राजनीतिक दल के रूप में काम कर रही है. अगर उसे विधि कोष के रूप में एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है, तो निर्वाचन आयोग को यह जांच करनी चाहिए कि क्या कॉजपा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकृत है या नहीं.'
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