उत्तर में महागठबंधन पर वार तो वहीं दक्षिण में बीजेपी खुद महागठबंधन भरोसे
उत्तर भारत में जिस महागठबंधन पर बीजेपी लगातार वार करती दिख रही है. बीजेपी के तमाम नेता अपनी रैलियों में महागठबंधन पर हमला करते दिखे हैं. लेकिन दक्षिण भारत में बीजेपी खुद महागठबंधन के भरोसे अपनी नैया पार लगाने की उम्मीद कर रही है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कांचीपुरम में आज अलग अलग परियोजनाओं की आधारशिला रखी. साथ ही कांचीपुरम में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया. तमिलनाडु में लोकसभा की कुल 39 सीटें है और पांडिचेरी की 1 सीट है. इन चालीस सीटों को जीतना किसी भी पार्टी के लिए अहम हो जाता है.
उत्तर भारत में जिस महागठबंधन पर बीजेपी लगातार वार करती दिख रही है. बीजेपी के तमाम नेता अपनी रैलियों में महागठबंधन पर हमला करते दिखे हैं. लेकिन दक्षिण भारत में बीजेपी खुद महागठबंधन के भरोसे अपनी नैया पार लगाने की उम्मीद कर रही है. तमिलनाडु के 39 और पुदुचेरी कि एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए एनडीए का कुनबा तैयार हैं जो कि हर दिन के साथ बढ़ रहा है.
दरअसल अभी तक बीजेपी के साथ, एआईएडीएमके, पीएमके आ चुके हैं. जिसमें बीजेपी 5 सीटों पर तो पीएमके 7 सीटों पर, पुदिय तमिलगम 1 और न्यू जस्टिस पार्टी 1, एनआर कांग्रेस 1. वहीं डीएमडीके और टीएमसी (तमिल मानिला कांग्रेस) के भी जल्द साथ आने की खबर है. जिसके लिए पार्टियों के बीच बातचीत जारी है. सूत्रों की माने तो डीएमडीके को 7 और टीएमसी को 1 सीट दी जा सकती है. यानी इस आधार पर एआईएडीएमके 20 सीटों पर लड़ सकती है.
वहीं अगर विपक्षी खेमे पर नजर डाले तो, डीएमके ने कांग्रेस को 10 सीटें, सीपीआई(एम) को 2 और सीपीआई को 2, एमडीएमके को 2, केडीएमके 1, आईजेके 1, आईयूएमएल को 1 सीट दी गई है. सूत्रों के मुताबिक वीसीके भी डीएमके के चिन्ह के तहत चुनाव लड़ सकती है जिसे डीएमके 2 सीटें दे सकती है.
साफ है तमिलनाडु में सत्ता और विपक्ष दोनों ने है अपने कुनबे भर दिए है और रणनीति तैयार की जा चुकी है. दोनों पार्टियां एक दूसरे को कमज़ोर गठबंधन बता रहे हैं लेकिन एक दिल्ली की सत्ता के लिए तमिलनाडु की 39 और पुदुचेरी के 1 सीट यानी ये 40 सीटें बहुत ही महत्वपूर्ण है. यहीं कारण है कि बीजेपी इस राज्य में पूरा ज़ोर लगा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक के बाद एक रैली का संबोधन और साथ ही 40 दिनों के भीतर 4 रैलियां ये संकेत देती है कि बीजेपी को हर हाल में इस राज्य में अपने इस महागठबंधन को बचाना है और जीताना है. बता दें कि 2014 के लोक सभा चुनाव में तमिलनाडु की 39 सीटों में जयललिता के रहते एआईएडीएमके ने बिना किसी गठबंधन के 37 सीटें जीती थीं जबकि एनडीए ने 2 सीटें मिली थी, एक पीएमके और एक बीजेपी को मिली थी. उस वक़्त डीएमके और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था. वहीं पुदुचेरी की सीट ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने जीती थी.
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Source: IOCL
























