एक्सप्लोरर

अयोध्या विवादः 40 दिनों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, जानें- पहली बार कब हुआ था विवाद

साल 1934 में विवादित जमीन को लेकर हिंसा भड़की थी. इस दौरान मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया था. जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने तब इसकी मरम्मत करवाई थी.

नई दिल्लीः अयोध्या मामले को लेकर पिछले 40 दिनों से जारी सुनवाई आज पूरी हो गई. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया. पांच जजों की बेंच के समक्ष सभी पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं. कोर्ट ने तय समय से एक घंटा पहले सुनवाई पूरी कर ली. माना जा रहा है कि 23 दिन बाद इसका फैसला आ जाएगा. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ओर से किसी तारीख का एलान नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई दशकों से जारी इस विवाद का अंत हो सकता है.

ऐसा नहीं कि यह मुद्दा हाल फिलहाल में उठा हो. कई साल पहले जब देश में अंग्रेजों का शासन था तब उस वक्त साल 1813 में हिंदू संगठनों ने विवादित जमीन पर मंदिर होने का दावा किया था. ब्रिटिश सरकार ने साल 1859 में विवादित जगह को तार से घेर दिया था.

साल 1885 में पहली बार मंदिर बनाने की अनुमति मांगी

अंग्रेजों की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद साल 1885 में पहली बार महंत रघुबर दास ने ब्रिटिश शासन के दौरान ही अदालत में याचिका देकर मंदिर बनाने की अनुमति मांगी थी.

हिंदू संगठनों का दावा है कि साल 1526 में जब बाबर आया तो उसने राम मंदिर को तुड़वाकर ही मस्जिद का निर्माण कराया था. उसी के नाम पर बनाई गई इस मस्जिद को बाबरी मस्जिद के नाम से जाना गया.

साल 1934 में पहली बार गिराया गया था ढांचा

साल 1934 में विवादित जमीन को लेकर हिंसा भड़की थी. इस दौरान मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया था. जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने तब इसकी मरम्मत करवाई थी. साल 1949 को हिंदुओं ने विवादित जमीन पर रामलला की प्रतिमा रखकर पूजा शुरू कर दी.

आजाद भारत में ऐसे बना बड़ा मुद्दा

साल 1950 में फैजाबाद की अदालत से गोपाल सिंह विशारद नाम के एक व्यक्ति ने रामलला की पूजा-अर्चना करने के लिए विशेष अनुमति मांगी. साल 1959 में निर्मोही अखाड़े ने विवादित जमीन को उसे ट्रांसफर करने और दिसंबर 1961 में उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक के लिए मुकदमा दायर कर दिया.

अयोध्या विवादः 40 दिनों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, जानें- पहली बार कब हुआ था विवाद

साल 1984 में विश्व हिंदू परिषद ने बाबरी मस्जिद के ताले खोलने, राम जन्मभूमि को स्वतंत्र कराने और विवादित स्थल पर विशाल मंदिर निर्माण के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू किया. इस दौरान देशभर में जगह-जगह प्रदर्शन किए गए. वीएचपी को बीजेपी का साथ मिला. दोनों ने मिलकर इस मुद्दे को हिंदू अस्मिता के साथ जोड़ा और संघर्ष शुरू किया.

बाबरी एक्शन कमेटी 1986 में बनाई गई

इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी. साल 1986 में फैजाबाद जिला जज की ओर से पूजा की इजाजत दी गई. हालांकि, इससे नाराज मुस्लिम पक्ष ने बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी गठित करने का फैसला लिया.

इसके बाद 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने भारी संख्या में अयोध्या पहुंचकर मस्जिद को ढहा दिया. जिसके बाद देश भर में हिंसा भड़की, सांप्रदायिक दंगे हुए. इस दौरान अस्थाई राम मंदिर भी बनाया गया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साल 2002 में सुनवाई शुरू की

अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर साल 2002 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की. इसके बाद साल 2003 में हाईकोर्ट से मिले आदेश के बाद पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने विवादित स्थल पर खुदाई की. विभाग ने दावा किया कि मस्जिद की खुदाई में विवादित ढांचे के नीचे मंदिर के अवशेष होने के प्रमाण मिले हैं.

