एक्सप्लोरर

Al Aqsa Mosque: अल अक्सा मस्जिद इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? जानिए ईरान के प्रमुख धार्मिक स्थल

Al Aqsa Mosque: मक्का और मदीना के बाद इस्लाम (Islam) में अल-अक्सा मस्जिद को तीसरा पाक स्थान माना गया है. यह इसराइल (Israel) के यरुशलम में है. इस मस्जिद से मुसलमान, यहूदी व ईसाइयों की आस्था जुड़ी है.

Al Aqsa Mosque: मुस्लिम समुदाय के बीच मक्का और मदीना (Makka Madina) को सबसे पवित्र धार्मिक स्थल माना गया है, जोकि सऊदी अरब (Saudi Arabia) में है. वहीं मक्का और मदीना के बाद अल-अक्सा मस्जिद (Al Aqsa Masjid) तीसरा पवित्र धार्मिक स्थल है. यह इसराइल (Israel) के यरुशलम (Jerusalem) में स्थित है.

इस्लाम धर्म (Islam) का तीसरा सबसे पवित्र स्थान माने जाने वाले अल-अक्सा मस्जिद परिसर पर आए दिन विवाद जैसी स्थितियां देखने को मिलती है. अब एक बार फिर से अल-अक्सा मस्जिद चर्चा में आ गया, जब मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच इजरायल ने मस्जिद अल अक्सा को लेकर ऐसा फरमान जारी किया है, जिसपर 8 मुस्लिम देश इकट्ठे हो गए हैं.

दरअसल 8 मुस्लिम देशों- कतर, जॉर्डन, UAE, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र ने संयुक्त बयान जारी कर इजरायल की निंदा की. इन देशों ने कहा कि, इजरायली अथॉरिटीज ने अल-अक्सा मस्जिद के दरवाजे मुस्लिम नमाजियों के लिए रमजान के पवित्र महीने में भी बंद रखे हुए हैं. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है. इस बीच आइए जानते हैं कि, इस्लाम में क्या है अल-अक्सा मस्जिद का महत्व और  ईरान के अन्य शीर्ष इस्लामिक धार्मिक स्थलों के बारे में-

अल-अस्का मस्जिद पर तीन धर्मों की आस्था

अल-अक्सा मस्जिद लगभग 35 एकड़ में फैसा हुआ है. खास बात यह है कि, अल-अक्सा मस्जिद से केवल मुसलमानों की नहीं बल्कि यहूदियों और ईसाइयों की भी आस्था जुड़ी है. इसलिए यह मस्जिद मुस्लिम, ईसाई और यहूदियों के लिए एक समान धार्मिक महत्व रखता है.

कहा जाता है कि पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) के दोस्त खलीफा इल-अब्र-खट्टाब ने इसका निर्माण कराय था. मुसलमान इस मस्जिद को बहुत पवित्र स्थान मानते हैं. उनके अनुसार, पैगंबर मुहम्मद इसी मस्जिद के रास्ते से होकर जन्नत गए थे.

वहीं ईसाइयों और यहूदियों के बीच इसे लेकर अलग-अलग मत हैं. यहूदियों के अनुसार यह सबसे पहले यहूदी धर्म (Judaism) का धार्मिक स्थान हुआ करता था. यहूदी इसे टेंपल माउंट (Temple Mount) कहते हैं. यहूदी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 1000 ईसा पूर्व किंग सोलोमन ने यहां यहूदियों के लिए मंदिर मनवाया था, जिसे बाद में तोड़ दिया गया. लेकिन एक दीवार बची है, जिसे यहूदी वेस्ट वॉल कहते हैं.

वहीं ईसाइयों के अनुसार, यहां सेंट मेरी चर्च था. ईसाई धर्म के अनुसार, इसी स्थान पर ईसा मसीह (Jesus Christ) ने पवित्र उपदेश दिए थे और इसी जगह उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था और इसी जगह वे पुनर्जीवित भी हुए थे. यही कारण है कि आज भी यह स्थान तीनों धर्मों के लिए विशेष महत्व रखती है.

ईरान के प्रमुख धार्मिक स्थल

इस्लामी दुनिया में ईरान सबसे महत्वपूर्ण है. बेहतरीन धार्मिक स्थल होने के कारण यहां पूरे साल पर्यटकों की भीड़ रहती है. आइए आपको बताते हैं ईरान के प्रमुख धार्मिक स्थलों के बारे में ( Top Religious Destinations in Iran)-

इमाम रज़ा (Imam Reza Shrine): ईरान में इमाम रज़ा का पवित्र स्थल है. यह ईरान के साथ ही दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करता है. ईरान में यह धार्मिक स्थल खासकर मुसलमानों के लिए बहुत महत्व रखता है. इमाम रजा अपनी वास्तुकला, टाइलवर्क, मिररवर्क, लकड़ी की नक्काशी, संग्रहालय और समृद्ध ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को लेकर प्रसिद्ध है.

