एक्सप्लोरर

Weight Loss Drug: मोटापा कम करने का नया कमाल, 52 नहीं अब सिर्फ 12 इंजेक्शन में चलेगा काम, जानें कैसे?

Monthly Weight Loss Injection: वेगोवी और जेडबाउंड जैसी दवाओं ने बड़े और लंबे स्टडी में लगभग 15 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से अधिक वजन घटाने के परिणाम दिखाए हैं.

Pfizer’s Berobenatide Weight Loss Drug: मोटापे और डायबिटीज के इलाज में एक बड़ा बदलाव आने की संभावना दिखाई दे रही है. दवा कंपनी फाइजर ने अपनी नई प्रायोगिक दवा बेरोबेनेटाइड के मिड-स्टेज ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं.  खास बात यह है कि यदि यह दवा भविष्य में मंजूरी हासिल कर लेती है, तो यह दुनिया की पहली ऐसी जीएलपी-1 आधारित वेट लॉस थेरेपी हो सकती है जिसे हर हफ्ते नहीं, बल्कि महीने में सिर्फ एक बार इंजेक्शन के रूप में लेना होगा. 

इस तरह कैसे दी जाती है दवा?

मौजूदा समय में वेगोवी और जेडबाउंड जैसी लोकप्रिय वेट लॉस दवाएं साप्ताहिक इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं. इसके विपरीत ब्राबांटिया का उद्देश्य मरीजों के लिए इलाज को अधिक सुविधाजनक बनाना है. शुरुआती चरण में मरीजों को साप्ताहिक डोज दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें महीने में केवल एक इंजेक्शन लेना होगा. इसका मतलब है कि सालभर में 52 इंजेक्शन की जगह केवल 12 इंजेक्शन की जरूरत पड़ेगी. 

वेस्पर-3 नामक क्लिनिकल ट्रायल में डायबिटीज से पीड़ित न होने वाले प्रतिभागियों का वजन 12.3 प्रतिशत तक कम हुआ.  दिलचस्प बात यह रही कि जो मरीज बाद में मासिक डोज पर गए, उनका वजन कम होना जारी रहा और वजन घटने की प्रक्रिया किसी ठहराव पर नहीं पहुंची. 

इसे भी पढ़ें - Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत?

क्या इनके असर दिखते हैं?

हालांकि वेगोवी और जेडबाउंड जैसी दवाओं ने बड़े और लंबे स्टडी में लगभग 15 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से अधिक वजन घटाने के परिणाम दिखाए हैं,  लेकिनफोर्टिस सीडीओसी हॉस्पिटल फॉर डायबिटीज एंड एलाइड साइंसेज के चेयरमैन और एम्स दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है कि अलग-अलग ट्रायल्स के परिणामों की सीधी तुलना नहीं की जानी चाहिए.

क्या है इसकी खासियत?

डॉ. अनूप मिश्रा के अनुसार बेरोबेनेटाइड की सबसे बड़ी खासियत वजन घटाने का प्रतिशत नहीं, बल्कि इसकी मासिक डोजिंग है. उनका मानना है कि भारत जैसे देश में लंबे समय तक इलाज जारी रखना बड़ी चुनौती होता है. ऐसे में महीने में केवल एक बार इंजेक्शन लेने की सुविधा मरीजों की उपचार के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ा सकती है और इलाज छोड़ने की संभावना कम कर सकती है. एक्सपर्ट के मुताबिक अब इस दवा के फेज-3 ट्रायल्स पर नजर रहेगी. इसमें लंबे समय तक वजन कम रहने की क्षमता, सुरक्षा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स, हार्ट और किडनी पर प्रभाव जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा. यह भी देखा जाएगा कि शरीर में पूरे महीने तक सक्रिय रहने वाली यह दवा किसी नए जोखिम को तो जन्म नहीं देती.

कब तक मार्केट में आ सकती है?

