GHMC अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान टकराव, AIMIM नेता रहमत बेग पर केस, साहिल अकबर को भेजा गया जेल
हैदराबाद के चारमीनार जोन में GHMC के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान AIMIM नेताओं ने विरोध किया. पुलिस से धक्का-मुक्की करने पर कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

हैदराबाद में GHMC के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस और AIMIM नेताओं के बीच टकराव का मामला सामने आया है. घटना के बाद पुलिस ने AIMIM के MLC रहमत बेग के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि साहिल अकबर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
हैदराबाद के चारमीनार जोन में चल रहे ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब AIMIM के MLC रहमत बेग और उनके समर्थकों का पुलिस के साथ आमना-सामना हो गया. जानकारी के अनुसार GHMC की टीम लाड बाजार से पुरानापुल रोड तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी.
अतिक्रमण हटाने का AIMIM नेताओं ने किया विरोध
इस दौरान कुल 52 अतिक्रमण हटाए गए, जिनमें 17 स्थायी और 35 अस्थायी ढांचे शामिल थे. इसी कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और AIMIM नेताओं ने विरोध जताया, जिससे माहौल गरमा गया. पुलिस के अनुसार इस दौरान स्थिति तब बिगड़ी जब कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया. चारमीनार थाने के कॉन्स्टेबल धीरज तिवारी की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है.
कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज
तिवारी ने आरोप लगाया कि रहमत बेग, साहिल अकबर और अन्य लोगों ने उन्हें कॉलर पकड़कर धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया. घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घांसी बाजार डिवीजन के इंचार्ज और पूर्व कॉरपोरेटर साहिल अकबर को गिरफ्तार कर लिया. सोमवार 5 अप्रैल को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. रहमत बेग और अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
दूसरी ओर AIMIM के नेताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि GHMC की कार्रवाई जल्दबाजी में की जा रही थी और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया. उनका आरोप है कि प्रशासन ने संवाद के बजाय सख्ती का रास्ता अपनाया.
फिलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी ड्यूटी में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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Source: IOCL


























