बिहार को मिला फोरलेन हाईवे का तोहफा, PM मोदी बोले - 'इस परियोजना से...'
इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा. इसकी कुल पूंजी लागत 3590.73 करोड़ रुपए होगी और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (19 अगस्त) को बिहार को बड़ा तोहफा दिया है. कैबिनेट से मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनवर्षा फोरलेन हाईवे को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, राज्य के लिए लाइफलाइन साबित होने वाली इस परियोजना से प्रगति का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है.
पीएम मोदी ने लिखा, 'बिहार के चौतरफा विकास के हमारे प्रयासों में कनेक्टिविटी का तेज विस्तार बहुत जरूरी है. इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने एनएच-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन पर 4-लेन के निर्माण को मंजूरी दी है. इससे जहां सफर में लगने वाला समय बचेगा, वहीं आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.'
बिहार के चौतरफा विकास के हमारे प्रयासों में कनेक्टिविटी का तेज विस्तार बहुत जरूरी है। इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन पर 4-लेन के निर्माण को मंजूरी दी है। पूरे राज्य के लिए लाइफलाइन साबित होने वाली इस परियोजना से प्रगति का एक नया अध्याय…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 19, 2026
82.5 KM लंबाई, करीब 3590 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा. इसकी कुल पूंजी लागत 3590.73 करोड़ रुपए होगी और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है. प्रस्तावित परियोजना बिहार के विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण के कारण महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखती है. यह एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगा.
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फर्राटेदार होगा सफर
परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक को काफी कम करने में मदद मिलती है. इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी. इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है. इस परियोजना से औसत यात्रा गति में इजाफा होगा, यात्रा समय में कमी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा. इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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