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Hanuman worship: मंगल दोष और हनुमान जी की कृपा पाने के लिए करें मंगलवार का पूजा

Hanuman worship: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन भक्त हनुमान जी और मंगल देव की पूजा कर जीवन की बाधाओं और अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति की कामना करते हैं.

Hanuman worship: धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार का व्रत रखने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और कुंडली में बने मंगल दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है. हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है. इसलिए मंगलवार के दिन उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.

जन्म कुंडली में मंगल दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में बारह भाव होते हैं. प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मंगल का स्थित होना आमतौर पर मंगल दोष बनाता है. कई बार यह दोष स्वतः समाप्त भी हो जाता है, लेकिन कई जातकों को इसके दुष्परिणाम झेलने पड़ सकते हैं.

विवाह में विलंब, दांपत्य तनाव, क्रोध, दुर्घटना का भय या आर्थिक संघर्ष इन सबके पीछे अक्सर मंगल दोष को कारण माना जाता है. इसलिए ज्योतिष में इसके उपाय और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. हनुमान जी की भक्ति को मंगल दोष शांत करने का सबसे सरल उपाय माना जाता है.

कैसे करें व्रत

मंगलवार का व्रत बहुत सीधा और प्रभावी माना जाता है. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र धारण करें. मन में मंगल दोष दूर करने का संकल्प लें. पूजा स्थान को साफ करें और हनुमान जी तथा मंगल देव की तस्वीर स्थापित करें. लाल फूल, सिंदूर, चने और गुड़ का भोग अर्पित करें.

“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” और “ॐ हनुमते नमः” मंत्रों का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें. दिनभर फलाहार रखें और नमक का सेवन न करें. सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण करें.

इन उपायों से दूर होगा दूष:

मंगलवार के दिन दान करना शुभ माना गया है. लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा या लाल रंग की वस्तुओं का दान मंगल दोष को शांत करने में सहायक होता है. यह भी माना जाता है कि जो व्यक्ति मंगलवार को संयम, सेवा और विनम्रता के साथ हनुमान जी की भक्ति करता है, उसके जीवन से बाधाएँ धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में छोटा-सा गांव है तिलबिहता, जहां 22 साल की कहकशां परवीन रहती हैं. पढ़ाई की शौक कहकशां अपने सपने पूरे करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं. 25 मार्च 2003 के दिन तिलबिहता गांव में अपनी जिंदगी का सफर शुरू करने वाली कहकशां के पिता मोहम्मद जिकरुल्लाह बिजनेसमैन हैं तो मां नजदा खातून हाउसवाइफ हैं. भाई आमिर आजम, बहन उजमा परवीन, जेबा परवीन, सदफ परवीन और दरख्शां परवीन को वह अपनी ताकत मानती हैं. वहीं, उनकी सबसे अच्छी दोस्त सान्या कुमारी हैं. 

तिलबिहता के ओरेकल पब्लिश स्कूल से स्कूलिंग करने के बाद कहकशां ने हरदी के आरकेएसपी अकैडमी हाई स्कूल से मैट्रिक किया तो जैतपुर स्थित एसआरपीएस कॉलेज से इंटर पास किया. मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन (BMC) करने वाली कहकशां को अब अपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार है. 

कहकशां की जिंदगी में पढ़ाई के साथ-साथ कई शौक हैं, जो उनकी दिनचर्या को रोचक बनाते हैं. अपने आसपास की खूबसूरत चीजों को कैमरे में कैद करने में माहिर कहकशां को खबरें पढ़ना और पेंटिंग बनाना बेहद पसंद है. इसके अलावा वह खाना बनाना, नमाज पढ़ना, रील्स देखना, गाना सुनना और कॉमेडी वीडियो देखना भी पसंद करती हैं. 

फिल्म संजू का 'कर हर मैदान फतेह' गाना हर मुश्किल वक्त में उन्हें हिम्मत देता है तो आमिर खान, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन उनके पसंदीदा सेलेब्स हैं. वहीं, फिल्म चक दे इंडिया से उन्हें कुछ कर दिखाने की प्रेरणा मिलती है. एमएस धोनी, विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर उनके फेवरेट क्रिकेटर्स हैं. वहीं, सुबह का वक्त और सर्दी का मौसम उन्हें बेहद पसंद है. कहकशां फोटोग्राफी के जरिए लोगों की कहानियां बयां करना चाहती हैं, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं.

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