एक्सप्लोरर

14 साल में शादी: क्या अनिरुद्धाचार्य सही? धर्मशास्त्र और आधुनिक विचार क्या कहते हैं, जानें

अनिरुद्धाचार्य (Aniruddhacharya Maharaj) का लड़कियों की शादी को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर सुर्खियो में है. उनके इस बयान के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. जानिए क्या वाकई शास्त्र 14 साल की आयु को विवाह योग्य मानते हैं?

14 साल में शादी उचित थी? कथावाचक अनिरुद्धाचार्य (Aniruddhacharya Maharaj) का बयान चर्चाओं में है, इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. क्या शास्त्र वाकई कम उम्र की कन्या विवाह का समर्थन करते हैं?

हाल ही में मथुरा के वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम के पीठाधीश्वर प्रसिद्ध कथा वाचक अनिरुद्दाचार्य के एक बयान ने बड़ी बहस को जन्म दे दिया. उन्होंने कहा-'पहले 14 वर्ष की उम्र में शादी हो जाती थी तो वो परिवार में घुल-मिल जाती थीं, लेकिन अब 25 साल के लड़कियां जब घर में आती है तो कहीं ना कहीं मुंह मार चुकी होती है.'

इस बयान के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन की खबरें मिल रही हैं. लेकिन प्रश्न यह है कि क्या उनका यह कथन केवल 'पुरातनपंथी' सोच है, या इसमें कोई शास्त्रीय आधार भी है? आइए, वेदों, स्मृतियों और पुराणों की रोशनी में इस विवाद का निष्पक्ष विश्लेषण करते हैं.

क्या कहते हैं धर्मशास्त्र? विवाह की आयु पर मनु, याज्ञवल्क्य और गार्ग्य के मत

मनुस्मृति (अध्याय 9, श्लोक 88) में कहा गया है-

त्रैवर्षिकां पञ्चवर्षिकां दशवर्षिकमेव वा.
भूतिकामोर्धं स्त्रीं हृत्वा धर्मं समाचरेत्॥

इस श्लोक का अर्थ है कि- यदि कोई कन्या 3, 5 या 10 वर्ष की हो और उसके साथ कोई धर्म के उद्देश्य से विवाह करता है, तो वह धर्माचरण में बाधक नहीं है.

याज्ञवल्क्य स्मृति (अ. 1, श्लोक 64)-

आठवें वर्ष में कन्या का यथासंभव विवाह कर देना चाहिए.

गृह्यसूत्रों और आश्वलायन संहिता में विवाह की आयु लक्षण रूप में दी गई है, लेकिन अधिकांश में 8–12 वर्ष की आयु तक विवाह को 'कन्यादान' की उचित अवस्था माना गया है.

लेकिन क्या 14 साल में विवाह उचित था? शास्त्र बनाम आधुनिक चिकित्सा
शास्त्रों में 'शारीरिक परिपक्वता' के संकेत को बाल्यावस्था के अंत (13–16 वर्ष) में मान्यता दी गई है. विवाह मात्र 'संयोग' नहीं, 'संस्कार' था, जिसमें 'गृहस्थ आश्रम' में प्रवेश एक धार्मिक कर्तव्य था.

14 वर्ष की आयु, न केवल शास्त्रानुसार एक संभव आयु थी, बल्कि उस समय सामाजिक संरचना, आहार, जीवन प्रत्याशा आदि भी भिन्न थे.

तो क्या अनिरुद्धाचार्य गलत हैं? शास्त्र और कालानुसार धर्म
मनु (मनुस्मृति 1.85)-

धर्मशास्त्रों में वर्णित नियम कालानुसार परिवर्तनीय हैं.

यानि जो नियम सतयुग या द्वापर में उपयुक्त थे, वे कलियुग की सामाजिक, चिकित्सा और कानूनी संरचना में आवश्यक नहीं कि लागू हों. इस बात गंभीरता से समझना चाहिए.

बाल विवाह की वर्तमान मान्यता
भारत सरकार के अनुसार लड़कियों की विवाह योग्य न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, और इससे पहले विवाह बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत अपराध है.

आधुनिक समय में '14 वर्ष में विवाह' की बात क्यों खतरनाक है?

  • 14 वर्ष की कन्या न तो शारीरिक रूप से परिपक्व होती है, न ही मानसिक रूप से विवाह और मातृत्व के लिए तैयार.
  • WHO और UNICEF के अनुसार, 18 वर्ष से पहले विवाह शारीरिक-मानसिक शोषण की श्रेणी में आता है.
  • इस प्रकार का सार्वजनिक बयान अशिक्षा, बाल विवाह और बाल उत्पीड़न को बढ़ावा देता है.

