एक्सप्लोरर

Bengal Hindutva Politics: RSS की 2 लाख बैठकें, अमित शाह ने बनाया ठिकाना... कैसे 83 साल बाद बंगाल में लौटी हिंदुत्व की राजनीति?

Bengal Hindutva Politics: बंगाल के चुनावी नतीजे ऐतिहासिक चक्र पूरा होने की निशानी है. 1941 में शुरू हुई हिंदुत्व की राजनीति न सिर्फ लौटी, बल्कि पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता के शिखर पर पहुंची है.

1941 में फजलुल हक के नेतृत्व में कृषक प्रजा पार्टी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हिंदू महासभा ने मिलकर 'प्रोग्रेसिव कोएलिशन' की सरकार बनाई थी. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस सरकार में वित्त मंत्री बने. यह सरकार 1943 तक चली और हिंदू-मुस्लिम एकता का एक प्रयोग थी. इसके बाद बंगाल में कांग्रेस, वाममोर्चा और TMC की सत्ता रही. अब 2026 में बीजेपी की जीत के साथ 83 साल बाद फिर से हिंदुत्व की राजनीति सत्ता में लौटी है. यह क्या कमाल करेगी और फायदा क्या है?

इतने लंबे वक्त के बाद हिंदुत्व की राजनीति की वापसी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई सामाजिक-राजनीतिक वजहों का नतीजा है. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस सपने को PM मोदी ने ‘आत्मा की शांति’ बताया. इसकी वजहें:

  • हिंदू वोटों का ऐतिहासिक ध्रुवीकरण: यह बीजेपी की जीत का सबसे अहम स्तंभ रहा. पार्टी ने जातिगत और क्षेत्रीय पहचानों से ऊपर उठकर हिंदू मतदाताओं को एक बड़े चुनावी गठबंधन के रूप में एकजुट किया. 2021 से 2026 के बीच बीजेपी का वोट शेयर 7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि TMC का लगभग इतना ही गिरा. राज्य का हर दसवां हिंदू मतदाता TMC से हटकर बीजेपी के पाले में आ गया. बीजेपी नेता सुवेंदु ज्यादाारी ने भी कहा कि 'हिंदू महिलाओं और आदिवासी समुदायों' से मिले मजबूत समर्थन ने इस जीत का आधार तैयार किया.
  • RSS का जमीनी अभियान: यह बदलाव महज चुनावी रणनीति का नहीं, बल्कि RSS के दशकों के सामाजिक अभियान का नतीजा है. संघ ने पारंपरिक जातीय विभाजनों को खत्म कर एक साझा हिंदू चेतना विकसित की. इसके लिए 243 विधानसभा क्षेत्रों में 2 लाख से ज्यादा 'लोकमत परिष्कार' बैठकें कीं, जिसमें 14 सहयोगी संगठनों ने हिस्सा लिया. रामनवमी जैसे त्योहारों को सामूहिक पहचान बनाया गया और चुनाव को 'बंगाली हिंदुओं के लिए अस्तित्व की लड़ाई' बताया.
  • बाहरी परिस्थितियों का प्रभाव: बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों और जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव से उपजी आशंकाओं ने सीमावर्ती जिलों में एक गहरी असुरक्षा की भावना पैदा की. इसने हिंदू मतदाताओं को और भी मजबूती से बीजेपी के पक्ष में एकजुट करने का काम किया.

बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति पर हिंदुत्व का असर क्या होगा?

बंगाल की सांस्कृतिक दिशा में बदलाव

एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीजेपी की यह जीत दर्शाती है कि उसका हिंदी पट्टी वाला हिंदुत्व अब बंगाली हिंदू मानस पर हावी हो गया है. यह TMC पर उस हमले की सफलता को भी दिखाता है जिसमें पार्टी पर 'हिंदू-विरोधी' और 'तुष्टीकरण' की राजनीति करने का आरोप लगाया गया था. पूर्वी भारत में बीजेपी के हिंदुत्ववादी प्रोजेक्ट का यह अंतिम बड़ा गढ़ था. इसके गिरने से राज्य की सांस्कृतिक और राजनीतिक दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी.

