आर. के. स्टूडियो के टूटने के साथ ही खत्म हो गई बप्पा के जश्न की परंपरा भी
रणधीर कपूर ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान साफ कर दिया है कि आरके स्टूडियो के बिकने के बाद कपूर खानदान के लिए अब गणेशोत्सव की परंपरा को जारी रखना संभव नहीं होगा.

मुंबई: 70 साल पहले राज कपूर द्वारा स्थापित आर के स्टूडियो के बिकने और व्यवसायिक निर्माण के लिए इसे गोदरेज प्रॉपर्टी को बेचे जाने के बाद स्टूडियो से जुड़ी एक और गौरवशाली परंपरा का अंत होने जा रहा है.
आर. के. स्टूडियो को बेचे जाने के बाद कपूर परिवार ने फैसला किया था कि स्टूडियो के नहीं रहने के बावजूद कपूर परिवार गणेशोत्सव की परंपरा को आगे भी बरकरार रखेगा. मगर रणधीर कपूर ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत करते हुए बताया कि कपूर खानदान के लिए अब इस परंपरा को जारी रखना संभव नहीं होगा. रणधीर कपूर के एबीपी न्यूज़ से कहा, "ये ख़बर बिल्कुल सही है. अब जब स्टूडियो ही नहीं रहा है, तो गणेशोत्सव कहां मनाएंगे? अब ये संभव नहीं है."
आर. के. स्टूडियो का वजूद गणपति बाप्पा के जश्न की परंपरा से भी जुड़ा रहा है. पूरा कपूर खानदान हर साल बड़े उत्साह से बाप्पा का स्वागत करता और पूरी धूमधाम से उन्हें विदा किया करता था.
हालांकि ये पिछले साल ही तय हो गया था कि स्टूडियो के बिक जाने के बाद वहां पर बाप्पा के आगमन का जश्न मनाना संभव नहीं होगा. ऐसे में पिछले साल आर. के. स्टूडियो में गणेशोत्सव के आखिरी जश्न के दौरान रणधीर कपूर ने खुद एबीपी न्यूज़ को दिये एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया था कि आगे से आर. के. स्टूडियो में गणोशोत्सव नहीं मनाया जाएगा. मगर रणधीर ने साथ ही ये भी कहा था कि वह आर. के. स्टूडियो की इस परंपरा को टूटने नहीं देंगे और जल्द ही एक जगह तय कर कहीं और इस परंपरा को जारी रखेंगे.
मगर रणधीर कपूर की बातों से साफ हो गया है कि आर. स्टूडियो के साथ ही बहुत कुछ चला गया है. रणधीर कपूर ने एबीपी न्यूज़ से कहा, "अब हम अपने घरों में निजी तौर पर गणेशोत्सव मनाएंगे."
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