एक्सप्लोरर

Citizenship Amendment Act CAA लागू होने से क्या कुछ बदलेगा? 10 पॉइंट्स में जानें हर सवाल का जवाब

Citizenship Amendment Act: नागरिकता संसोधन कानून लागू होने के बाद पड़ोसी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भारत की नागरिकता हासिल करना आसान होगा. पहले भारत की नागरिकता की शर्तें कड़ी थीं.

Citizenship Amendment Act: नागरिकता संशोधन कानून एक बार फिर चर्चा में है. यह कानून शुरुआत से ही विवादों में रहा है. इसी वजह से दोनों सदनों की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक इसे लागू नहीं किया गया था. सूत्रों के अनुसार भारत सरकार आज रात इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी. इसके बाद इस कानून को लागू कर दिया जाएगा. नागरिका संशोधन कानून लागू होने के बाद भारत के पड़ोसी देशों में रह रहे लोगों के लिए भारत की नागरिकता हासिल करना काफी आसान होगा. अब तक भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए शर्तें काफी मुश्किल थीं. 

इस कानून को लेकर काफी प्रदर्शन और बवाल हुआ है, लेकिन यह मूल रूप से भारत के पड़ोसी देशों के लोगों को नागरिकता देने से जुड़ा कानून है. देश में रह रहे लोग इससे प्रभावित नहीं होंगे.
यहां हम बता रहे हैं कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद क्या-क्या बदल जाएगा और आम लोगों के जीवन में इसका कितना असर पड़ेगा.

1. क्या है विवाद?

नागरिक संशोधन अधिनियम में भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के उन लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है, जिन्हें धर्म के आधार पर परेशान किया गया हो. इस कानून के तहत हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी लोगों को भारतीय नागरिकता दी जा सकती है. इस कानून में मुसलमानों का जिक्र नहीं होने से विवाद होता रहा है. इस वजह से सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप भी लगा है.

2. एनआरसी से जोड़ रहे लोग

इस कानून को एनआरसी से जोड़कर देखा जा रहा है. इस आधार पर कहा जा रहा है कि एनआरसी के जरिए लोगों से भारतीय नागरिकता छीनी जाएगी और फिर सीएए के जरिए उन्हें फिर से नागरिकता दी जाएगी. इस प्रक्रिया में मुसलमानों को देश से बाहर कर दिया जाएगा. हालांकि, सीएए में पड़ोसी देश के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है.

3. किसे होगा फायदा?

सीएए से फायदा भारत के पड़ोसी देशों में रह रहे लोगों को होगा. पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान में जिन लोगों को धर्म के आधार पर परेशान किया जा रहा है. ऐसे लोगों को सीएए के जरिए आसानी से भारत की नागरिकता मिल जाएगी.

4. किसे होगा नुकसान?

इस कानून से किसी को सीधा नुकसान नहीं होगा. हालांकि, पड़ोसी देशों से लोग आने पर भारत की आबादी बढ़ेगी. मौजूदा समय में भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है. पड़ोसी देशों से लोगों के आने पर देश के संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा. इसका असर देश की जनता पर ही पड़ेगा.

5. धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन

इस कानून पर धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं. भारतीय संविधान के अनुसार देश में किसी के साथ भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. हालांकि, इस कानून में मुसलमानों को नागरिकात देने का प्रावधान नहीं है. इस वजह से धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करने की बात कही जा रही है.

6. एनआरसी से जुड़ी चिंता

सीएए को एनआसरी से जोड़ा जाता रहा है. आलोचकों का मानना है कि सीएए लागू करने के बाद सरकार एनआरसी लागू करेगी. इसके बाद ऐसी स्थिति बनेगी, जिसमें भारत की नागरिकता धर्म के आधार पर तय होगी.

7. राष्ट्रविहीनता का डर

आलोचकों को यह भी डर है कि एनआरसी आने के बाद कई लोग भारत से बाहर हो जाएंगे. इनमें से कुछ लोगों को सीएए की तहत नागरिकता दे दी जाएगी, लेकिन जिन लोगों को नागरिकता नहीं मिलेगी और जिनके पास यह भी सबूत नहीं होगा कि वह पहले किस में रहते थे. उनके पास रहने के लिए कोई देश नहीं होगा.

8. क्या है वैश्विक प्रतिक्रिया?

इस कानून को लेकर अंतरराष्ट्रीय निकायों और मानवाधिकार संगठनों ने भी भारत सरकार की आलोचना की है. मानवाधिकार उल्लंघन और धार्मिक भेदभाव को लेकर भी आलोचना की गई है.

9. ध्रुवीकरण की चिंता

इस कानून के जरिए वोटों का ध्रुवीकरण करने की भी आशंका जताई जा रही है. इस कानून के जरिए सत्ताधारी पार्टी बहुसंख्यक मतों को अपने पक्ष में एकत्रित कर सकती है.