नासिर अल-मुल्क मस्जिद (Nasir al-Mulk Mosque): नासिर अल-मुल्क मस्जिद बहुत ही हरा-भरा और सुंदर है. यह मस्जिद ईरान में घूमने और देखने के लिए सबसे खूबसूरत धार्मिक स्थलों में एक है.

वांक कैथेड्रल (Vank Cathedral): यह ईरान का प्रसिद्ध चर्च है. यह इस्फहान (Isfahan) के जोल्फा पड़ोस में है. इस चर्च की दीवारें और छत अद्वितीय और उत्तम है.

शाह चिराग़ (Shah cheragh Holy Shrine): शाह चिराग़ ईरान से खूबसूरत धार्मिक स्थलों में एक है. यह शिया मुसलमानों (Shia Muslims) के सातवें इमाम बेटे हैं. इस इमारत का निर्माण फारस के अताबाकन काल के दौरान छठी शताब्दी में हुआ था.

जामकरन मस्जिद (Jamkaran Mosque): ईरान के पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थस्थल जामकरन मस्जिद को शिया मुसलमानों के बारहवें इमाम मादी (AS) के आदेश पर बनवाया गया था. यह ईरान के सातवें सबसे बड़े शहर कोम में स्थित है. शिया मुसलामनों में ऐसी मान्यता है कि यहां इस मस्जिद में नमाज अदा करना मक्का में खान-ए-काबा में नमाज पढ़ने के बराबर है.

ये भी पढ़ें: Shani Vakri 2024: शनि की उल्टी चाल इन 5 राशियों के लिए भारी, 90 दिन और फिर होगा बेड़ा पार

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

वर्तमान में ABP News के साथ एक कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ीं पल्लवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विश्वसनीय और मूल्यवान सामग्री तैयार करने के लिए जानी जाती हैं.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise)
पल्लवी की लेखन शैली पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक डिजिटल आवश्यकताओं का एक बेहतरीन मिश्रण है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता के क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • ज्योतिष एवं खगोल विज्ञान: वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर और जीवन पर इनके प्रभाव का गहन विश्लेषण.
  • वास्तु एवं अंकशास्त्र: घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा के लिए व्यवहारिक वास्तु उपाय और अंकगणितीय प्रभाव.
  • धर्म एवं संस्कृति: भारतीय व्रत-त्योहारों का महत्व, धार्मिक परंपराएं और पौराणिक संदर्भों की व्याख्या.
  • अध्यात्म एवं लाइफस्टाइल: जीवन प्रबंधन, मानसिक शांति और समकालीन जीवनशैली के साथ आध्यात्मिकता का तालमेल.
  • डिजिटल कंटेंट: SEO-फ्रेंडली राइटिंग, एक्सप्लेनर कंटेंट और फीचर स्टोरी टेलिंग.

पेशेवर सफर (Professional Journey)
अपने सात वर्षों के करियर में, पल्लवी ने देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी लेखनी का लोहा मनवाया है:

  • ABP News: (वर्तमान) कंटेंट राइटर - धर्म, ज्योतिष और समसामयिक विषयों पर विस्तृत कवरेज.
  • Hindustan, India News & Live India: न्यूज़ राइटिंग, फीचर स्टोरीज़ और डिजिटल मीडिया के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण अनुभव.

इनके लेखन की विशेषता
पल्लवी के लेख पाठकों के बीच अपनी प्रमाणिकता के लिए जाने जाते हैं. उनकी लेखन शैली की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • शोध-आधारित दृष्टिकोण: शास्त्रीय ग्रंथों और विश्वसनीय स्रोतों का गहराई से अध्ययन.
  • सरल और स्पष्ट: कठिन विषयों को भी आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना.
  • SEO ऑप्टिमाइज्ड: डिजिटल पाठकों की पसंद और सर्च इंजन की आवश्यकताओं के अनुसार लेखन.
  • पाठक-केंद्रित: जानकारी को केवल सूचनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में उपयोगी बनाना.

मेरा उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवन के बीच एक पुल बनना है, ताकि पाठक प्रामाणिक जानकारी को सरलता से अपने जीवन में उतार सकें."

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aniruddha Vinayaka Chaturthi 2026: 17 जुलाई को विनायक चतुर्थी पर बन रहा दुर्लभ रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियम
Aniruddha Vinayaka Chaturthi 2026: 17 जुलाई को विनायक चतुर्थी पर बन रहा दुर्लभ रवि योग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नियम
Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Rashifal 17 July 2026: चतुर्थी पर त्रिग्रही योग, 4 राशियों के बिजनेस में पुराने ग्राहक से होगी अच्छी कमाई, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
चतुर्थी पर त्रिग्रही योग, 4 राशियों के बिजनेस में पुराने ग्राहक से होगी अच्छी कमाई, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
Kamika Ekadashi 2026: ये 7 काम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, मिलेगा भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद
Kamika Ekadashi 2026: ये 7 काम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, मिलेगा भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget