Touchscreen Nail Polish: लंबे नाखूनों से फोन चलाने में होती है दिक्कत? आ गई टचस्क्रीन वाली जादुई नेल पॉलिश
Centenary College Of Louisiana: अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के रिसर्चर ने एक ऐसा पारदर्शी नेल पॉलिश तैयार किया है, जो लंबे नाखूनों को भी टचस्क्रीन पर काम करने लायक बना सकता है.

Scientists Create Nail Polish For Touchscreens: लंबे नाखून रखना कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन स्मार्टफोन चलाते समय यही स्टाइल कई बार परेशानी बन जाती है. लंबे नाखूनों के कारण स्क्रीन पर सही तरीके से टाइप करना, स्क्रॉल करना या मैसेज भेजना मुश्किल हो जाता है. कई लोगों को उंगलियां टेढ़ी करके फोन चलाना पड़ता है, फिर भी बार-बार गलत टाइपिंग हो जाती है. अब साइंटिस्ट ने इस परेशानी का ऐसा हल खोजने की कोशिश की है, जो भविष्य की तकनीक जैसा लगता है. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
क्या नई तकनीक खोजी गई?
अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के रिसर्चर ने एक ऐसा पारदर्शी नेल पॉलिश तैयार किया है, जो लंबे नाखूनों को भी टचस्क्रीन पर काम करने लायक बना सकता है. यह रिसर्च सेंटेनरी कॉलेज ऑफ लुइसियाना में की गई, जहं केमिस्ट्री की छात्रा मानसी देसाई ने प्रोफेसर जोशुआ लॉरेंस के साथ मिलकर इस तकनीक पर काम किया। यह रिसर्च ACS Spring 2026 सम्मेलन में पेश की गई. साइंटिस्ट ने ऐसे पदार्थों की तलाश की, जो ट्रांसपेरेंट नेल पॉलिश में मिलाने पर नाखूनों को हल्का इलेक्ट्रिकल कंडक्टर बना सकें.
क्यों लंबे नाखूनों से होती है दिक्कत?
दरअसल आज के ज्यादातर स्मार्टफोन कैपेसिटिव टचस्क्रीन तकनीक पर काम करते हैं. स्क्रीन में छोटे-छोटे इलेक्ट्रिकल क्षेत्र बने रहते हैं और जब इंसानी त्वचा स्क्रीन को छूती है तो वह इस इलेक्ट्रिकल प्रवाह को प्रभावित करती है, जिससे फोन को टच का संकेत मिल जाता है. लेकिन नाखून इलेक्ट्रिकल का संचालन नहीं करते, इसलिए स्क्रीन उन्हें पहचान नहीं पाती। यही वजह है कि लंबे नाखून वाले लोगों को फोन इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है.
क्या निकला रिसर्च का रिजल्ट?
इस समस्या को हल करने के लिए रिसर्चर ने 50 से ज्यादा पदार्थों और कई तरह कीट्रांसपेरेंट नेल पॉलिश पर प्रयोग किए. आखिरकार उन्हें टॉरिन और अल्कोहलअमीन जैसे केमिकल के साथ पॉजिटिव नतीजे मिले. पहले की कुछ तकनीकों में कार्बन नैनोट्यूब और धातु कणों का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इस नई तकनीक में एसिड-बेस केमिकल साइंस का सहारा लिया गया है.
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रिसर्चर का क्या कहना?
रिसर्चर के मुताबिक यह नेल पॉलिश छोटे प्रोटॉन्स को मॉलिक्यूल के बीच यात्रा करने में मदद करती है, इससे इतनी चालकता पैदा हो जाती है कि स्मार्टफोन स्क्रीन नाखून के टच को भी पहचान सक,। शुरुआती परीक्षणों में यह पॉलिश स्मार्टफोन स्क्रीन को सक्रिय करने में सफल रही. हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और बाजार में आने से काफी दूर है. साइंटिस्ट का कहना है कि फिलहाल यह पॉलिश कुछ घंटों तक ही असरदार रहती है क्योंकि इसमें मौजूद कुछ तत्व जल्दी उड़ जाते हैं, इसके अलावा सुरक्षा और टॉक्सिसिटी को लेकर भी जांच चल रही है, टॉरिन को सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अल्कोहलअमीन रोजमर्रा के कॉस्मेटिक इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं, इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है.
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