10. हाशिए पर चले जाने का डर

इस कानून के आने से मुसलमानों को हाशिए पर चले जाने का डर है. इस कानून को लेकर अल्पसंख्यक समुदायर के डर है और इसके लागू होने के बाद उनके अंदर असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ेंः Mallikarjun Kharge: 'आज कल लोगों को बना रहे बेवकूफ', मल्लिकार्जुन खरगे ने साधा पीएम मोदी पर निशाना

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

मानसून पर अचानक ब्रेक! आखिर सैटेलाइट में बादल कहां गायब हो गए?
मानसून पर अचानक ब्रेक! आखिर सैटेलाइट में बादल कहां गायब हो गए?
तीन साल पहले अस्तित्व में आई NCPI कैसे बनी NDA की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी! जानें शुरुआत में पार्टी के पास थे कितने सांसद?
तीन साल पहले अस्तित्व में आई NCPI, अब कैसे अचानक बन गई NDA की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी!
Goa Revolution Day: गोवा क्रांति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, CM प्रमोद सावंत ने दोहराया विकसित गोवा 2037 का संकल्प
गोवा क्रांति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, CM प्रमोद सावंत ने दोहराया विकसित गोवा 2037 का संकल्प
Ladakh Police: लद्दाख में संदिग्ध कन्वर्जन रैकेट का खुलासा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 गिरफ्तार
लद्दाख में संदिग्ध कन्वर्जन रैकेट का खुलासा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 गिरफ्तार

वीडियोज

Sansani | Crime News: 'ऑपरेशन भरत तिवारी' का बवाल ! | Bihar Encounter
Maharashtra Politics | Shiv Sena UBT Split: Congress के नाम पर Uddhav Thackeray से 'विद्रोह'
Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei | Janhit: महायुद्ध का चैंपियन कैसे बना ईरान? | Hormuz
Maharashtra Politics |Shiv Sena UBT Split: Uddhav Thackeray के 6 सांसद बागी, कैसे बचेगी पार्टी?
Nitin Gadkari ने Sign की E100 File! क्या 100% Ethanol Cars Practical हैं? #nitingadkari #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अखिलेश यादव की सपा में टूट की अटकलों पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'हवा ऐसी बनी हुई है कि सब...'
अखिलेश यादव की सपा में टूट की अटकलों पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'हवा ऐसी बनी हुई है कि सब...'
बीजेपी के साथ कर्नाटक में डीके शिवकुमार ने किया बड़ा खेल! क्रॉस वोटिंग करवा जीत ली 5 सीटें
बीजेपी के साथ कर्नाटक में डीके शिवकुमार ने किया बड़ा खेल! क्रॉस वोटिंग करवा जीत ली 5 सीटें
पाक कप्तान का बड़ा U-Turn, 39 साल की उम्र में की वापसी; क्रिकेट जगत में मची खलबली
पाक कप्तान का बड़ा U-Turn, 39 साल की उम्र में की वापसी; क्रिकेट जगत में मची खलबली
Free Movies On OTT: 'देऊळ बंद' से रोमांस-हॉरर तक, Zee5 की इन 5 धांसू फिल्मों के हो जाएंगे फैन, एक ने कमाया 470% प्रॉफिट
ओटीटी रिलीज: 'देऊळ बंद' से रोमांस-हॉरर तक, Zee5 की इन 5 धांसू फिल्मों के हो जाएंगे फैन, सब हैं फ्री
यूएस-ईरान की डील टेबल पर नेतन्याहू की गैर-मौजूदगी ने वर्साय पैलेस के 107 साल पुराने जिन्न को किया जिंदा
यूएस-ईरान की डील में नेतन्याहू की गैर-मौजूदगी ने वर्साय पैलेस के 107 साल पुराने जिन्न को किया जिंदा
Explained: बादल, आंधी, तूफान... लेकिन बारिश क्यों नहीं? जून में 42% कम गिरा पानी, कितने गंभीर होंगे नतीजे?
Explained: बादल, आंधी, तूफान... लेकिन बारिश क्यों नहीं? 42% कम बरसात, कितने गंभीर होंगे नतीजे?
इधर यूएस-ईरान की हुई डील, उधर भारत को मिलने जा रही कल बड़ी खुशखबरी! दूर होगी रसोई गैस की किल्लत
इधर यूएस-ईरान की हुई डील, उधर भारत को मिलने जा रही कल बड़ी खुशखबरी! दूर होगी रसोई गैस की किल्लत
‘PM मोदी समिट का फायदा उठाने में रहे नाकाम’, जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस ने दिया बड़ा बयान
‘PM मोदी समिट का फायदा उठाने में रहे नाकाम’, जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस ने दिया बड़ा बयान
Embed widget