एक्सप्लोरर

भारत में दवा बनाने वाली कई विदेशी फार्मा कंपनियां जल्द हो सकती हैं बंद, ये है कारण

'नोवार्टिस' जोकि एक बड़ी विदेशी फार्मा कंपनी है उसने घोषणा की है कि वह अपनी कंपनी की स्ट्रेटजिक रिव्यू शुरू कर दी है. जिसके आधार पर वह जल्द इंडिया में दवा बनाना बंद कर सकती है.

16 फरवरी की देर रात स्विस फार्मा की बड़ी कंपनी 'नोवार्टिस' ने एक खास घोषणा की है. इस घोषणा के अंतर्गत कुछ चीजों को सूचीबद्ध किया गया है.  नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड की स्ट्रेटजिक रिव्यू शुरू कर दी है. जिसके आधार पर वह भारत में दवा बनाना बंद कर सकती है. जिसमें सहायक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी का आकलन कर रहे हैं. ठीक तीन महीने पहले यूके की बड़ी  कंपनी एस्ट्राजेनेका ने भी घोषणा की थी कि वह ग्लोबल स्ट्रेटजिक रिव्यू के आधार पर भारत में दवा बनाने की कंपनी से बाहर हो सकती है.

ये घोषणाएं उस पैटर्न को फॉलो करती हैं जिसमें फाइजर, सनोफी, एस्ट्राजेनेका और जीएसके जैसी फार्मा दिग्गजों ने पिछले कुछ सालों में विनिर्माण, बिक्री और विपणन जैसे मुख्य कार्यों में जनशक्ति कम कर दी है और परिचालन में कटौती की है. उनमें से कुछ की भारत में अच्छी-खासी विरासत है, जो 100 साल पुरानी है. तो, वे भारतीय बाजार में अपना प्रदर्शन क्यों कम कर रहे हैं, जहां कुछ समय पहले ही वे बढ़त हासिल करने की होड़ में थे?

लागत, प्रतिस्पर्धा, पेटेंट

भारत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बाजार है. जिसमें कुछ सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा, उच्च परिचालन लागत और कम व्यवहार्य व्यवसाय ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. वे मुख्य दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और गैर-प्रमुख संपत्तियों का विनिवेश कर रहे हैं, खासकर कोविड के बाद.

भारत में विनिर्माण की पिछली रणनीति से वे लाइसेंसिंग और विपणन समझौतों में परिवर्तित हो गए हैं. इन सालों में नोवार्टिस, रोश, एली लिली और फाइजर ने प्रमुख उपचारों के लिए टोरेंट, ल्यूपिन, सिप्ला और ग्लेनमार्क जैसी घरेलू कंपनियों के साथ समझौता किया है. उदाहरण के लिए, नोवार्टिस ने हाल ही में अपने उच्च-विकास वाले नेत्र विज्ञान ब्रांडों को 1,000 करोड़ रुपये से कुछ अधिक में मुंबई स्थित जेबी केमिकल्स को बेच दिया.

कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत की बौद्धिक संपदा व्यवस्था के बारे में चिंतित हैं, जो पेटेंट की सदाबहारता को हतोत्साहित करती है और अनिवार्य लाइसेंसिंग लागू कर सकती है. जो किसी तीसरे पक्ष को पेटेंट मालिक की सहमति के बिना दवा बनाने की अनुमति देती है. इसलिए, देश से पूरी तरह बाहर निकले बिना, वे पोर्टफोलियो में कटौती करके और नए निवेश से बचकर जोखिम कम कर रहे हैं. नोवार्टिस इंडिया के पूर्व उपाध्यक्ष रंजीत शाहनी कहते हैं,नियामकीय बाधाओं, आईपीआर चुनौतियों और अपने भारतीय व्यवसायों से लाभ/मूल्य उत्पन्न करने के माता-पिता के दबाव का सामना करते हुए, अधिकांश बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय बाजार के लिए अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं.

