जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम का ऑडियो क्लिप हुआ वायरल, कहा- अच्छे दिन आएंगे
जोधपुर सेंट्रल जेल के डीआईजी विक्रम सिंह के मुताबिक, आसाराम की शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान 15 मिनट की यह ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड की गई होगी.

जोधपुर: जोधपुर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम का एक कथित ऑडियो क्लिप ऑनलाइन वायरल हो रहा है. वायरल क्लिप में आसाराम फोन पर एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि जेल में वह थोड़े समय रहेगा और अच्छे दिन आएंगे. जोधपुर सेंट्रल जेल के डीआईजी विक्रम सिंह के मुताबिक, आसाराम की शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान 15 मिनट की यह ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड की गई होगी. इससे दो दिन पहले ही जोधपुर की एक अदालत ने पांच साल पहले आसाराम को आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने का दोषी ठहराया था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
बता दें कि जेल अधिकारियों की अनुमति से फोन किया गया था. विक्रम सिंह ने कहा, "कैदियों को एक महीने में 80 मिनट के लिए उनके माध्यम से दिए गए दो नंबरों पर फोन करने की अनुमति दी जाती है. उसने शुक्रवार को शाम साढे छह बजे साबरमती आश्रम के एक साधक से बात की. हो सकता है कि तब यह बातचीत रिकॉर्ड की गई हो और वायरल हो गई हो."
टेलीफोन पर यह बातचीत उपदेश जैसी लग रही है. इस एकतरफा बातचीत में आसाराम अपने समर्थकों को शांति बनाए रखने और फैसले के लिए जोधपुर ना आने के लिए आभार जता रहा है. साथ ही वह ऑडियो क्लिप में कथित रूप से कह रहा है, हमें कानून एवं व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए, मैंने भी यही किया. उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम को बदनाम करने का अभियान चला रखा है और वे इस पर कब्जा करना चाहते हैं. ऐसे उकसाने वाली बातों या आश्रम के लेटर हेड पर जो कुछ भी लिखा जा रहा है उससे बहक ना जाएं.
सह आरोपी शिल्पी और शरद का जिक्र करते हुए आसाराम ने कहा कि वह जेल से सबसे पहले उनकी रिहाई का बंदोबस्त करेगा क्योंकि यह माता-पिता का कर्तव्य है कि वे पहले अपने बच्चों के बारे में सोचें. शिल्पी और शरद को विशेष अदालत से 20 साल जेल की सजा मिली है.
आसाराम ने यह भी कहा, अगर शिल्पी और शरद की रिहाई के लिए और वकीलों की जरुरत पड़ी तो वो भी किया जाएगा. इसके बाद बापू जेल से बाहर आएगा. अगर निचली अदालत में कोई गलती हुई है तो उसे सुधारने के लिए ऊपरी अदालतें हैं. सच छिपता नहीं है और झूठ के पैर नहीं होते. जो भी आरोप हैं वे फालतू हैं. बातचीत के अंत में वह शरद से बात करने के लिए कहता है तो बोलता है कि जेल में चिंता की कोई बात नहीं है.
Source: IOCL























