एक्सप्लोरर

Sibling Therapy: क्या है सिबलिंग थैरेपी, जो भाई-बहनों के बीच की कड़वाहट दूर करने में कर रही मदद?

Healthy Family Relationships: बचपन में साथ खेलना, बड़े होने पर एक-दूसरे का सहारा बनना और परिवार की जिम्मेदारियां साझा करना इस रिश्ते को मजबूत बनाता है. लेकिन हर रिश्ता हमेशा आसान नहीं होता.

How Sibling Therapy Works For Relationships: भाई-बहनों का रिश्ता जिंदगी के सबसे लंबे और खास रिश्तों में से एक माना जाता है. बचपन में साथ खेलना, बड़े होने पर एक-दूसरे का सहारा बनना और परिवार की जिम्मेदारियां साझा करना इस रिश्ते को मजबूत बनाता है. लेकिन हर रिश्ता हमेशा आसान नहीं होता. कई बार गलतफहमियां, बचपन की नाराजगी, आपसी तुलना या परिवार से जुड़े विवाद इतने बढ़ जाते हैं कि भाई-बहनों के बीच दूरियां आ जाती हैं. ऐसे मामलों में अब सिबलिंग थैरेपी को एक प्रभावी तरीका माना जा रहा है.

सिबलिंग थैरेपी क्या होती है?

thefeelingspace के अनुसार, सिबलिंग थैरेपी, फैमिली थैरेपी का ही एक हिस्सा है. इसका मकसद भाई-बहनों के बीच संवाद बेहतर करना, पुराने विवाद सुलझाना और रिश्ते में भरोसा दोबारा कायम करना होता है. इस थैरेपी में एक प्रशिक्षित थेरेपिस्ट दोनों पक्षों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका देता है और रिश्ते में तनाव की असली वजह समझने में मदद करता है. एक्सपर्ट के अनुसार यह थैरेपी उन परिवारों के लिए खासतौर पर फायदेमंद हो सकती है, जहां भाई-बहनों के बीच लगातार झगड़े होते हों, बातचीत लगभग बंद हो गई हो, सौतेले परिवार की वजह से रिश्तों में तनाव हो या माता-पिता की बढ़ती उम्र और उनकी देखभाल की जिम्मेदारियों को लेकर विवाद चल रहा हो. माता-पिता के तलाक या परिवार में किसी बड़े बदलाव के बाद भी यह थैरेपी रिश्तों को संभालने में मदद कर सकती है.

क्या होता है इसका फायदा?

सिबलिंग थैरेपी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे संवाद बेहतर होता है. थैरेपी के दौरान भाई-बहन एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनना, अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त करना और सामने वाले के नजरिए को समझना सीखते हैं. इससे गलतफहमियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. अगर बचपन के किसी अनुभव या पुराने विवाद की वजह से रिश्ते में कड़वाहट बनी हुई है, तो थैरेपी उस पर खुलकर बात करने का सुरक्षित माहौल देती है. कई बार पक्षपात का एहसास, नाराजगी या अनकही बातें वर्षों तक रिश्ते को प्रभावित करती रहती हैं. थेरेपिस्ट की मदद से इन मुद्दों पर बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जाती है, जिससे रिश्ता आगे बढ़ सके.

इमोशनल सपोर्ट 

इस प्रक्रिया से इमोशनल जुड़ाव भी मजबूत होता है. भाई-बहन एक-दूसरे पर फिर से भरोसा करना सीखते हैं, मुश्किल समय में साथ खड़े होने की भावना विकसित होती है और एक-दूसरे की सफलता को स्वीकार करने की आदत भी बढ़ती है. इसका पॉजिटिव असर पूरे परिवार पर पड़ता है. घर का तनाव कम होता है और दूसरे सदस्यों के साथ रिश्ते भी बेहतर होने लगते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर भाई-बहनों के बीच लगातार तनाव बना रहता है, बातचीत पूरी तरह खत्म हो गई है, किसी बड़े पारिवारिक बदलाव के बाद रिश्ते बिगड़ गए हैं या परिवार से जुड़े फैसलों पर बार-बार विवाद हो रहा है, तो सिबलिंग थैरेपी पर विचार किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें - Why Girls Like Older Men: बड़ी उम्र के लड़कों पर क्यों फिदा होती हैं लड़कियां? इमोशनल सपोर्ट नहीं, ये है सबसे बड़ा सीक्रेट

बातचीत, व्यवहार सुधारने से जुड़े अभ्यास

थैरेपी के दौरान आमतौर पर बातचीत, व्यवहार सुधारने से जुड़े अभ्यास और घर पर किए जाने वाले छोटे-छोटे अभ्यास दिए जाते हैं, ताकि सीखी गई बातें रोजमर्रा की जिंदगी में भी अपनाई जा सकें. इसका उद्देश्य किसी एक को सही या गलत साबित करना नहीं, बल्कि रिश्ते को मजबूत बनाना होता है. एक्सपर्ट मानते हैं कि सही मार्गदर्शन और दोनों पक्षों की इच्छा हो, तो सिबलिंग थैरेपी भाई-बहनों के बीच वर्षों पुरानी दूरियों को कम कर सकती है और रिश्ते को भरोसे, सम्मान और समझ के साथ नई शुरुआत देने में मददगार साबित हो सकती है.

