एक्सप्लोरर
दिल्ली हिंसा: केजरीवाल, मनोज तिवारी और सुभाष चोपड़ा ने एक सुर में शांति बहाली की अपील की
नागरिकता कानून को लेकर पिछले ढाई महीने से दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन चल रहे हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा, मौजपुर, सीलमपुर में हिंसा बढ़ गई.

नई दिल्ली: दिल्ली में सीएए के विरोध के बीच पहली बार बीजेपी आप और कांग्रेस के नेता एक साथ सामने आए और दिल्ली में चल रही हिंसा को रोकने की अपील की. तीनों पार्टियों ने कहा कि दिल्ली हमारी है और लोग भी हमारे हैं. हर हाल में दिल्ली में शांति का माहौल रहना चाहिए.
दरअसल दिल्ली में हिंसा के बाद गृहमंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा एक साथ मीडिया के सामने आए. अरविंद केजरीवाल ने कहा हिंसा बढ़ेगी तो उसका किसी को फायदा नहीं है. गृह मंत्री ने बैठक बुलाई थी. सकारात्मक बैठक हुई है. राजनीति से ऊपर उठकर सब ने तय किया कि यह दिल्ली का मामला है और सभी राजनीतिक दल मिलकर दिल्ली में शांति बहाल करने के लिए प्रयास करेंगे. गृहमंत्री ने आश्वासन दिया है कि पुलिस की कोई कमी नहीं होने देंगे हम सब मिलकर काम करेंगे. आर्मी बुलाने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो वह देखेंगे. कई पुलिसवाले घायल हैं. पुलिस वाले अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं.
ऐसा लग रहा था की पुलिस की कुछ कमी नजर आ रही थी, लेकिन गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि कोई पुलिस की कमी महसूस होने नहीं देंगे और जो भी जरूरत पड़ेगी वह मुहैया कराया जाएगा और सभी लोग पार्टी पॉलिटिक्स से उठकर दिल्ली में शांति बहाल करने के लिए काम करेंगे. इस दौरान मनोज तिवारी ने कहा कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई थी. हमारे मुख्यमंत्री केजरीवाल भी थे. हम सब ने यह निर्णय लिया है कि शांति बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और सब लोग मिलकर के जैसा कि अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर अपने दिल्ली के लिए शांति व्यवस्था बनाने के लिए काम करेंगे. सुभाष चोपड़ा ने भी सुर मिलाते हुए कहा कि दिल्ली में शांति होनी चाहिए. इसके लिए जो भी बन पड़े वो करना चाहिए. कांग्रेस हमेशा से शांति स्थापित करने के लिए सरकार के साथ है.
ये भी पढ़ें-
और पढ़ें






