मूल्य शृंखला में ऊपर जाना

जीवन विज्ञान के स्वतंत्र सलाहकार उत्कर्ष पलनीटकर कहते हैं,फार्मास्युटिकल उद्योग स्वाभाविक रूप से वैश्विक है. और कंपनियां उच्च विकास क्षमता या अधिक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण वाले बाजारों में संसाधनों का पुनर्वितरण कर सकती हैं. उन्होंने आगे कहा, प्राथमिकताएं बदलने से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत सहित कुछ बाजारों में अपना जोखिम कम करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: सुबह की सैर से पहले जरूर जान लें काम की ये बात, वरना फिट होने की बजाय पड़ जाएंगे बीमार 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Smartwatch Cancer Risk: क्या स्मार्टवॉच पहनने से होता है कैंसर, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
क्या स्मार्टवॉच पहनने से होता है कैंसर, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
Unnecessary Blood Tests: क्या आप भी बार-बार कराते हैं ब्लड टेस्ट? जानें नुकसान
क्या आप भी बार-बार कराते हैं ब्लड टेस्ट? जानें नुकसान
Frozen Food Health Risks: 16 में फ्रोजन फूड से हुई डायबिटीज, 11 कंपनियों पर केस; भारत में कितना खतरा?
16 में फ्रोजन फूड से हुई डायबिटीज, 11 कंपनियों पर केस; भारत में कितना खतरा?
Exam Preparation: क्या रातभर जागकर पढ़ते हैं? जानें बड़े नुकसान
क्या रातभर जागकर पढ़ते हैं? जानें बड़े नुकसान

वीडियोज

7 फेरों के रिश्तों में साजिश की चाल!
Lock Upp 2: Shreya Kalra का बड़ा खुलासा, बचपन की दर्दनाक घटना सुनकर भावुक हुए सभी
Samay Raina का Munawar Faruqui पर Aamir Khan वाला Joke हुआ Viral, India’s Got Latent में मचा हंगामा
Ramayana Trailer Update: 30 July को आएगा ट्रेलर, फैंस में बढ़ी जबरदस्त Excitement
Batwara 1947 Trailer Review: Sunny Deol छा गए, लेकिन क्या ट्रेलर बना उम्मीदों जितना दमदार?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘खींचकर बाहर लाएंगे’, राज्यसभा में खरगे का गृह मंत्री अमित शाह पर हमला
‘खींचकर बाहर लाएंगे’, राज्यसभा में खरगे का गृह मंत्री अमित शाह पर हमला
पू्र्व IPS किरण बेदी बोलीं- आर्म्ड फोर्स का दुरुपयोग हो रहा
पू्र्व IPS किरण बेदी बोलीं- आर्म्ड फोर्स का दुरुपयोग हो रहा
'तारक मेहता' में स्पाइडर मैन की एंट्री, यूजर्स बोले- इसे ले आए तो दया क्यों नहीं?
'तारक मेहता' में स्पाइडर मैन की एंट्री, यूजर्स बोले- इसे ले आए तो दया क्यों नहीं?
जो रूट 4 साल बाद दोबारा बने इंग्लैंड के कप्तान, ECB का बड़ा फैसला
जो रूट 4 साल बाद दोबारा बने इंग्लैंड के कप्तान, ECB का बड़ा फैसला
लखनऊ, जयपुर, भोपाल, पटना, दिल्ली- हर मेट्रो का सिर्फ एक कार्ड! किसने कर दी ये मांग?
लखनऊ, जयपुर, भोपाल, पटना, दिल्ली- हर मेट्रो का सिर्फ एक कार्ड! किसने कर दी ये मांग?
AIDMK के बाद DMK को झटका, स्टालिन से नाराज पन्नीरसेल्वम TVK में होंगे शामिल?
AIDMK के बाद DMK को झटका, स्टालिन से नाराज पन्नीरसेल्वम TVK में होंगे शामिल?
उग्र भीड़ पर कब चलानी है पेलेट गन? SOP बनाएगा SC, पूरी रोक पर सहमत नहीं
उग्र भीड़ पर कब चलानी है पेलेट गन? SOP बनाएगा SC, पूरी रोक पर सहमत नहीं
स्कूलों में परोसी जाएगी चिकन बिरयानी! इस राज्य की सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला
स्कूलों में परोसी जाएगी चिकन बिरयानी! इस राज्य की सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला
Embed widget