शास्त्र यह नहीं कहते कि…Context और चेतावनी
शास्त्रों में जो विवाह आयु दी गई है, वह सामाजिक जिम्मेदारी और ऋतुचक्र के आधार पर थी, न कि आधुनिक बालिका की परिस्थितियों पर. विद्वनों का मानना है कि अनिरुद्धाचार्य ने यदि शास्त्रों के आधार पर यह बात कही है, तो उन्हें उसका काल-सापेक्ष अर्थ भी समझाना चाहिए था.

क्या समाधान है? धर्म का नवसमीकरण
प्रबुद्धजनों का यह भी कहना है कि शास्त्र का अपूर्ण संदर्भ देना समाज में भ्रम और अशांति फैलाता है. धर्माचार्यों को चाहिए कि वे शास्त्रों को समयानुकूल अर्थ में प्रस्तुत करें.

बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना ही धर्म है. मनुस्मृति 8.27 के अनुसार न धर्मस्य विपरीतं वक्तव्यम्... इसका अर्थ है-धर्म के विपरीत नहीं बोलना चाहिए या धर्म के विरुद्ध नहीं कहना चाहिए.

यही कारण है कि प्रबुद्धजनों का मानना है कि अनिरुद्धाचार्य जी ने जो कहा, वह शास्त्रों में आंशिक रूप से उल्लेखित है, लेकिन आज की सामाजिक व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून के अनुरूप नहीं है. धर्म का कार्य समाज को दिशा देना है, न कि उसे अतीत में उलझाना. इसीलिए जरूरी है कि वेद-पुराणों की व्याख्या वर्तमान के यथार्थ के साथ की जाए.

FAQs
Q1. क्या शास्त्रों में 14 साल की लड़की के विवाह की अनुमति थी?
हां, शास्त्रों में 8–14 वर्ष तक कन्या के विवाह की चर्चा है, पर यह प्राचीन समय की सामाजिक और जैविक स्थितियों पर आधारित था.

Q2. क्या अनिरुद्धाचार्य का कथन पूरी तरह गलत था?
शास्त्रीय संदर्भ में नहीं, लेकिन आधुनिक कानूनी और नैतिक दृष्टि से यह खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना है.

Q3. क्या धर्मशास्त्र कालानुसार बदलते हैं?
हां, मनु और अन्य आचार्यों ने स्पष्ट किया है कि धर्म के आचरण नियम समयानुसार परिवर्तनीय होते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह- वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य। मीडिया रणनीतिकार। डिजिटल कंटेंट विशेषज्ञ

हृदेश कुमार सिंह 25 वर्षों से वैदिक ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल पत्रकारिता पर कार्य कर रहे एक बहुआयामी विशेषज्ञ हैं. वर्तमान में वे ABPLive.com में Astro और Religion सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, जहां वे ग्रहों की चाल को आधुनिक जीवन की दिशा में बदलने वाले संकेतों के रूप में प्रस्तुत करते हैं. हृदेश कुमार सिंह एक सम्मानित और अनुभव ज्योतिषी हैं.

इन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC, New Delhi) से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी ज्योतिष सलाहकार के रूप में कार्य किया है. वे मीडिया रणनीति, कंटेंट लीडरशिप और धार्मिक ब्रांडिंग के विशेषज्ञ हैं.

प्रसिद्ध भविष्यवाणियां जो समय के साथ सच साबित हुईं- IPL 2025 के विजेता की पूर्व घोषणा. हनी सिंह की वापसी और संगीत सफलता. भारत में AI नीति बदलाव की अग्रिम भविष्यवाणी. डोनाल्ड ट्रंप की पुनः राष्ट्रपति पद पर वापसी और उसके बाद के निर्णय. पुष्पा 2: द रूल की बॉक्स ऑफिस सफलता और अल्लू अर्जुन के करियर ग्राफ.

शेयर बाजार क्रैश 2025 और दिल्ली की मुख्यमंत्री को लेकर भविष्यवाणी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई का सटीक पूर्वानुमान. क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और लोकप्रियता का संकेत. ये सभी भविष्यवाणियां शुद्ध वैदिक गणना, गोचर, दशा-अंतरदशा और मेदिनी ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित थीं, जिन्हें समय ने सत्य सिद्ध किया.

विशेषज्ञता के क्षेत्र: वैदिक ज्योतिष, संहिता, होरा शास्त्र, अंक ज्योतिष और वास्तु. करियर, विवाह, शिक्षा, लव लाइफ, बिज़नेस, हेल्थ के लिए ग्रहों और मनोविज्ञान का समन्वित विश्लेषण. कॉर्पोरेट नीति, ब्रांड रणनीति और मीडिया कंटेंट प्लानिंग में ज्योतिषीय हस्तक्षेप. डिजिटल धर्म पत्रकारिता और गूगल रैंकिंग के अनुकूल धार्मिक कंटेंट का निर्माण करने में ये निपुण हैं.

