22 लड़ाकू विमान, प्रलय मिसाइल, 178 जल योद्धा... गणतंत्र दिवस पर इस बार क्या-क्या दिखेगा नया, 10 बड़ी बातें
Republic Day 2025: संविधान के 75 साल पूरे होने पर इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की गई हैं. इस साल तेजस विमान फ्लाई पास्ट में हिस्सा नहीं लेगा.

76th Republic Day: इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में संविधान के 75 साल की झलक देखने को मिलेगी. कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में संविधान के 75 साल थीम पर दो विशेष झांकियां शामिल की गई हैं. समारोह के अंत में छोड़े जाने वाले सैकड़ों गुब्बारों पर भी संविधान से जुड़ी यह थीम लिखी होगी. गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत भारतीय वाद्य यंत्रों से होगी.
गणतंत्र दिवस को लेकर 10 बड़ी बातें
1. गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में श्रद्धांजलि समारोह के साथ शुरू होता है, जिसमें प्रधानमंत्री पुष्पांजलि अर्पित करते हैं. भारतीय वायुसेना के इनर गार्ड में एक सार्जेंट और छह कॉरपोरल और उससे नीचे के अधिकारी शामिल होंगे. गणतंत्र दिवस परेड के बाद 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह आयोजित किया जाएगा. 121 संगीतकारों वाला वायुसेना का बैंड यहां यादगार धुनें प्रस्तुत करेगा.
2. इस साल पहली बार प्रलय मिसाइल को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया जा रहा है. भारत में बनी प्रलय एक आधुनिक और बेहद घातक मिसाइल है. इस मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है. यह सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. केंद्रीय रक्षा सचिव आरके सिंह के मुताबिक इस साल 26 जनवरी की परेड में स्वदेशी पर विशेष जोर दिया जा रहा है. गणतंत्र दिवस परेड कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण समारोह के बाद शुरू होगी.
3. ब्रह्मोस, पिनाका और आकाश समेत कुछ अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होंगी. सेना की युद्ध निगरानी प्रणाली संजय और डीआरडीओ की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल प्रलय पहली बार परेड में प्रदर्शित की जाएंगी.
4. 300 कलाकार विभिन्न प्रकार के भारतीय वाद्य यंत्रों के साथ 26 जनवरी की परेड की शुरुआत करेंगे. ये कलाकार भारत के प्राचीन वाद्य यंत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संगीत की प्रस्तुति देंगे. 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में इस बार कुल 31 झांकियां होंगी, जिनमें से 16 झांकियां विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी. झारखंड के कलाकारों की ओर से मुख्य सलामी मंच के सामने राष्ट्रगान गाया जाएगा.
5. संविधान के 75 साल पूरे होने पर इस बार विभिन्न प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की गई हैं. गणतंत्र दिवस समारोह में भी संविधान के 75 साल पूरे होने से जुड़े आयोजन रखे गए हैं. गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य थीम स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास है.
6. गणतंत्र दिवस परेड में अत्याधुनिक हथियार, मिसाइल सिस्टम, टैंक, आधुनिक कम्युनिकेशन संयंत्र और विशेष वाहन शामिल हैं. इनमें नाग मिसाइल सिस्टम, टी-90 भीष्म टैंक, सारथ टैंक, ब्रह्मोस मोबाइल लॉन्चर, चेतक ऑल टेरेन वाहन, बजरंग लाइट स्पेशलिस्ट वाहन, अग्निबाण मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर कर्तव्य पथ पर नजर आएंगे.
7. इस साल गणतंत्र दिवस पर फ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के 22 लड़ाकू विमान, 11 परिवहन विमान और सात हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे. ये विमान वायुसेना के 10 अलग-अलग ठिकानों से उड़ान भरेंगे. हालांकि, इस साल तेजस विमान फ्लाई पास्ट में हिस्सा नहीं लेंगे. रक्षा सचिव के मुताबिक स्वदेशी व उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) भी इस साल के फ्लाईपास्ट में नहीं हैं.
8. गणतंत्र दिवस समारोह में भारतीय वायुसेना के फ्लाई पास्ट के दौरान पहला फॉर्मेशन ध्वज होगा. इसके अलावा अजय, सतलुज, कटार, बाज, रक्षक, अर्जुन, वरुण, नेत्र और भीम फॉर्मेशन भी आसमान में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा बनाए जाएंगे. भारतीय वायुसेना ने बताया कि 5 जगुआर विमान एरो फॉर्मेशन बनाएंगे. 6 राफेल लड़ाकू विमानों से वज्रंग फॉर्मेशन बनाया जाएगा. सुखोई लड़ाकू विमान त्रिशूल फॉर्मेशन बनाएंगे. अंत में राफेल लड़ाकू विमान वर्टिकल चार्ली के लिए आएंगे.
9. इस साल भारतीय वायुसेना के मार्चिंग दस्ते में चार अधिकारी (एक टुकड़ी कमांडर और तीन अतिरिक्त अधिकारी) और 144 वायुसैनिक शामिल हैं. टुकड़ी कमांडर स्क्वाड्रन लीडर महेंद्र सिंह होंगे, जबकि फ्लाइट लेफ्टिनेंट दामिनी देशमुख, फ्लाइट लेफ्टिनेंट नेपो मोइरंगथेम, अभिनव घोष अतिरिक्त अधिकारी होंगे. वायुसेना की टुकड़ी 12 बाई 12 की संरचना में भारतीय वायुसेना बैंड द्वारा बजाई गई धुनों पर मार्च करेगी. राष्ट्रपति के मंच को पार करते समय बैंड साउंड बैरियर धुन बजाएगा.
10. देशभर से 178 जल योद्धाओं को यहां 76वें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मिलने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. इन व्यक्तियों ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के माध्यम से अपने समुदायों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जेजेएम का उद्देश्य हर घर को स्वच्छ और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है.
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