इसे भी पढ़ें - ketan Agarwal Murder Case: आखिर क्यों कातिल बन रही हैं पत्नियां? देशभर में बढ़े मामले, एक्सपर्ट ने खोले हैरान करने वाले राज

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Sibling Therapy: क्या है सिबलिंग थैरेपी, जो भाई-बहनों के बीच की कड़वाहट दूर करने में कर रही मदद?
क्या है सिबलिंग थैरेपी, जो भाई-बहनों के बीच की कड़वाहट दूर करने में कर रही मदद?
AI Intimacy Survey: AI बन रहा रिलेशनशिप एक्सपर्ट, बेंगलुरु के बाद इन 3 शहरों में रिश्तों पर सवाल पूछ रहे लोग
AI बन रहा रिलेशनशिप एक्सपर्ट, बेंगलुरु के बाद इन 3 शहरों में रिश्तों पर सवाल पूछ रहे लोग
Healthy Relationship Tips: विदेशों में क्यों बढ़ रहा अलग सोने का चलन, प्यार बढ़ाने और नींद के लिए यह तरीका कितना कारगर?
विदेशों में क्यों बढ़ रहा अलग सोने का चलन, प्यार बढ़ाने और नींद के लिए यह तरीका कितना कारगर?
FIFA World Cup 2026 Dating Survey : FIFA के लिए रात 3 बजे तक डेट पर जानें को तैयार हैं 93% भारतीय, सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
FIFA के लिए रात 3 बजे तक डेट पर जानें को तैयार हैं 93% भारतीय, सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
Advertisement

वीडियोज

Sonam Wangchuk Ended Hunger Strike | Jantar Mantar: वांगचुक के अनशन तोड़ने पर CJP का फूटा गुस्सा?
Bigg Boss 20 का नया लोगो जारी, Salman Khan की वापसी को लेकर बढ़ा उत्साह
Jana Nayagan Review: Thalapathy Vijay के स्वैग और एक्शन ने जीता फैंस का दिल
NEET Paper Leak पर Salman Khan ने तोड़ी चुप्पी, स्टूडेंट्स के लिए कही बड़ी बात
Lock Upp 2 में Yogesh Rawat की वापसी? Reports ने बढ़ाई फैंस की उम्मीद
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'छात्रों पर डंडा नहीं, जवाब चाहिए', सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, कहा- 'संकट में सिस्टम'
'छात्रों पर डंडा नहीं, जवाब चाहिए', सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, कहा- 'संकट में सिस्टम'
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर CM रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया, कही दी ये बड़ी बात!
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर CM रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया, कही दी ये बड़ी बात!
PM मोदी के आधी रात वाले वीडियो पर CJP बोली - 'सबसे सख़्त कार्रवाई है, जो आप...'
PM मोदी के आधी रात वाले वीडियो पर CJP बोली - 'सबसे सख़्त कार्रवाई है, जो आप...'
‘क्या कमाल का खिलाड़ी है!’ वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के मुरीद हुए शशि थरूर, दे दिया बड़ा बयान
‘क्या कमाल का खिलाड़ी है!’ वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के मुरीद हुए शशि थरूर, दे दिया बड़ा बयान
Jana Nayagan OTT Release: थलपति विजय की 'जना नायकन' ओटीटी पर कब और कहां स्ट्रीम होगी? यहां हैं सारी डिटेल्स
थलपति विजय की 'जना नायकन' ओटीटी पर कब और कहां स्ट्रीम होगी? यहां हैं सारी डिटेल्स
Explained: क्या सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने से CJP आंदोलन कमजोर होगा? एक्सपर्ट्स ने बताए ये तीन बड़े सिनेरियो
क्या वांगचुक के अनशन तोड़ने से CJP आंदोलन कमजोर होगा? एक्सपर्ट्स ने बताए ये 3 बड़े सिनेरियो
सोनम वांगचुक ने किन शर्तों पर तोड़ा अनशन? वीडियो जारी कर बताया, बोले- '26 दिन बाद खाने का स्वाद अच्छा लगता है'
सोनम वांगचुक ने किन शर्तों पर तोड़ा अनशन? वीडियो जारी कर बताया, बोले- '26 दिन बाद खाने का स्वाद अच्छा लगता है'
Male Infertility: क्या पुरुषों में बढ़ रही इनफर्टिलिटी बनी IVF बूम की वजह, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े?
क्या पुरुषों में बढ़ रही इनफर्टिलिटी बनी IVF बूम की वजह, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े?
Embed widget