एक्सप्लोरर

कर्नाटक सरकार ने मंदिरों में होने वाली सलाम आरती का नाम बदला, जानें क्या हैं इसके मायने?

Karnataka Assembly Election 2023: साल 2023 यानी आने वाले साल में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर बीजेपी ने अभी से कमर कस ली है. मंदिर वाले फैसले को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

Karnataka Elections: कर्नाटक के सभी मंदिरों में होने वाली सलाम आरती को अब से संध्या आरती के नाम से जाना जाएगा. हिंदू मंदिरों की देखरेख करने वाली सर्वोच्च सरकारी संस्था ने शनिवार को 6 महीने पुराने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ऐसे में भले ही वहां पर अभी चुनाव में कुछ महीने बचे हों, लेकिन कर्नाटक की राजनीति गर्माने लग गई है. 

कर्नाटक में शाम को जो मंदिरों में आरती हुआ करती है, उसे अब तक सलाम आरती कहा जाता था. अब उसका नाम बदल कर ‘संध्या आरती’ कर दिया गया है. दरअसल, आने वाले साल में कर्नाटक में विधानसभा के चुनाव होने हैं और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की सरकार अभी से ही तैयारियों में जुट गई है. इसलिए इस फैसले को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है.

कर्नाटक में क्या कुछ हुआ?

हिंदू मंदिरों की देखरेख करने वाली सर्वोच्च सरकारी संस्था ने छह महीने पुराने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसमें टीपू सुल्तान के शासनकाल के समय से फारसी नाम से पुकारे जाने वाली इस परंपरा का नाम बदलकर संस्कृत में रखने की मंजूरी दी गई है. दरअसल वहां के हिन्दू विंग के लोगों का कहना था कि टीपू सुल्तान के शासनकाल में ये नाम उन पर थोपा गया था. सलाम आरती नाम हिन्दू सभ्यता में नहीं है.

राज्य धार्मिक परिषद के सदस्य और विद्वान काशेकोडी सूर्यनारायण भट ने पहले कहा था कि ये नाम टीपू के शासनकाल के दौरान हिंदू मंदिरों पर लाद दिए गए थे. इसलिए इसे हटाया जाना चाहिए और अब चुनाव से कुछ महीनों पहले इस नाम को हटाया जा सकता है. टीपू सुल्तान के शासनकाल के समय से हर दिन शाम 7 बजे ‘सलाम आरती’ आयोजित की जाती थी लेकिन अब इसे बदलने का प्रस्ताव सीएम बसवराज बोम्मई के पास भेजा गया है.

उनकी मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा. इसके बाद केवल मेलकोट में ही नहीं बल्कि कर्नाटक के सभी मंदिरों में आरती का नाम बदलने का एक आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा.

क्या कहती है कर्नाटक की राजनीति?

इस फैसले का कर्नाटक विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है ये समझने के लिए पहले कर्नाटक की राजनीति को थोड़ा समझते हैं. कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटें और 28 लोकसभा सीटें हैं. अगर अभी की बात करें तो जहां लोकसभा में बीजेपी के 25 सांसद हैं वहीं विधानसभा में 117 विधायक हैं. आगामी चुनाव में जातीय समीकरण का अहम योगदान रहने वाला है.

राज्य की कुल जनसंख्या का 17 प्रतिशत आबादी लिंगायत समुदाय है. इस बार चुनाव में लिंगायत समुदाय केंद्र में है. ये समुदाय 100 सीटों के नतीजों को प्रभावित कर सकता है जो किसी भी पार्टी के लिए गेम चेंजर हो सकता है.

साल 1990 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने लिंगायत मुख्यमंत्री वीरेंद्र पाटिल को बर्खास्त कर दिया था तब से परंपरागत रूप से कांग्रेस समर्थक, लिंगायत समुदाय कांग्रेस पार्टी से नाराज था और चुनावों में कांग्रेस ने आज तक का अपना सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया था.

इसके अलावा, हिन्दू विंग्स का कर्नाटक की राजनीति पर अच्छा खासा असर देखने को मिलता है.

