Maharashtra Politics: विश्वास मत हासिल करने के बाद बोले सीएम एकनाथ शिंदे, कहा- लंबे समय तक दबाया गया मुझे
Eknath Shinde: महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि उन्हें लंबे समय तक दबाया गया, जिस वजह से वह बगावत को मजबूर हुए.

Eknath Shinde in Maharashtra Assembly: उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली शिवसेना (Shiv Sena) के साथ अपने पुराने जुड़ाव के स्पष्ट संदर्भ में महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) ने सोमवार को कहा कि उन्हें लंबे समय तक दबाया गया था और उनके नेतृत्व में विद्रोह उनके साथ किए गए अनुचित व्यवहार का नतीजा था. एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र विधानसभा में उनके नेतृत्व वाली नवगठित सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद अपने भाषण में कहा, “आज की घटनाएं सिर्फ एक दिन में नहीं हुईं.”
पिछले महीने शिवसेना विधायकों के एक गुट के साथ शुरू हुई शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की बगावत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के पतन के रूप में खत्म हुई. शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. उनके साथ देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.
मुझे लंबे समय तक दबाया गया: एकनाथ
उन्होंने कहा, “जब मैं यहां चुनाव के लिए आया था, तो इस सदन में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देखा कि मेरे साथ कैसा व्यवहार किया गया. मुझे लंबे समय तक दबाया गया. सुनील प्रभु (उद्धव ठाकरे गुट से शिवसेना विधायक) भी गवाह हैं.” पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का हवाला देते हुए, शिंदे ने कहा कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता ने उन्हें बताया था कि तीन दलों वाले महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के गठन के बाद शिवसेना में एक “दुर्घटना” हुई है. एमवीए सरकार नवंबर 2019 में सत्ता में आई थी.
उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
बिना नाम लिए, शिंदे ने उद्धव ठाकरे के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उन्हें महा विकास आघाड़ी के गठन से पहले सूचित किया था कि कांग्रेस और एनसीपी के नेता शिंदे के तहत काम करने के इच्छुक नहीं हैं. शिंदे ने स्पष्ट रूप से उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा, “लेकिन एमवीए सरकार बनने के बाद, अजीत पवार ने मुझसे कहा कि आपकी ही पार्टी (शिवसेना) में दुर्घटना हुई है. हम आपके मुख्यमंत्री बनने के खिलाफ कभी नहीं थे.”
फ्लोर टेस्ट में मिला 164 विधायकों का समर्थन
एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने यह भी दावा किया कि जब बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shiv Sena) गठबंधन सत्ता में था, तो उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री पद का वादा किया गया था. उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री (और बीजेपी नेता) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने मुझसे कहा था कि मुझे जल्द ही एक अच्छा पद मिलेगा.” सोमवार को एक विशेष सत्र में 288 सदस्यीय सदन में 164 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया.
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Source: IOCL

