डॉ. मिश्रा का मानना है कि भविष्य में मोटापे के इलाज का फोकस केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं रहेगा. हार्ट रोग, किडनी स्वास्थ्य, ब्लड शुगर कंट्रोल, दवा की कीमत और मरीज की व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति जैसे कारक भी इलाज तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. उनके अनुसार आने वाले वर्षों में लंबे समय तक असर करने वाली दवाएं, कॉम्बिनेशन थेरेपी और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट मोटापे के इलाज की दिशा तय करेंगे. यदि यह अपने अंतिम ट्रायल्स में सफल रहती है, तो इसके 2028 के अंत या 2029 के मध्य तक मरीजों के लिए उपलब्ध होने की संभावना है. एक्सपर्ट मानते हैं कि यह दवा मोटापे को एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी के रूप में प्रबंधित करने के तरीके को बदल सकती है.

इसे भी पढ़ें - Summer Health Tips: दिनभर धूप में करते हैं काम तो जा सकती है जान, इन स्मार्ट तरीकों से खुद का रखें ख्याल

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
UP से लेकर महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश तक मिले कोरोना के केस, क्या 2026 में दोबारा लौटेगा कोविड-19?
UP से लेकर महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश तक मिले कोरोना के केस, क्या 2026 में दोबारा लौटेगा कोविड-19?
Skin Whitening Cream: रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीमों में मिला जरूरत से ज्यादा मरकरी और लेड, इससे कितना नुकसान?
रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीमों में मिला जरूरत से ज्यादा मरकरी और लेड, इससे कितना नुकसान?
Chandipura Virus: गुजरात में फिर लौटा जानलेवा चांदीपुरा वायरस, जानें यह कितना खतरनाक
गुजरात में फिर लौटा जानलेवा चांदीपुरा वायरस, जानें यह कितना खतरनाक
Advertisement

वीडियोज

Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)
Jagadhatri:😒Jagadhatri और Shivay की Bonding देख जल-भुन गईं Tapasya,रच रही हैं नई साजिशें #sbs
FY27 में लॉन्च होंगी 5 धमाकेदार Mid Size SUVs | #suv #newlaunch #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज में ईरान के अटैक से गई भारतीय की जान तो गुस्से में बोला भारत- 'जहाजों को निशाना बनाना बंद करो'
होर्मुज में ईरान के अटैक से गई भारतीय की जान तो गुस्से में बोला भारत- 'जहाजों को निशाना बनाना बंद करो'
पाकिस्तान से टूटा बलूचिस्तान! खुद को आजाद देश किया घोषित, कहा- '85 फीसदी क्षेत्र पर हमारा कब्जा'
पाकिस्तान से टूटा बलूचिस्तान! खुद को आजाद देश किया घोषित, कहा- '85 फीसदी क्षेत्र पर हमारा कब्जा'
राम मंदिर चढ़ावा गिनती के लिए अब टेबल की जगह दरी का इस्तेमाल, बिना पॉकेट वाला ड्रेस कोड अनिवार्य
राम मंदिर चढ़ावा गिनती के लिए अब टेबल की जगह दरी का इस्तेमाल, बिना पॉकेट वाला ड्रेस कोड अनिवार्य
ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग के शेड्यूल का एलान, चेन्नई में इस दिन पहला मैच; नोट कर लीजिए सभी मुकाबलों की तारीख
बिग बैश लीग के शेड्यूल का एलान, चेन्नई में इस दिन पहला मैच; नोट कर लीजिए सभी मुकाबलों की तारीख
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई, बताया सारा सच
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई
Explained: आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी? कहीं POCSO में न फंस जाए आपका बच्चा
आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?
'नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह', धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
'नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह', धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
‘समुद्री डकैत न बने अमेरिका...’, ट्रंप के होर्मुज टोल के ऐलान पर भड़के ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा
होर्मुज पर जैसे ही यूएस ने टैरिफ का किया ऐलान तो भड़के लूला, ट्रंप से कहा- न बनें समुद्री डकैत
Embed widget