गुलाम नबी आजाद के बयान पर ओवैसी का निशाना, कहा- वे कांग्रेस के लिए बेकार हो गए हैं

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एआईएमएआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने काग्रेस के वरिष्ट नेता गुलाम नबी आजाद पर पलटवार किया है. ओवैसी ने कहा है कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस में निराश हैं. उनके बयान से साफ पता चलता है कि वह कैसे अपनी ही पार्टी में गैरजरूरी हो गए हैं. भारत के मुसलमानों को लिए यह एक संदेश है कि वह कांग्रेस के लिए वोट न करें.''
It's a reflection of his party's ethos. It's a clear message on how he feels frustrated&is irrelevant in his party. It's a clear message to Indian Muslims that we shouldn't vote for Congress:A Owaisi on GN Azad's statement 'Hindu brothers don't invite him for campaigning anymore' pic.twitter.com/dAPutwJNru
— ANI (@ANI) October 18, 2018
बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने शिकायत की थी कि अब वक्त बदल गया है और उन्हें अपने कार्यक्रम में बुलाने वाले हिंदू भाइयों और नेताओं की संख्या घट गई है. गुलाम नबी आजाद ने कहा था, ''बीते चार सालों में मैंने पाया है कि अपने कार्यक्रमों में बुलाने वाले जो 95 फीसदी हिंदू भाई और नेता हुआ करते थे, अब उनकी संख्या घटकर महज 20 फीसदी रह गई है."
गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि वो जब यूथ कांग्रेस में थे, तब से ही अंडमान-निकोबार से लेकर लक्षद्वीप तक, देशभर के कोने-कोने में कैंपेन के लिए जाते रहे हैं और उन्हें बुलाने वालों में 95 फीसदी हिंदू भाई और नेता हुआ करते थे, जबकि सिर्फ 5 फीसदी ही मुसलमान उन्हें अपने कार्यक्रमों में बुलाया करते थे. अपना दुख व्यक्त करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता आजाद कहते हैं कि ऐसा होना ये बताता है कि कुछ गलत हो रहा है. वो कहते हैं, ''आज मुझे बुलाने से आदमी डरता है कि इसका वोटर पर क्या असर होगा?''
दरअसल, गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान से उस सोच को बल देने की कोशिश की है कि केंद्र की मोदी सरकार के दौर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दूरियां बढ़ी हैं और सांप्रदायिक माहौल खराब हुए हैं.
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