एक्सप्लोरर

क्या है ब्रेन फॉग? यह किस तरह से आपकी काम करने की क्षमता को करता है प्रभावित

मानसून में ब्रेन फॉग की समस्या बढ़ जाती है, जिससे थकान, ध्यान की कमी और भूलने की दिक्कतें होने लगती है. यह कंडीशन वर्किंग प्रोफेशनल्स की कार्य क्षमता पर सीधा असर डालती है.

मानसून भले ही सभी के जीवन को ठंडक और हरियाली से भर देता है, लेकिन यह मौसम हमारी मेंटल हेल्थ पर कई अनचाहें असर भी डालता है. खासतौर पर वर्किंग प्रोफेशनल्स में इस दौरान थकान, ध्यान की कमी और भूलने जैसी समस्याएं बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स इसे ब्रेन फॉग कहते हैं. यह एक ऐसी मेंटल कंडीशन है जिसमें सोने और काम करने की स्पष्ट घट जाती है. 

कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्रेन फॉग कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह एक मेंटल कंडीशन है जिसमें दिमाग धुंधला महसूस होता है. व्यक्ति एकाग्र नहीं हो पता है, साधारण चीज भूलने लगता है और कार्य क्षमता में गिरावट आने लगती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताएंगे कि ब्रेन फॉग किस तरह से आपके काम करने की क्षमता को प्रभावित करता है. 

मानसून में क्यों बढ़ता है ब्रेन फॉग 

सूरज की रोशनी कम और विटामिन डी की कमी 
बरसात के मौसम में सूरज की रोशनी कम मिलती है. जिससे शरीर में विटामिन डी का लेवल गिर जाता है. यह विटामिन मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी होता है और इसकी कमी से मूड डिसऑर्डर, थकान और याददाश्त में कमजोरी हो सकती है. 

नमी और डिहाईड्रेशन 
ठंडे मौसम में लोग कम पानी पीते हैं. लेकिन हवा में नमी ज्यादा होने के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. जिससे मेंटल थकान और कन्फ्यूजन बढ़ सकते हैं. 

संक्रमण और सूजन 
नमी भरे माहौल में बैक्टीरिया, फंगल और वायरस का खतरा बढ़ जाता है. मामूली संक्रमण भी शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया को सक्रिय कर देता है. जिससे मेंटल सुस्ती और थकावट महसूस हो सकती है. 

नींद की गुणवत्ता में गिरावट 
मानसून के दौरान उमस, बंद खिड़कियां और बिजली की कमी से नींद में खलल पड़ता है. लगातार नींद पूरी न होना, ध्यान और याददाश्त को सीधे तौर पर प्रभावित करता है. जिससे नींद की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है. 

मनोवैज्ञानिक असर 
गहरे और उदास मौसम के कारण कई लोगों में लो मूड या सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. खासकर लंबे काम के घंटे और सूरज की कमी से मानसिक थकावट और फॉकस की समस्या बढ़ जाती है. 

कैसे समझे कि ब्रेन फॉग हो रहा है 

आपको लगातार अपने अंदर कुछ लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह ब्रेन फॉग का संकेत हो सकते हैं. जैसे अगर आपका ध्यान बार-बार भटक जाता है या छोटी-छोटी बात आप भूल जाते हैं. इसके अलावा अगर कोई काम शुरू करके अधूरा छोड़ देते हैं. वहीं चिड़चिड़ापन या मूड में अचानक बदलाव आता है तो यह ब्रेन फॉग के लक्षण हो सकते हैं. 

ब्रेन फॉग से बचने के आसान उपाय 
ब्रेन फॉग से बचने के लिए आप सबसे पहले विटामिन डी की जांच करवाएं. क्योंकि सूरज की रोशनी कम मिलने से आपको सप्लीमेंट्स की जरूरत भी पड़ सकती है. इसके अलावा पानी पीते रहें और हल्का भोजन करें. पानी में आप नारियल पानी या फिर छाछ, हर्बल चाय जैसे पदार्थ भी पी सकते हैं. इसके अलावा ब्रेन फॉग से बचने के लिए नींद को प्राथमिकता दें. सोने का समय नियमित रखिए सोने से पहले स्क्रीन टाइम घटाएं और अगर जरूरी हो तो डॉक्टर की सलाह से मेलाटोनिन लें. ब्रेन फॉग से बचने के लिए हर कुछ समय बाद ब्रेक लें. डेस्क स्ट्रेच या वॉक से दिमाग में ऑक्सीजन फ्लो बढ़ता है इसलिए काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेना बहुत जरूरी है. अगर आप में ब्रेन फॉग के लक्षण लंबे समय तक बन रहे तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. क्योंकि यह समस्या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल सकती हैं.

 

ये भी पढ़ें- उम्र और जेंडर के अनुसार कितने पुशअप्स करना है पर्याप्त? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Ayushman Bharat: अब 'आयुष्मान' में ही होंगे हार्ट-लिवर और लंग्स ट्रांसप्लांट! यह सरकार कर रही तैयारी
अब 'आयुष्मान' में ही होंगे हार्ट-लिवर और लंग्स ट्रांसप्लांट! यह सरकार कर रही तैयारी
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
Kitchen Dustbin Smell: किचन के डस्टबिन से नहीं जा रही बदबू, ये जुगाड़ आएंगे काम
किचन के डस्टबिन से नहीं जा रही बदबू, ये जुगाड़ आएंगे काम
Water Tank Cleaning: टंकी साफ करने के बाद भी पानी से आती है बदबू? जानें असली वजह
टंकी साफ करने के बाद भी पानी से आती है बदबू? जानें असली वजह

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'उनका भी मौलिक अधिकार', बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर रोक की मांग पर SC की अहम टिप्पणी
'उनका भी मौलिक अधिकार', बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर रोक की मांग पर SC की अहम टिप्पणी
अनंत सिंह के 9 लोगों की हत्या वाले बयान पर BJP की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
अनंत सिंह के 9 लोगों की हत्या वाले बयान पर BJP की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
'जेलर 2' ने रिलीज के दूसरे ही दिन बनाया साल 2026 का इतना बड़ा रिकॉर्ड, बनी तमिल की 5वीं सबसे बड़ी फिल्म
'जेलर 2' ने रिलीज के दूसरे दिन बनाया 2026 का बड़ा रिकॉर्ड, बनी तमिल की 5वीं सबसे बड़ी फिल्म
लालकृष्ण आडवाणी की अब कैसी है तबियत? हॉस्पिटल से आया हेल्थ अपडेट
लालकृष्ण आडवाणी की अब कैसी है तबियत? हॉस्पिटल से आया हेल्थ अपडेट
48 साल का क्रिकेटर बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर, अजीत अगरकर की लेगा जगह!
48 साल का क्रिकेटर बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर, अजीत अगरकर की लेगा जगह!
कर्ज के लिए मोहताज पाक बनेगा IMF-वर्ल्ड बैंक का अध्यक्ष, 1953 के बाद पहली बार मौका
कर्ज के लिए मोहताज पाक बनेगा IMF-वर्ल्ड बैंक का अध्यक्ष, 1953 के बाद पहली बार मौका
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
किसानों की सबसे ज्यादा कमाई कहां, जानें यूपी-पंजाब जैसे राज्यों का हाल
किसानों की सबसे ज्यादा कमाई कहां, जानें यूपी-पंजाब जैसे राज्यों का हाल
Embed widget