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लिवर ट्रांसप्लांट में कितना आता है खर्चा, डोनर के लिए क्या बातें जरूरी, जान लीजिए सबकुछ

लिवर ट्रांसप्लांट एक कठिन प्रक्रिया है जिसके लिए काफी पैसे खर्च करने की जरूरत होती है. चलिए आपको बताते हैं कि लिवर ट्रांसप्लांट करने के लिए कितना खर्च होता है.

लिवर ट्रांसप्लांट एक जटिल और महंगी मेडिकल प्रक्रिया है, जो गंभीर लिवर रोगों के इलाज के लिए आवश्यक हो सकती है. भारत में इस प्रक्रिया की लागत, डोनर के चयन मानदंड, और सर्जरी के बाद की देखभाल के बारे में जानना महत्वपूर्ण है. चलिए आपको बताते हैं कि भारत में लिवर ट्रांसप्लांट करवाने के लिए कितना खर्च आता है.

लिवर ट्रांसप्लांट की लागत

भारत में लिवर ट्रांसप्लांट की लागत अलग अलग कारणों पर निर्भर करती है, जैसे अस्पताल का स्थान, डोनर का प्रकार (मृत या जीवित), और रोगी की मेडिकल स्थिति. इस प्रक्रिया की लागत 20 लाख से 30 लाख रुपये तक हो सकती है. उदाहरण के लिए, हैदराबाद के अस्पताल में लिवर ट्रांसप्लांट की औसत लागत 22.56 लाख से 30.50 लाख तक होती है. इसमें अस्पताल में भर्ती, सर्जरी, दवाइयां और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल शामिल होती है. यदि जीवित दाता से लिवर लिया जाता है, तो डोनर की चिकित्सा जांच और सर्जरी की लागत भी इसमें जोड़ी जाती है.

डोनर के लिए आवश्यक शर्तें

लिवर ट्रांसप्लांट में डोनर का चयन बहुत सावधानी से किया जाता है. जीवित डोनर के लिए कुछ महत्वपूर्ण मानदंड निम्नलिखित हैं:

उम्र-  डोनर की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

स्वास्थ्य स्थिति-  डोनर को कोई गंभीर चिकित्सा समस्या जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, या हार्ट की बीमा नहीं होना चाहिए.

शारीरिक स्थिति- डोनर का वजन सामान्य सीमा में होना चाहिए और उसे शराब या नशीली दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए.

ब्लड ग्रुप मैच-  डोनर और प्राप्तकर्ता का ब्लड ग्रुप मेल खाना चाहिए.

मेंटल टेस्ट-   डोनर को मानसिक रूप से स्वस्थ और सर्जरी के लिए तैयार होना चाहिए.

इन सभी मानकों के आधार पर, डोनर का चयन किया जाता है, और उसकी मेडिकल जांट की जाती है.

सर्जरी और अस्पताल में भर्ती

लिवर ट्रांसप्लांट एक प्रमुख सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें लगभग 6 से 12 घंटे का समय लगता है. सर्जरी के बाद, रोगी को गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में 1 से 2 दिन और सामान्य वार्ड में 8 से 10 दिन तक भर्ती रहना पड़ता है. इसके बाद, रोगी को घर जाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन नियमित चिकित्सा जांच और दवाइयों का पालन करना आवश्यक होता है.

पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल

सर्जरी के बाद, रोगी को जीवनभर इम्यूनोसप्रेसिव दवाइयां लेनी होती हैं, ताकि शरीर नए लिवर को अस्वीकार न करे. इसके अलावा, नियमित ब्लड जांच, अल्ट्रासाउंड, और अन्य मेडिकल परीक्षणों की आवश्यकता होती है. रोगी को इंफक्शन से बचने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.लिवर ट्रांसप्लांट एक महंगी और काफी मुश्किल प्रक्रिया है, लेकिन यह गंभीर लिवर रोगों से ग्रस्त रोगियों के लिए जीवनदायिनी हो सकती है. डोनर का चयन सावधानीपूर्वक किया जाता है, और सर्जरी के बाद की देखभाल भी महत्वपूर्ण होती है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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