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Paris Olympic 2024: ओलंपिक हर चार साल में क्यों होते हैं? इसके पीछे है चौंकाने वाली मान्यता

Paris Olympic 2024: ओलंपिक खेल का आयोजन हर साल में होता है. प्राचीन यूनानियों ने इस चार साल की अवधि को ‘ओलंपियाड’ का नाम दिया था. पहले समय की गणना वर्षों के बजाय ओलंपियाड (Olympiad) में की जाती थी.

Paris Olympic 2024: दुनियाभर के लोगों को ओलंपिक खेल का इंतजार रहता है. क्योंकि ओलंपिक का आयोजन हर साल नहीं बल्कि 4 साल के अंतराल में किया जाता है. वहीं इस वर्ष ओलंपिक का आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर लोग काफी उत्साहित हैं.

बता दें कि इस वर्ष ओलंपिक का आयोजन फ्रांस के पेरिस में होगा. 26 जुलाई से 11 अगस्त 2024 तक ओलंपिक का आयोजन होगा. इसमें भारत समेत दुनियाभर के एथलीट्स (Athletes) हिस्सा लेते हैं. वैसे तो ओलंपिक खेलों का इतिहास बहुत प्राचीन है. लेकिन आधुनिक ओलंपिक खेल की शुरुआत 1896 में हुई थी.

चार साल में क्यों होता है ओलंपिक का आयोजन (Why Olympic Games Held Every Four Years)

  • दुनियाभर में प्रसिद्ध और लोकप्रिय ओलंपिक खेलों की शुरुआत करीब 3000 साल पहले प्राचीन ग्रीस से मानी जाती है. इतिहासकारों की माने तो पहले ओलंपिक खेल यूनानी देवता जीउस (Zeus) के सम्मान में आयोजित किए जाते थे.
  • इसके बाद ग्रीस के ओलंपिया में देवता जीउस के सम्मान में आयोजित होने वाला यह खेल बहुत महत्वपूर्ण बन गया और इसे चार साल में आयोजित किया जाने लगा. इस चार साल की अवधि को प्राचीन यूनानियों से ‘ओलंपियाड’ का नाम दिया.
  • 776 ईसा पूर्व ओलंपिया (Olympia) में ही ओलंपिक खेल आयोजित किए जाते थे. बता दें कि ओलंपिया प्राचीन काल में ओलंपिक खेलों का स्थल था.
    ओलंपिया का प्राचीन स्थल 776 ईसी पूर्व से 393 ईस्वी तक हर साल चाल के अंतराल में खेलों की मेजबानी करता था. हालांकि 393 ई. के बाद ये खेल बंद हो गए.
  • इसके बाद 1894 तक ओलंपिक खेलों की शुरुआत नहीं हुई. फिर फ्रांसीसी शिक्षक और इतिहासकार पियरे डे कोबेर्टिन (Baron Pierre de Coubertin) ने ओलंपिक खेलों को पुनर्जीवित करने की पहल की और पियरे की वजह से ही अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापान हुई. इस तरह से जब आधुनिक युग में ओलंपिक खेल की फिर से शुरुआत हुई तो, प्राचीन यूनानी स्थल ओलंपिया की तरह ही चार साल के अंतराल पर खेल को आयोजित किए जाने की परंपरा जारी रखी गई. आधुनिक समय में भी चार साल में ओलंपिक का आयोजन करना ओलंपिक खेलों की प्राचीन उत्पत्ति के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है.
  • प्राचीन ओलंपिया में खेलों के संस्करणों के बीच चार का अंतराल रहता था, जिसे ओलंपियाड (Olympiad) का नाम दिया गया. हालांकि उस समय उसका उपयोग तिथि निर्धारण के लिए किया था जाता था. क्योंकि ओलंपियाड में साल के बजाय समय की गणना होती थी.
  • हालांकि आज यानी आधुनिक समय में, ओलंपियाड का चक्र पहला वर्ष जनवरी के पहले दिन यानी 1 जनवरी से शुरू होता है और चौथा वर्ष के 31 दिसंबर को समाप्त होता है. इस तरह से ओलंपिक खेलों का आयोजन चार साल में किए जाने की परंपरा ग्रीस के प्राचीन ओलंपिक खेलों से चली आ रही है और आज भी इसी तरह से खेलों के आयोजन की परंपरा कायम है.

कब-कब बदली गई ओलंपिक की चार साल की परंपरा

ओलंपिक खेलों का आयोजन चार साल में होता है. लेकिन युद्ध और महामारी के कारण व्यवधान उत्पन्न हुए थे. कोरोना महामारी के कारण खेल का आयोजन 4 के बजाय 5 वर्ष में किया गया. वहीं युद्ध के कारण 3 ओलंपिक को रद्द भी करना पड़ा था. लेकिन स्थायी रूप से ओलंपिक खेलों की परंपरा को बदलने की कोई योजना नहीं है.

ये भी पढ़ें: Olympics 2024: रोमन के इस राजा ने जब मूर्ति पूजा के नाम पर बंद करा दिया था ओलंपिक, फिर 1500 सालों तक नहीं हुआ आयोजन

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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