प्रेमानंद महाराज: नाखून और बाल काटने का सही दिन, जानें गलत प्रभावों के बारे में !
Premanand Maharaj: वृंदावन संत प्रेमानंद महाराज ने किस दिन नाखून और बाल काटना सही होता है, इसकी जानकारी दी है. गलत दिनों में इन कार्यों को करने से व्यक्ति को हानि होती है. जानिए किस दिन कटवाए बाल?

Premanand Maharaj: सनातन धर्म में बाल और नाखून काटने को लेकर कई तरह की धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं. इसी विषय को लेकर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि, किस दिन बाल और नाखून काटना सही होता और किस दिन इन कामों को करने से बचना चाहिए.
उनके अनुसार ये काम महज साफ सफाई के लिए नहीं बल्कि जीवन में ऊर्जा और शुद्धता लाने के लिए भी जरूरी है. प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को जानकारी देते हुए बताया कि गलत दिन नाखून और बाल काटने से व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा हावी हो जाती है. आइए जानते हैं सप्ताह के किस दिन नाखून और बाल काटना सही होता है.
प्रेमानंद महाराज ने बाल और नाखून काटने के लिए बताया शुभ दिन
वृंदावन स्थित श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में एक भक्त ने संत प्रेमानंद महाराज से नाखून और बाल काटने के लिए शुभ दिन के बारे में पूछा. जिसके जबाव में प्रेमानंद महाराज ने कहा , 'गलत दिनों में बाल और नाखून काटने से आपको हानि पहुंचती है. ये सभी चीजें धार्मिक नियमों पर आधारित होती है. गुरुवार के दिन बाल काटना या साबून से वस्त्र धोना इस तरह के काम करने से व्यक्ति की बुद्धि भ्रष्ट होती है.
उन्होंने आगे बताया कि, हिंदू शास्त्रों में इस तरह के कामों को करने के नियम निर्धारित हैं. इन नियमों को न मानने से व्यक्ति तनाव का शिकार होता है, तनाव में होने के कारण व्यक्ति गलत मार्ग का अनुसरण करता है. इसलिए बाल या नाखून काटने के लिए अनुकूल दिनों का ही पालन करें. शास्त्रों में बुधवार और शुक्रवार को ही इस तरह के काम करने की सलाह दी जाती है. बाकि दिनों में बाल और नाखून काटने से बचें.
अपने उपदेशों से करते हैं मार्ग दर्शन
जीवन में हर काम करने के शुभ और अशुभ दोनों प्रभाव होते हैं. ऐसे में जो लोग इन कामों को किस दिन भी ये सोचकर करते हैं कि इससे हमें क्या ही नुकसान होगा, तो उनको प्रेमानंद महाराज की ये बात जरूर जाननी चाहिए. संत प्रेमानंद महाराज का मार्गदर्शन लोगों को सभी तरह के दोषों से बचने का मार्ग दिखाता है.
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