राष्ट्रीय राजनीति और संघीय ढांचे पर दबाव

इस जीत के साथ, बिहार, ओडिशा और असम के बाद अब बंगाल में भी बीजेपी का शासन होगा, जिससे PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का 'मिशन ईस्ट' पूरी तरह कामयाब हो जाएगा. राष्ट्रीय स्तर पर इस जीत को हिंदुत्ववादी परियोजना के केंद्रीकरण के एजेंडे के लिए एक बड़ी मजबूती के रूप में देखा जाएगा. यह जीत 'हिंदू वोट समेकन' को एक ऐसे सफल चुनावी मॉडल के रूप में पहचान देती है जो अन्य राज्यों में भी बीजेपी के लिए रास्ता खोल सकता है.

नागरिकता और जनसांख्यिकी पर बहस का नया दौर

चुनाव के दौरान मतदाता सूचियों के SIR के तहत 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए. अमित शाह के घुसपैठियों को बंगाल की धरती से हटाने वाले बयानों ने नागरिकता और अवैध प्रवासन के मुद्दे को तूल दे दिया. जो आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का केंद्र बिंदु होगा.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

उदयनिधि स्टालिन की हिरासत पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- पूछताछ के बाद...
उदयनिधि की हिरासत पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- 'पूछताछ के बाद रिहा कीजिए'
Parliament Monsoon Session LIVE: केजरीवाल ने PM आवास की ओर शुरू किया मार्च, पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे
LIVE: केजरीवाल ने PM आवास की ओर शुरू किया मार्च, पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे
एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुआ टर्बुलेंस, तेज झटकों से घायल हुए 12 यात्री
एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुआ टर्बुलेंस, तेज झटकों से घायल हुए 12 यात्री
Meta की ग्लोबल टीम को मोदी सरकार ने किया तलब, कहा- 'ये तय करें कि...'
Meta ग्लोबल टीम को सरकार ने किया तलब, PM के पोस्ट का उठेगा मुद्दा?
Advertisement

वीडियोज

Ramayana पर बढ़ा विवाद, Shri Ramlila Mahasangh ने दी चेतावनी, Preview Screening की रखी मांग
London में Shah Rukh Khan का नया लुक वायरल, क्या King का First Look गलती से हुआ Reveal?
Jharkhand Students Protest: झारखंड में JPSC-JSSC पर बड़ा बवाल! अभिजीत दीपके की एंट्री ABPLIVE
Sansani: स्कूल में Murder से सनसनी! Lady Teacher का कातिल कौन?
Baba Bageshwar Dham | Dhirendra Krishna Shastri: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ट्रंप ने तोड़ा शहबाज-मुनीर का दिल, ईरान वार्ता में सऊदी-UAE-कतर का नाम, PAK को भूले
ट्रंप ने तोड़ा शहबाज-मुनीर का दिल, ईरान वार्ता में सऊदी-UAE-कतर का नाम, PAK को भूले
कांग्रेस विधायक ने कहा- पंकजा मुंडे बीजेपी छोड़ें, CM बना देंगे
कांग्रेस विधायक ने कहा- पंकजा मुंडे बीजेपी छोड़ें, CM बना देंगे
पति स्टालिन के लिए पुलिस से भिड़ीं किरुथीगा, बोलीं- वो टॉयलेट...
पति स्टालिन के लिए पुलिस से भिड़ीं किरुथीगा, बोलीं- वो टॉयलेट...
उतरा हेलमेट, निकला ‘थाला’, 45 की उम्र में सुपरबाइक दौड़ाते दिखे धोनी 
उतरा हेलमेट, निकला ‘थाला’, 45 की उम्र में सुपरबाइक दौड़ाते दिखे धोनी 
Spider Man BO: मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ की रही धूम, शानदार हुई कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ ने शानदार की कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
Meta की ग्लोबल टीम को मोदी सरकार ने किया तलब, कहा- 'ये तय करें कि...'
Meta ग्लोबल टीम को सरकार ने किया तलब, PM के पोस्ट का उठेगा मुद्दा?
Xप्लेन: दतिया में हार की वजह नरोत्तम मिश्रा हुए तो क्या बीजेपी देगी राजेंद्र भारती जैसी सजा?
दतिया में हार की वजह नरोत्तम मिश्रा हुए तो क्या बीजेपी देगी राजेंद्र भारती जैसी सजा?
पटना: CM आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ता, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े
पटना: CM आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ता, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े
Embed widget