एक्सप्लोरर

क्या कोविड की तरह ही खतरनाक है H3N2 वायरस, जानें इससे बचने के लिए क्या करें और क्या न करें

Influenza Virus: ICMR के अनुसार, कुछ महीनों में H3N2 के मामले बढ़े हैं. सर्विलांस डेटा से पता चलता है कि 15 दिसंबर के बाद से H3N2 के मामलों में काफी इजाफा हुआ है.

H3N2 Virus: देश में इन दिनों सर्दी-खांसी और बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की अनुसार, इसके लिए एक तरह का इन्फ्लूएंजा वायरस जिम्मेदार है. ICMR के मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों से इन्फ्लूएंजा वायरस के A सबटाइप H3N2 की वजह से फीवर और सर्दी-खांसी के मामलों में इजाफा हुआ है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की तरफ से भी बताया गया है कि अभी मौसमी बुखार तेजी से फैल रहा है. इसलिए बुखार या सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक लेने से बचने की सलाह दी गई है. IMA का कहना है कि यह बुखार तो तीन दिन में उतर जाता है लेकिन सर्दी-खांसी 3 हफ्तों तक रह सकती है. पॉल्युशन की वजह से भी 15 से कम और 50 साल से ज्यादा के लोगों में सांस की नली में इंफेक्शन के मामले भी बढ़ रहे हैं.

इन्फ्लूएंजा क्या होता है

WHO के अनुसार, मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरस A, B, C और D चार तरह के होते हैं. A और B से मौसमी फ्लू फैलता है. इन्फ्लूएंजा A टाइप को महामारी की वजह भी माना जाता है. इसके दो सबटाइप होते हैं. पहला H3N2 और दूसरा H1N1... इनफ्लूएंजा टाइप B के सबटाइप तो नहीं होते लेकिन इसके लाइनेज हो सकते हैं. टाइप C को काफी हल्का माना जाता है, जो खतरनाक नहीं होता है. वहीं, टाइप D मवेशियों और जानवरों में फैलता है.

इन्फ्लूएंजा के क्या लक्षण होते हैं

WHO की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, मौसमी इन्फ्लूएंजा की चपेट में आने पर बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकावट, गले में खराश और नाक बहने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. संक्रमण की चपेट में आने से ज्यादातर लोगों का फीवर एक हफ्ते में ही ठीक हो जाता है, लेकिन खांसी को ठीक होने में दो या उससे ज्यादा हफ्ते का वक्त भी लग सकता है. 

H3N2 से सबसे ज्यादा खतरा

वैसे तो इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है लेकिन इससे सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं को होता है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्ग के साथ किसी बीमारी से जूझ रहे इंसान को भी इससे सबसे ज्यादा खतरा रहता है. हेल्थकेयर वर्कर्स को भी इन्फ्लूएंजा से संक्रमित होने का सबसे ज्यादा जोखिम रहता है.

यह कैसे फैलता है

यह एक वायरल बीमारी है, इसलिए एक-दूसरे में आसानी से ट्रांसफर हो सकता है. WHO के मुताबिक, भीड़भाड़ वाली जगह पर यह आसानी से अपने पैर पसारता है. H3N2 इन्फ्लूएंजा से संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उसके ड्रॉपलेट हवा में एक मीटर तक किसी भी तक फैल सकता है. किसी संक्रमित सतह को छूने से भी यह वायरस फैल सकता है. 

इन्फ्लूएंजा की चपेट में आने पर सावधानियां

भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें और अगर जाएं तो मास्क पहनें.
कोशिश करें कि बार-बार अपनी आंखों और नाक को न छूएं.
खांसते या छींकते वक्त मुंह और नाक पर रूमाल रखें या उन्हें ढंककर रखें.
हाथ मिलाने से जितना हो सके बचें.
पब्लिक प्लेस पर थूकने से बचें.
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दवा न लें.

कितना खतरनाक है इन्फ्लूएंजा

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोग इन्फ्लूएंजा के शिकार के बाद बिना मेडिकल केयर के ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह खतरनाक भी हो सकता है और जानलेवा भी. एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया में हर साल गंभीर बीमारी के 30 से 50 लाख केस सामने आते हैं, जिनमें से 2.90 लाख से 6.50 लाख मौतें हो जाती हैं.
 
यह भी पढ़ें

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है यूरिक एसिड, ऐसे करें कम
इन गलतियों की वजह से बढ़ जाता है यूरिक एसिड, ऐसे करें कम
Lipedema Symptoms: जांघ की चर्बी को न मान लेना नॉर्मल फैट, हो सकती है यह बीमारी
जांघ की चर्बी को न मान लेना नॉर्मल फैट, हो सकती है यह बीमारी
Copper T Pregnancy: कॉपर टी के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी, जानें कितना है खतरा?
कॉपर टी के बावजूद हो गई प्रेग्नेंसी, जानें कितना है खतरा?
Robotic Valve Replacement: सफदरजंग का विश्व रिकॉर्ड, रोबोट से की अनोखी हार्ट सर्जरी
सफदरजंग का विश्व रिकॉर्ड, रोबोट से की अनोखी हार्ट सर्जरी

वीडियोज

Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में
Salman Khan ने SVC63 के लिए घटाई फीस? 120 करोड़ से 70 करोड़ लेने की चर्चा
हम सालों से घुटने के दर्द से बेवजह डर रहे थे? जो बात डॉक्टर भी छुपाते हैं, वो आज बाहर आ गई!
Baba Bageshwar: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट ? | Dhirendra Shashtri

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
युवाओं पर लाठी-पैलेट गन चलाने के लिए…, खरगे का PM मोदी पर हमला
युवाओं पर लाठी-पैलेट गन चलाने के लिए…, खरगे का PM मोदी पर हमला
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
दतिया में नरोत्तम मिश्रा नहीं बीजेपी की हार की ये हैं 5 बड़ी वजहें, पढ़ें यहां
Datia By-election Result 2026 Live: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, BJP को हराकर सीट पर कब्जा बरकरार
Live: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, BJP को हराकर सीट पर कब्जा बरकरार
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
'कुछ भी नहीं बचा...', असम बाढ़ में फंसीं गोपी बहू की मां, छलका दर्द, नहीं रोक पाईं आंसू
बुमराह की जगह टीम इंडिया में आए आकिब नबी की टोटल नेटवर्थ कितनी है?
बुमराह की जगह टीम इंडिया में आए आकिब नबी की टोटल नेटवर्थ कितनी है?
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
बांकीपुर रिजल्ट: प्रशांत किशोर की पहली प्रतिक्रिया, 'मेरे विधायक बनने से…'
कर्नाटक के साथ कावेरी विवाद, CM विजय ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
कर्नाटक के साथ कावेरी विवाद, CM विजय ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
आपराधिक बैकग्राउंड वालों को नहीं राहत, प्रदर्शन पर जानें SC ने क्या कहा
आपराधिक बैकग्राउंड वालों को नहीं राहत, प्रदर्शन पर जानें SC ने क्या कहा
Embed widget