बिहार: फिलहाल नीतीश कुमार से अलग नहीं होंगे चिराग पासवान लेकिन...
शनिवार को हुई बैठक में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार से समर्थन वापस लेने का एलान तो नहीं किया लेकिन भविष्य में समर्थन वापस लेने की संभावना के संकेत दिए.

पटना: बिहार में चिराग पासवान और नीतीश कुमार के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ती जा रही है. शनिवार को चिराग पासवान ने अपनी पार्टी एलजेपी की आपात बैठक बुलाई थी. कहा जा रहा था कि वे इस बैठक के बाद नीतीश कुमार से समर्थन वापस लेने का एलान कर सकते हैं लेकिन ऐसी कोई घोषणा उनकी तरफ से नहीं की गई. हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ अपने रुख में सख्ती.
शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पार्टी के राज्य मुख्यालय में झंडा फहराने के बाद के बाद चिराग पासवान ने हालांकि संकेत दिया कि निकट भविष्य में समर्थन वापस लेने संबंधी किसी कदम की संभावना है क्योंकि वह एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, उन्होंने तत्काल समर्थन वापसी की घोषणा नहीं की.
पार्टी के सूत्रों ने कहा कि चिराग ने अपने भाषण में बीजेपी नीत एनडीए से अलग होने की अटकलों को खारिज किया और जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति एलजेपी की निष्ठा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेडीयू की तुलना में 'गहरी' है.
भ्रष्टाचार, कानून एवं व्यवस्था, आर्थिक विकास और कोविड-19 महामारी से निपटने के मुद्दों पर बिहार सरकार पर अपने हमलों का बचाव करते हुए एलजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 15 साल बनाम 15 साल के आधार पर लगातार चौथे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ने की नीतीश कुमार की कोशिश में 'गहरा दोष' है.
चिराग पासवान के जेडीयू और नीतीश कुमार पर हमले के बाद जेडीयू ने भी पलटवार किया था. जेडीयू के सीनियर नेता और लोकसभा सांसद ललन सिंह ने चिराग पासवान को कालीदास बता दिया था. उन्होंने कहा था कि चिराग पासवान जिस डाली पर बैठते हैं उसी को काटते हैं.
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