Sawan Amavasya 2026: सावन अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान, सही मुहूर्त देखें, इसी दिन सूर्य ग्रहण भी
Sawan Amavasya 2026: सावन अमावस्या 12 अगस्त 2026 को है. सावन की हरियाली अमावस्या पुष्य नक्षत्र में आ रही है, स्नान-दान का महत्व कई गुना बढ़ गया है,

Sawan Amavasya 2026: सावन अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र का संयोग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना जा रहा है. पुष्य को वैदिक ज्योतिष में पोषण, समृद्धि, स्थिरता और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नक्षत्र माना गया है.स्कंद पुराण के अनुसार अमावस्या और पुष्य योग के संयोग में गंगा स्नान करने से अनेक पीढ़ियों के उद्धार का पुण्य प्राप्त होता है.
सावन अमावस्या स्नान मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4.23 - सुबह 5.06
- लाभ, अमृत का चौघड़िया - सुबह 5.49 - सुबह 9.07
- सूर्य ग्रहण - रात 09.04 - देर रात 12.04 (भारतीय समयानुसार)
स्नान के बाद करें ये काम
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है. परिवार में सुख शांति स्थापित होगी.
- स्नान के बाद पितरों के निमित्त तर्पण और दान करने से पितरों की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है.
- स्नान के बाद अन्न, वस्त्र, तिल आदि का दान करें. हरियाली अमावस्या पर सुहाग की सामग्री सुहागिनों को दान दें. मान्यता है इससे अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है.
- पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना कर सकते हैं. वृक्ष को नुकसान पहुंचाए बिना पूजा करें.
- हरियाली अमावस्या प्रकृति संरक्षण से भी जुड़ी है. नीम, आंवला, बेल, बरगद, पीपल आदि पौधे उचित स्थान पर लगाना अच्छा माना जाता है.
- पुष्य नक्षत्र के संयोग में शनि से संबंधित दान या सेवा भी अपनी परंपरा के अनुसार की जा सकती है, क्योंकि पुष्य के नक्षत्र स्वामी शनि माने जाते हैं.
- इस दिन कुछ समय शांत बैठकर शिव मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या अपने इष्ट मंत्र का जाप करना आध्यात्मिक साधना के लिए अच्छा माना जाता है.
हरियाली अमावस्या पर कौन से पौधे लगाएं
- पीपल- धार्मिक मान्यता में पीपल को देववृक्ष माना गया है. इसे लगाने से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मकता की कामना की जाती है.
- बरगद- दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. वट वृक्ष का धार्मिक महत्व भी विशेष है.
- नीम- नीम को स्वास्थ्य और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है. घर के आसपास लगाने से पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है.
- आंवला- आंवला भगवान विष्णु से संबंधित माना जाता है. धार्मिक दृष्टि से इसे शुभ और पुण्यदायी माना जाता है.
- बेल- बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय माना जाता है. सावन और हरियाली अमावस्या के अवसर पर बेल का पौधा लगाना विशेष रूप से आस्था से जुड़ा है.
- तुलसी- तुलसी को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से संबंधित माना जाता है. इसे घर में लगाना शुभ माना जाता है.
- शमी: ज्योतिषीय और धार्मिक परंपरा में शमी का संबंध भगवान शिव और शनि से जोड़ा जाता है. इसे लगाना शुभ माना जाता है.
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