दिल्ली की जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है, जिसमें एक साथ 25,000 लोग नमाज अदा कर सकते हैं। भोपाल की ताज-उल-मस्जिद भी एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।
Mosques: भारत की 5 सबसे खूबसूरत मस्जिदें, जिनकी नक्काशी और गुंबद वास्तुकला के अजूबे हैं!
Top 5 Mosques in India: भारत में जहां दुनिया की कुछ सबसे खूबसूरत मस्जिद हैं, जिनके विशाल गुंबद, जटिल नक्काशी और विशाल प्रांगणों के साथ वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण पेश करता है. देखें ऐसे 5 मस्जिदें?

- हैदराबाद की स्पैनिश मस्जिद स्पेनिश-अरब वास्तुकला का प्रतीक है।
Top 5 Mosques in India: भारत दुनिया की कुछ सबसे खूबसूरत मस्जिदों का घर, जो मात्र पूजा अर्चना से कहीं ज्यादा बढ़कर हैं. अपने विशाल गुंबदों, जटिल नक्काशी और शांति का अनुभव कराने वाले विशाल प्रांगणों के साथ, ये संरचनाएं कला, इतिहास और वास्तुकला का अद्भुत संगम हैं.
अगर आप वास्तुकला के शौकीन हों या सांस्कृतिक स्थलों को देखना पसंद करते हों, भारत की ये प्रतिष्ठित मस्जिदें अपनी अलग कहानियां बयां करती हैं.
भारत की 5 सबसे प्रसिद्ध मस्जिदें
जामा मस्जिद, दिल्ली
मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा 1644-1656 के बीच बनी यह भव्य मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है, जिसमें एक साथ 25000 लोग नमाज अदा कर सकते हैं. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के पोर्टल के अनुसार, आकार के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक यह मनमोहक संरचना अपनी जटिल नक्काशी और सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देती है.
इसके ऊंचे मीनार, बारीक नक्काशी वाली दीवारें और संगमरमर के गुंबद मुगल राजवंश की उत्कृष्ट कलाकृति बनाती हैं.
Al Aqsa Mosque: अल अक्सा मस्जिद इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? जानिए ईरान के प्रमुख धार्मिक स्थल
चेरामन जुमा मस्जिद, केरल
भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक मानी जानी वाली केरल के कोंडुगल्लूर मस्जिद जिसका निर्माण 629 ईस्वी में हुआ था, ऐतिहासिक धरोहर पारंपरिक केरल मंदिर वास्तुकला और इस्लामी विशेषताओं का मिलाजुला उदाहरण हैं.
केरल पर्यटन विभाग के मुताबिक, चेरामन जुमा मस्जिद का निर्माण 629 ईस्वी में मलिक इब्न दीनार द्वारा करवाया गया था. भारत की पहली और दुनिया की दूसरी मस्जिद मानी जाने वाली यह मस्जिद जहां जुमा की नमाज शुरू हुई थी, पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में निर्मित मानी जाती है.

भोपाल ताज-उल- मस्जिद
मस्जिदों के ताज के नाम से फेमस ताज-उल-मस्जिद एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है. इसका नाम ताज-उल-मस्जिद भी लिखा जाता है.मस्जिद का मतलब है, मस्जिदों का समूह और ताज-उल-मस्जिद का शाब्दिक अर्थ है, मस्जिदों का ताज. यह भारत की सबसे बड़ी मस्जिद और एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है. यह जानकारी भोपाल जिला के पोर्टल पर दी गई है.
नवाब शाहजहां बेगम के शासनकाल में 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में शुरू हुआ और साल 1985 में पूरा हुआ, इसमें संगमरमर के पत्थर और मुगल शैली के मेहराबों से सजा एक विशाल संगमरमर पत्थर का बना आंगन है.
अहमदाबाद का सिदी सैय्यद मस्जिद
अपनी बेहतरीन नक्काशी, खास तौर से प्रतिष्ठित जीवन वृक्ष की जाली के लिए प्रसिद्ध यह 16वीं शताब्दी की मस्जिद भारत-इस्लामी कला का प्रतीक है. गुजरात सल्तनत के आखिरी सालों में निर्मित यह अहमदाबाद के सबसे अधिक फोटो खींचे जाने वाले स्थानों में से एक है.
गुजरात पर्यटन पोर्टल के मुताबिक, सिदी सैयद मस्जिद अपनी आकर्षक जालीदार खिड़कियों के लिए फेमस है. जिन पर मकड़ी के जाले जैसी बारीक नक्काशी की गई है, जो जीवन वृक्ष की जटिल रूप से आपस में गुंथी हुई शाखाओं जैसी लगती है और मस्जिद के पीछे से गुजरने वाली सड़क से सबसे अच्छी तरह दिखाई देती है.
मस्जिद के केंद्रीय मेहराब पर अब वह जटिल जालीदार नक्काशी नहीं है. मस्जिद आज भी प्रार्थना स्थल के रूप में संचालित है.

हैदराबाद का स्पैनिश मस्जिद (मस्जिद इकबाल उद दौला)
हैदराबाद में 1906 में बनी यह मस्जिद जिसका नाम मस्जिद इकबाल-उद-दौला जिसे मूरों की मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है और स्पेनिश-अरब वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जो स्पेन के कॉर्डोबा में स्थित मस्जिद कैथेड्रल की याद दिलाती है.
यह मस्जिद एक शिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी काम करती है, जहां कुरान और इस्लामी इतिहास पर कक्षाएं आयोजित की जाती हैं.
ईरान की Pink Masjid: रंगीन कांच से झांकती रोशनी का अद्भुत नजारा, देखें फारसी कला का चमत्कार!
Frequently Asked Questions
भारत की सबसे बड़ी मस्जिद कौन सी है?
भारत की सबसे पुरानी मस्जिद कौन सी है?
केरल की चेरामन जुमा मस्जिद, जिसका निर्माण 629 ईस्वी में मलिक इब्न दीनार द्वारा करवाया गया था, भारत की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक मानी जाती है।
सिदी सैय्यद मस्जिद किस लिए प्रसिद्ध है?
अहमदाबाद की सिदी सैय्यद मस्जिद अपनी बेहतरीन जालीदार खिड़कियों के लिए प्रसिद्ध है, खासकर 'जीवन वृक्ष' की बारीक नक्काशी के लिए।
हैदराबाद की स्पैनिश मस्जिद की वास्तुकला कैसी है?
हैदराबाद की स्पैनिश मस्जिद (मस्जिद इकबाल उद दौला) स्पेनिश-अरब वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जो कॉर्डोबा की मस्जिद कैथेड्रल की याद दिलाती है।
Source: IOCL





























