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Relationship Tips: सर्दी के मौसम में आखिर क्यों बार बार रूठ जाती हैं पत्नियां, Google पर सबसे ज्यादा पूछा जाता है ये सवाल
Winter Tips: क्या सर्दियों के दौरान आपकी पत्नी भी बहुत ज्यादा गुस्सा करती है या फिर डिप्रेशन में चली जाती हैं. आपने भी इस मौसम में यह जरूर महसूस किया होगा. हम आपको बताते हैं इसके कारण क्या होते हैं.

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Husband Wife Relationship: पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर लड़ाई झगड़ा होना तो कॉमन है. लेकिन क्या कभी किसी ने यह गौर किया है कि सर्दियों में महिलाएं ज्यादा चिड़चिड़ी हो जाती हैं और बहुत ज्यादा गुस्सा भी करती हैं. दरअसल, यह सवाल गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए सवालों में से एक है, जिसमें पूछा गया है कि हाउसवाइफ सर्दियों के समय में इतना गुस्सा क्यों करती हैं? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्यों महिलाओं को सर्दियों के दौरान ज्यादा गुस्सा आता और कई बार वो तनाव और डिप्रेशन का शिकार भी हो जाती हैं.
सर्दियों में गुस्सा आने का साइंटिफिक रीजन
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि सर्दियों के दिनों में गुस्सा ज्यादा आने लगता है. इसे द ग्रेट विंटर डिप्रेशन भी कहा जाता है. साइंटिफिक लैंग्वेज में इसे सीजनल इफेक्ट डिसऑर्डर कहते हैं, जो एक साइकोलॉजिकल कंडीशन होती है. एक रिसर्च के अनुसार 14% लोग किसी ना किसी तरह से सर्दियों में तनाव महसूस करते हैं और 35% लोग गुस्से से जूझते हैं.
हाउसवाइफ को क्यों आता है गुस्सा
- विंटर में सनलाइट टाइमिंग घट जाती है और सनशाइन एक्सपोजर कम हो जाता है, इस कारण ह्यमून बॉडी में डोपामिन का सीक्रेशन घट जाता है. डोपामिन एक ऐसा हॉर्मोन है, जो मूड को हैपी रखने का काम करता है इसलिए इसे हैपी हॉर्मोन भी कहा जाता है.
- फीमेल बॉडी में हॉर्मोनल चेंजेज जेंट्स की तुलना में अधिक होते हैं. खासतौर पर मेन्स्ट्रुुल चेंजेज के दौरान. इसलिए पुरुषों की तुलना में विंटर्स में महिलाओं को गुस्सा अधिक आता है
काम करने का मूड नहीं
सर्दियों में अधिकतर लोगों का काम करने का मूड नहीं होता है. लेकिन हाउसवाइफ को तो घर के सारे काम करने ही होते हैं. ऐसे में घरेलू काम में परेशानी आने से उनके मूड पर असर पड़ता है और वह गुस्सा करने लगती हैं.
जल्दी थकान होना
सर्दियों के दिनों में आपकी बॉडी और ज्यादा रेस्ट मांगती है. ऐसे में महिलाएं जल्दी थक जाती हैं तो उन्हें चिड़चिड़ापन आता है. साथ ही एंजाइटी भी हो सकती है. जिससे उनका नेचर एग्रेसिव हो जाता है. इस दौरान नेगेटिव इमोशन भी बढ़ने लगते हैं.
सोशल कांटेक्ट में कमी
सर्दियों के दौरान अधिकतर लोग अपने घरों में रहते हैं. ऐसे में वह सोशल कॉन्टैक्ट्स कम कर पाते हैं, जिसके कारण उन्हें तनाव होने लगता है और अकेलापन होने से उन्हें ज्यादा गुस्सा आने लगता है.
जल्दी दिन का खत्म होना
सर्दियों में दिन बहुत छोटे होते हैं. ऐसे में महिलाओं का पूरा काम नहीं हो पाता, जिसके चलते उन्हें स्ट्रेस होने लगता है. साथ ही वह खुद के ऊपर भी सर्दियों में ध्यान नहीं दे पाती, इसलिए उनका नेचर थोड़ा अग्रेसिव हो जाता है.
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Source: IOCL

























