(Source: Matrize | *Exit polls are projections; official results on May 4, 2026)
Summer Action Plan: केजरीवाल सरकार ने समर एक्शन प्लान के तहत बनाईं नोडल एजेंसियां, हफ्ते भर में देने होंगे प्रदूषण कम करने के सुझाव
AAP Pollution Reduce Plan: दिल्ली में समर एक्शन प्लान बनाने के लिए कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने नोडल एजेंसियां बनाई हैं. इन्हें एक हफ्ते में ही प्रदूषण कम करने को लेकर सुझाव देने होंगे.

AAP Action Plan: दिल्ली में गर्मी के मौसम में विभिन्न कारणों से पैदा होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने समर एक्शन प्लान को लेकर आज दिल्ली सचिवालय में संयुक्त बैठक की. इसमें समर एक्शन प्लान तैयार करने के लिए नोडल एजेंसियों का गठन कर दिया गया जो 20 अप्रैल तक सुझाव पेश करेंगी.
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सभी विभागों को निर्धारित 16 फोकस बिंदुओं पर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिसके अनुसार समर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा. सभी विभागों को 7 दिन यानी 20 अप्रैल तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना एवं सुझाव पर्यावरण विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है. जिसके आधार पर समर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
प्रदूषण को लेकर क्या बोले गोपाल राय?
बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने जानकारी देते हुए कहा कि सर्दियों के मौसम में केजरीवाल सरकार द्वारा लागू किए गए विंटर एक्शन प्लान के परिणामस्वरूप दिल्ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 की मौजूदगी में लगातार गिरावट दर्ज की गई. आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के मुताबिक साल 2016 से 2021 के बीच दिल्ली के AQI में अच्छे, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी के दिनों की संख्या 109 से बढ़कर 160 हो गई है. इसके अलावा ख़राब और बहुत ख़राब श्रेणी के दिनों की संख्या घटकर 217 से 196 हो गई.
इसके साथ ही सबसे खतरनाक श्रेणी के दिनों की संख्या में भी 2016 से 2022 के बीच गिरावट दर्ज की गई. खतरनाक श्रेणी के दिनों की संख्या 2016 में जहां 26 थी अब वह 2022 में घटकर केवल 6 रह गई है. यह दर्शाता है कि दिल्ली के अंदर जो लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, उससे पिछले 8 सालों में प्रदूषण स्तर में 30 प्रतिशत की कमी आई है.
गोपाल राय ने कहा कि समर एक्शन प्लान के तहत मुख्य तौर पर 16 सूत्रीय फोकस बिंदु चिह्नित किए गए हैं. जिस पर सरकार आगामी दिनों में प्रमुखता के साथ काम करेगी और इसके आधार पर आगे का समर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
इन चीजों को लेकर बनाई गई नोडल एजेंसी
1- डस्ट प्रदूषण के लिए पीडब्लूडी, एमसीडी, डीसीबी, एनडीएमसी, डीडीए, सीपीडब्लूडी, आईएफ एन्ड सीडी, डीएसआईआईडीसी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है.
2- औद्योगिक प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी, राजस्व, डीएसआईआईडीसी और डीपीसीसी को नियुक्त किया गया है.
3- ध्वनि प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर दिल्ली पुलिस, एमसीडी, राजस्व विभाग, डीएसआईआईडीसी, डीपीसीसी को नियुक्त किया गया है.
4- जल प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर जल बोर्ड, डीपीसीसी, डीडीए, आईएफ एन्ड सीडी को नियुक्त किया गया है.
5- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट- इसके लिए नोडल एजेंसी एमसीडी को नियुक्त किया गया है.
6- वृक्षारोपण- दिल्ली में हरित क्षेत्र को बढ़ाने पर ज़ोर देते हुए वन विभाग को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
7- ट्री ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी के लिए नोडल ऐजेंसी वन विभाग है.
8- रियल टाइम अपोर्शमेंट स्टडी के लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. जिससे की रियल टाईम प्रदूषण से संबंधित कारणों का पता चल सके. डीपीसीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
9- ओपन बर्निंग के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी, एनडीएमसी, डीसीबी, विकास विभाग, आई एन्ड एफसी, दिल्ली फायर सर्विस, डीडीए एवं राजस्व विभाग को नियुक्त किया गया है.
10- सिटी फॉरेस्ट का विकास के लिए वन विभाग को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
11- अर्बन फार्मिंग के लिए नोडल एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ़ हॉर्टिकल्चर (पर्यावरण विभाग) को बनाया गया है.
12- दिल्ली के झीलों का विकास- इसकी नोडल एजेंसी वेटलैंड अथॉरिटी (डीपीजीएस), राजस्व विभाग, डीडीए, वन विभाग, एमसीडी को नियुक्त किया गया है.
13- पार्क का विकास (हरित पार्क) के लिए नोडल एजेंसी दिल्ली पार्क एंड गार्डन सोसाईटी, एमसीडी, डीडीए को नियुक्त किया गया है.
14- ई-वेस्ट इको पार्क- भारत का पहला ई वेस्ट ईको पार्क जीरो वेस्ट पॉलिसी पर बनाया जा रहा है. इसकी नोडल एजेंसी पर्यावरण विभाग, डीएसआईआईडीसी और एमसीडी को नियुक्त किया गया है.
15- ईको क्लब एक्टिविटी की नोडल एजेंसी पर्यावरण विभाग को नियुक्त किया गया है.
16- पड़ोसी राज्यों से संवाद- दिल्ली में देखा गया है कि प्रदूषण को बढ़ाने में आसपास के राज्य के कारक भी प्रमुख भूमिका निभाते हैं. इसी कारण पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना बनाई जा सके.
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Source: IOCL



























