बालों की दवा मिनोक्सिडिल शिशुओं के लिए खतरनाक, सामने आए चौंकाने वाले मामले
बाल झड़ने की दवा मिनोक्सिडिल शिशुओं के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. रिपोर्ट्स में आंखों की बीमारियों और शिशुओं में असामान्य बाल बढ़ने जैसे गंभीर मामलों का खुलासा हुआ है.

अगर आप भी अपने झड़ते या कम होते हुए बालों की दिक्कत को कम करने वाली आम दवा मिनोक्सिडिल (Minoxidil) लगा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह दवा आपके और आपके आसपास छोटे बच्चों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बालों के झड़ने और कम होने जैसी दिक्कतों को रोकने के लिए आम दवा मिनोक्सिडिल के इस्तेमाल से आपके संपर्क में आने वाले शिशुओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिसमें उनकी आंखों की बीमारियां और शिशुओं (0 से 23 महीने के शिशु) के असामान्य रूप से बाल बढ़ने जैसी समस्या देखने को मिल रही है. इस लेख के जरिए आपको पता चलेगा कि आपके बालों को झड़ने से बचाने वाली दवा किस प्रकार आपके आसपास के लोगों को परेशान कर रही है.
मिनोक्सिडिल दवा किस लिए इस्तेमाल होती है?
दरअसल, लोग मिनोक्सिडिल दवा का इस्तेमाल बिना किसी डॉक्टर की सलाह या प्रिस्क्रिप्शन के कर रहे हैं, जो कई लोगों पर हानिकारक असर डाल रहा है. मिनोक्सिडिल दवा मूल रूप से हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती थी, लेकिन इस दवा के साइड इफेक्ट के तौर पर लोगों के बाल बढ़ने लगे. इसे देखते हुए इस दवा का उपयोग बालों को बढ़ाने या हेयर लॉस के उपचार के लिए किया जाने लगा. यह दवा स्कैल्प की नसों को चौड़ा कर देती है, जिससे बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व आसानी से पहुंच जाते हैं, जो बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी होते हैं.
छोटे बच्चों और शिशुओं पर मिनोक्सिडिल का असर
अगर कोई व्यक्ति मिनोक्सिडिल दवा का इस्तेमाल करता है और उसके संपर्क में छोटा बच्चा या शिशु आता है, तो यह शिशुओं (0 से 23 महीने के शिशु) की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जो बच्चे इस दवा के संपर्क में आए हैं, उनके शरीर पर ज्यादा बाल उगने की समस्या देखने को मिली है. यह समस्या दुनिया भर में 45 से ज्यादा बच्चों में सामने आई है, जिनमें 44 प्रतिशत मामलों में शिशु दुर्घटनावश इस दवा के संपर्क में आए थे और करीब 22 प्रतिशत बच्चों को इस दवा का साइड इफेक्ट मां की प्रेग्नेंसी के दौरान हुआ, यानी जब मां प्रेग्नेंट थीं, तब उन्होंने मिनोक्सिडिल दवा का इस्तेमाल किया था.
मिनोक्सिडिल दवा का आंखों पर असर
अगर हम वैश्विक आंकड़ों की बात करें, तो मिनोक्सिडिल दवा के इस्तेमाल से लगभग 1,660 मामले सामने आए हैं, जिनमें दवा के इस्तेमाल से आंखों पर गंभीर असर देखने को मिला है. इनमें पलकों पर सूजन आना और देखने में तकलीफ होना शामिल है. इन 1,660 मामलों में करीब 25 मामले भारत से भी सामने आए हैं.
भारत में CDSCO ने किस प्रोडक्ट पर कार्रवाई की?
इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने QR 678-Neo नाम के एक एंटी-हेयर लॉस प्रोडक्ट के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है. यह प्रोडक्ट भारत में कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के नियमों के तहत रजिस्टर्ड था, लेकिन जांच में पाया गया कि इसे कीमोथेरेपी के बाद बालों को फिर से उगाने के लिए प्रचारित किया जा रहा था, जो गैरकानूनी है, क्योंकि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को दवाओं की तरह बेचने की अनुमति नहीं है.
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Source: IOCL





