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

साल 2011 में मामले की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने विवादित क्षेत्र को रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला सुना दिया. यह फैसला सभी पक्षों को स्वीकार नहीं था. जिसके बाद साल 2011 में हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई.

मध्यस्थता के सारे प्रयास विफल रहे

साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई शुरू हुई. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट से भेजे गए दस्तावेजों का अनुवाद नहीं हो पाने के कारण यह मामला टलता रहा. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में मध्यस्थता की पेशकश की, जो विफल रही. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2019 से रोजाना सुनवाई कर जल्द से जल्द मामले का निपटारा करने की बात कही.

Live Story Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट में पूरी हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित रखा

राम मंदिर पर सुनवाई पूरी! अब आगे क्या? | ABP Uncut Explainer

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने में जिस 'दोस्त' ने की मदद, पीएम मोदी के पास अब आया उसका फोन, जानें क्या हुई बात
ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने में जिस 'दोस्त' ने की मदद, पीएम मोदी के पास अब आया उसका फोन, जानें क्या हुई बात
Bengaluru Triple Murder Case: प्रेमी के लिए बेटी बनी कातिल! माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारकर फरार, पुडुचेरी से गिरफ्तारी
प्रेमी के लिए बेटी बनी कातिल! माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारकर फरार, पुडुचेरी से गिरफ्तारी
Telangana Politics: काम करो या पद छोड़ो!
काम करो या पद छोड़ो!" SIR पर रेवंत रेड्डी का सख्त फरमान, 10 दिन में नेताओं की होगी परीक्षा
टल गया बड़ा हादसा, अहमदाबाद में रनवे पर दो विमान आए आमने-सामने, एयर इंडिया ने मानी गलती
टल गया बड़ा हादसा, अहमदाबाद में रनवे पर दो विमान आए आमने-सामने, एयर इंडिया ने मानी गलती

वीडियोज

Ram Mandir Donation Scam | Investigation | Ayodhya: SIT की Report में क्या है?
Ram Mandir Donation Theft | Janhit: राम मंदिर चंदा 'चंपत' करने वाले चंपत राय हैं?
Bilauti Mahapanchayat | Bharat Tiwari Encounter: एनकाउंटर फर्जी या असली? | Bihar | Samrat Chaudhary
Ram Mandir Donation Theft | Akhilesh Yadav | Sandeep Chaudhary: राम नाम की लूट, किसने दी छूट?
Ram Mandir Donation Scam |Abp Report:1 श्रद्धालु, सिर्फ 15 रुपये दान? गले नहीं उतरी ट्रस्ट की कहानी!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Bengaluru Triple Murder Case: प्रेमी के लिए बेटी बनी कातिल! माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारकर फरार, पुडुचेरी से गिरफ्तारी
प्रेमी के लिए बेटी बनी कातिल! माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारकर फरार, पुडुचेरी से गिरफ्तारी
दिल्ली में मिलने लगे मानसून की दस्तक के संकेत, आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
दिल्ली में मिलने लगे मानसून की दस्तक के संकेत, आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
क्या पाकिस्तान को T20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे नहीं मिलेगा मौका? समझिए ICC के नियम
क्या पाकिस्तान को T20 वर्ल्ड कप 2028 में सीधे नहीं मिलेगा मौका? समझिए ICC के नियम
होमी अदजानिया की 'कॉकटेल 2' ने बनाया दीवाना? तो ओटीटी पर देख डालें निर्देशक की ये शानदार फिल्में-सीरीज
होमी अदजानिया की 'कॉकटेल 2' ने बनाया दीवाना? तो ओटीटी पर देख डालें निर्देशक की ये शानदार फिल्में-सीरीज
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
जहां कभी था हजारों का बसेरा, आज दूर-दूर तक सन्नाटा है पसरा; आखिर कैसे वीरान हुए ये खूबसूरत शहर?
जहां कभी था हजारों का बसेरा, आज दूर-दूर तक सन्नाटा है पसरा; आखिर कैसे वीरान हुए ये खूबसूरत शहर?
Soundbar या Soundbase... दोनों में क्या अंतर और कैसे करते हैं काम, टीवी के लिए कौन बेस्ट?
Soundbar या Soundbase... दोनों में क्या अंतर और कैसे करते हैं काम, टीवी के लिए कौन बेस्ट?
Embed widget