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खुद की परछाई दिखना बंद होने से यमदूत का बुलावा...गरुड़ पुराण में मरने से मिलते हैं 6 सकेत!

Garuda Purana: इस पृथ्वी पर आने वाले हर व्यक्ति का मरना तो निश्चित है. मगर मृत्यु के आने से पहले हमें कई संकेत मिलते हैं, जिनका वर्णन गरुण पुराण में किया गया है. आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में.

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  • हाथों की रेखाएं बदलना, मृत्यु का द्वार दिखना संकेत।

Garuda Purana: सनातन धर्म में गरुण पुराण 18 महापुराणों में से एक है. जिस वजह से इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. गरुण पुराण में किसी भी इंसान की मृत्यु से लेकर उसकी आत्मा की अंतिम यात्रा तक का वर्णन किया गया है.

इसमें बताया गया है कि मृत्यु ही जीवन का सत्य है, जिससे कोई नहीं टाल सकता. जिस इंसान की मृत्यु जब लिखी होती है, तब वे आकर ही रहती है. इसलिए पृथ्वी पर रहने वाले हर जीव का मरना तय है.

मगर ऐसा माना जाता है कि किसी भी व्यक्ति की अंतिम सांस निकलने से पहले उसे कुछ संकेत मिलते हैं, जिससे मृत्यु का पता लगाया जा सकता है. इन संकेतों के बारे में गरुण पुराण में बताया गया है. आइए जानते हैं.

खुद की परछाई दिखना बंद हो जाना

गरुण पुराण में बताया गया है कि अगर किसी भी इंसान को उसकी परछाई दिखना बंद हो जाए, तब समझ लें कि उसे मृत्यु के संकेत मिल रहे हैं और उसकी मृत्यु अब ज्यादा दूर नहीं है.

पूर्वजों का बुलाना

अगर किसी व्यक्ति को उसके पूर्वज अचानक नज़र आने लग जाए और अपने पास बुलाए तो समझ ले की आपका समय आ गया है और व्यक्ति की मृत्यु होने वाली है.

यमदूत का दिखाई देना

गरुड़ पुराण के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का जीवन अंत के करीब पहुंचता है, तो उसके आसपास कई संकेत दिखाई देने लगते हैं. माना जाता है कि मृत्यु निकट होने पर व्यक्ति को यमदूत दिखाई देने लगते हैं, जिससे उसे ऐसा महसूस होता है कि कोई उसे अपने साथ ले जाने आया है.

इस दौरान व्यक्ति को किसी नकारात्मक शक्ति की पास होना का भी अहसास होता है.

किए गए सभी कर्मों का याद आना

ग्रंथ में यह भी बताया गया है कि अंतिम समय में इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों की झलक देखने लगता है. यदि किसी व्यक्ति को अचानक ऐसा अनुभव होने लगे, तो यह उसकी मृत्यु निकट होने का संकेत माना जाता है.

हाथ की रेखाओं में बदलाव

इसके अलावा हाथों की रेखाओं में बदलाव भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना गया है. कई बार व्यक्ति की हथेली की रेखाएं फीकी पड़ने लगती हैं या बिल्कुल दिखाई देना बंद हो जाती हैं, जो अंत समय की ओर इशारा करती हैं.

मृत्यु का द्वार दिखाई देना

मृत्यु के कुछ समय पहले एक और रहस्यमयी अनुभव होता है, जिसमें व्यक्ति को एक अजीब सा द्वार या मार्ग दिखाई देता है. गरुड़ पुराण में इसे भी अंत समय आने का संकेत बताया गया है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

गौरव अग्निहोत्री एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर स्टेट्स टीम में काम कर रहे हैं. गौरव को राजनीति, खेल, मनोरंजन और धर्म विज्ञान में विशेष रुचि रही है. वह उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र की खबरों के एक्सपर्ट हैं. गौरव का जन्म दिल्ली में हुआ है. इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में डिग्री प्राप्त की है. गौरव का सपना है कि वह आगे जाकर एंटरटेनमेंट फील्ड में अपनी एक अलग पहचान बनाएं. गौरव को क्रिकेट खेलने के साथ-साथ किताबें पढ़ने और मूवी देखने का शौक है. इसी के साथ गौरव किस्से-कहानियां भी लिखते हैं. 

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Frequently Asked Questions

मृत्यु से पहले क्या रहस्यमयी द्वार दिखाई दे सकता है?

हाँ, गरुण पुराण के अनुसार, मृत्यु से कुछ समय पहले एक अजीब सा द्वार या मार्ग दिखाई देना भी अंत समय आने का संकेत माना गया है।

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