पंजाब में सामने आए ब्लैक फंगस के 111 मामले, सरकार ने कहा- प्रोटोकॉल के तहत होगा संक्रमितों का इलाज
पंजाब में कोरोना संक्रमण के बीच अभी तक ब्लैक फंगस के कुल 111 मामले सामने आए हैं. पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्लैक फंगस के मामले मुख्य रूप से उन रोगियों में पाए जाते हैं जो हाल ही में COVID-19 से ठीक हुए हैं या जो लंबे समय तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे.

नई दिल्लीः देश में कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस के संक्रमण के कई मामले लगातार तेजी से बढ़ते दिख रहे हैं. पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्य के कई हिस्सों से अब तक ब्लैक फंगस के कुल 111 मामले सामने आए हैं. वहीं रोगियों का इलाज प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है.
एक प्रेस रिलीज के अनुसार जानकारी दी गई है कि इन मामलों में 25 संक्रमित मामले सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से, जबकि शेष 86 विभिन्न निजी अस्पतालों से सामने आए हैं. बलबीर सिंह सिद्धू का कहना है कि ब्लैक फंगस के मामले मुख्य रूप से उन रोगियों में पाए जाते हैं जो हाल ही में COVID-19 से ठीक हुए हैं या जो लंबे समय तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे और अनियंत्रित डायबिटीज के शिकार हैं.
सिद्धू ने कहा कि इस बीमारी के इलाज के लिए एंटीफंगल दवाओं की आवश्यकता होती है और इन दवाओं की आपूर्ति केंद्र सरकार की ओर से नियंत्रित की जाती है. केंद्र सरकार की ओर से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए राज्यों को दो इंजेक्शन दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी इन दवाओं को सीधे खुले बाजार से नहीं खरीद सकता है क्योंकि उनका वितरण भारत सरकार के एकमात्र अधिकार क्षेत्र में है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के एक विशेषज्ञ समूह ने इलाज के प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दे दिया है और इलाज करने वाले अस्पतालों और चिकित्सकों को म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस के इलाज के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार सलाह देने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है.
मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा, "विशेषज्ञ समिति में डॉ आरपीएस सिबिया, प्रोफेसर और प्रमुख, मेडिसिन विभाग, सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला, और डॉ संजीव भगत, प्रमुख, ईएनटी विभाग, सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला, अन्य डॉक्टर शामिल हैं."
सिद्धू ने आगे कहा कि ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षणों में चेहरे का दर्द या सूजन, दांत दर्द, ढीले दांत, दर्द या आंख की सूजन, बुखार, सांस की तकलीफ, सिरदर्द, धुंधली दृष्टि जैसे लक्षण शामिल हैं. अगर किसी को भी उन लक्षणों में से किसी की शिकायत हैं तो वह जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रिपोर्ट करें.
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