ये भी पढ़ें: Karnataka Assembly: कर्नाटक में श्रीराम सेना का एलान, 2023 विधानसभा चुनाव में निर्दलीय लड़ाएंगे 25 उम्मीदवार

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Iran-US War: 'भारत गायब, यह कबूल नहीं', ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भड़की कांग्रेस
'भारत गायब, यह कबूल नहीं', ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भड़की कांग्रेस
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला; राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई सांसदों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, रॉउज एवन्यू कोर्ट की कार्यवाही पर रोक
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला; राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई सांसदों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत
‘सिर्फ खुद की तारीफ, कायरता और पक्षपात से भरा’, लोकसभा में दिए PM मोदी के भाषण पर भड़की कांग्रेस
‘सिर्फ खुद की तारीफ, कायरता और पक्षपात से भरा’, लोकसभा में दिए PM मोदी के भाषण पर भड़की कांग्रेस
Assam Elections 2026: जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, BJP पर तीखा हमला
जोरहाट में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, गौरव गोगोई के नामांकन में आए 12,000 समर्थक, BJP पर तीखा हमला

वीडियोज

Sansani: महायुद्ध में हमले का बदलता खेल ! | Iran-israel War | Donald Trump | ABP news
Viral Video: चाट खाने से पहले सावधान! वीडियो ने उड़ाए होश | ABP News
Chitra Tripathi: US की 'एपिक फ्यूरी' या Trump की 'ब्लाइंड फ्यूरी'? | Iran Israel War | America
Bharat Ki Baat: क्या ईरान के वार से पीछे हटा अमेरिका? | Iran Attack on US-Israel War | Trump
Sandeep Chaudhary: ईरान की जीत..ट्रंप ने टेके घुटने? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण| Iran-US-Israel War

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा पाकिस्तान! आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से की बात
ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा पाकिस्तान! आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से की बात
IPS अंशिका वर्मा की शादी का कार्ड वायरल, IPS कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ लेंगी सात फेरे
IPS अंशिका वर्मा की शादी का कार्ड वायरल, IPS कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ लेंगी सात फेरे
'अमेरिका के खिलाफ उन्होंने एक भी शब्द बोला?', मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में PM मोदी के बयान पर राहुल गांधी ने पूछा
'अमेरिका के खिलाफ उन्होंने एक भी शब्द बोला?', मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में PM मोदी के बयान पर राहुल गांधी ने पूछा
Dhurandhar 2 Vs Ustaad Bhagat Singh: पांचवें दिन 'धुरंधर 2' के सामने फेल बुरी तरह फेल हुई 'उस्ताद भगत सिंह', जानें बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
पांचवें दिन 'धुरंधर 2' के सामने फेल बुरी तरह फेल हुई 'उस्ताद भगत सिंह', जानें बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
IPL में सबसे ज्यादा ऑरेंज कैप किसने जीती? देखें विराट-रोहित ने कितनी बार किया ये कारनामा
IPL में सबसे ज्यादा ऑरेंज कैप किसने जीती? देखें विराट-रोहित ने कितनी बार किया ये कारनामा
Crude Oil Price: सस्ता और महंगा क्यों होता है क्रूड ऑयल, जानें पर्दे के पीछे कौन चलाता है पूरा सिस्टम?
सस्ता और महंगा क्यों होता है क्रूड ऑयल, जानें पर्दे के पीछे कौन चलाता है पूरा सिस्टम?
Type 1 Diabetes And Memory Loss: टाइप 1 डायबिटीज है तो पढ़ लें यह रिसर्च, मेमोरी लॉस होने का बड़ा खतरा
टाइप 1 डायबिटीज है तो पढ़ लें यह रिसर्च, मेमोरी लॉस होने का बड़ा खतरा
दुकानदार नहीं बदल रहा घटिया सामान, उपभोक्ता फोरम में ऐसे कर सकते हैं शिकायत
दुकानदार नहीं बदल रहा घटिया सामान, उपभोक्ता फोरम में ऐसे कर सकते हैं शिकायत
Embed widget