उद्देश्य: 'ज्योतिष को भय या भाग्य का उपकरण नहीं, बल्कि जीवन के लिए बौद्धिक और आध्यात्मिक सहारा बनाना' हृदेश कुमार सिंह का मानना है कि ज्योतिष केवल प्रश्नों का उत्तर नहीं देता, वह सही समय पर साहसिक निर्णय लेने की दिशा दिखाता है.

अन्य रुचियां: फिल्मों की संरचनात्मक समझ, संगीत की मनोवैज्ञानिक गहराई, साहित्यिक दर्शन, राजनीति की परख. बाजार की समझ और यात्राओं से अर्जित मानवीय अनुभव ये सभी उनके लेखन में एक बहुस्तरीय अंतर्दृष्टि जोड़ते हैं. उनकी रुचियां केवल विषयगत नहीं, बल्कि उनके हर लेख, भविष्यवाणी और रणनीति को संवेदनशीलता और संस्कृति से जोड़ने वाली ऊर्जा हैं.

 
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें', एस जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री को सामने बैठाकर सुना दीं खरी-खरी
'हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें', जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री को सुनाईं खरी-खोटी
मालेगांव: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने AIMIM से मांगा समर्थन, मिला ये जवाब
मालेगांव: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने AIMIM से मांगा समर्थन, मिला ये जवाब
'मुझे नोबेल नहीं मिला, अब मुझे ग्रीनलैंड चाहिए', डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के PM को लिखी धमकी भरी चिट्ठी
'मुझे नोबेल नहीं मिला, अब मुझे ग्रीनलैंड चाहिए', डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के PM को लिखी धमकी भरी चिट्ठी
ICC ने अगर बांग्लादेश को कर दिया टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, तो किस टीम को मिलेगी सरप्राइज एंट्री
ICC ने अगर बांग्लादेश को कर दिया टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, तो किस टीम को मिलेगी सरप्राइज एंट्री

वीडियोज

पत्नी Sunita Ahuja आहूजा संग विवाद पर Actor Govinda ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मेरे खिलाफ बड़ी साजिश
Sunita Ahuja पर Govinda का जवाब: अपने खिलाफ साजिश की बात की खुलकर चर्चा
Bollywood News: कृति सेनन और कबीर बहिया ने इंस्टाग्राम पर किया रिश्ता ऑफिशियल, नूपुर की शादी से वायरल हुईं तस्वीरें
Govinda का emotional बयान: ‘मैं शिकायत नहीं, बल्कि सच बताना चाहता हूं”
Harshvardhan Rane की वजह से चल गई Ek Deewane Ki Deewaniyat! | Shaad Randhawa Interview

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें', एस जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री को सामने बैठाकर सुना दीं खरी-खरी
'हमारे पड़ोस में आतंकवाद को बढ़ावा न दें', जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री को सुनाईं खरी-खोटी
मालेगांव: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने AIMIM से मांगा समर्थन, मिला ये जवाब
मालेगांव: एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने AIMIM से मांगा समर्थन, मिला ये जवाब
'मुझे नोबेल नहीं मिला, अब मुझे ग्रीनलैंड चाहिए', डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के PM को लिखी धमकी भरी चिट्ठी
'मुझे नोबेल नहीं मिला, अब मुझे ग्रीनलैंड चाहिए', डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के PM को लिखी धमकी भरी चिट्ठी
ICC ने अगर बांग्लादेश को कर दिया टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, तो किस टीम को मिलेगी सरप्राइज एंट्री
ICC ने अगर बांग्लादेश को कर दिया टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, तो किस टीम को मिलेगी सरप्राइज एंट्री
गोविंदा ने भांजे कृष्णा अभिषेक को लेकर किया खुलासा, पत्नी सुनीता से बोले- मुझे सफोकेट मत करो
गोविंदा ने भांजे कृष्णा अभिषेक को लेकर किया खुलासा, पत्नी सुनीता से बोले- मुझे सफोकेट मत करो
'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
'माफी में अब देर हो गई', कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान देने वाले मंत्री पर भड़का SC, एमपी सरकार से पूछा- इन पर मुकदमा क्यों नहीं...
Video: पानी में दरिंदे ने किया मासूम भैंस पर हमला, जबड़ो में जकड़ी गर्दन, वीडियो देख आ जाएगा रहम
पानी में दरिंदे ने किया मासूम भैंस पर हमला, जबड़ो में जकड़ी गर्दन, वीडियो देख आ जाएगा रहम
Eggshell Calcium: सफेद-पीले के अलावा अंडे का यह हिस्सा भी होता है ताकतवर, हड्डियों को देता है भरपूर ताकत
सफेद-पीले के अलावा अंडे का यह हिस्सा भी होता है ताकतवर, हड्डियों को देता है भरपूर ताकत
Embed widget