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कपड़े धोने वाली इस चीज से घरों में बढ़ता है पॉल्यूशन, जानें क्या हैं नुकसान

घरों के अंदर बढ़ता एयर पॉल्यूशन सेहत को कई तरह से गंभीर नुकसान हो सकता है. कई प्रोडक्ट्स जो हम अपनी डेली लाइफ में इस्तेमाल करते हैं, वे इनडोर पॉल्यूशन को काफी हद तक बढ़ाते हैं.

Indoor Pollution : घरों के बाहर ही नहीं अंदर की भी हवा खराब होती जा रही है. कई ऐसी चीजें हम अपनी डेली लाइफ में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो प्रदूषण का कारण बन रही हैं. कपड़े धोने के बाद हम सभी उसमें कुछ फैब्रिक सॉफ्टनर मिलाते हैं. इससे कपड़े मुलायम और अच्छी महक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे इनडोर एयर पॉल्यूशन (Indoor Air Pollution) भी बढ़ा सकते हैं. कई फ़ैब्रिक सॉफ़्नर में वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (VOC), फ़ेथलेट्स और सिंथेटिक सुगंध होते हैं, जो हवा में घुल सकते हैं सेहत के लिए चुनौती बन सकते हैं. इनसे सासं संबंधी समस्याएं, सिरदर्द और त्वचा में जलन पैदा हो सकते हैं.

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फैब्रिक सॉफ़्नर क्या हैं

फ़ैब्रिक सॉफ़्नर को फ़ैब्रिक कंडीशनर के तौर पर भी जाना जाता है, कपड़े धोने के प्रोडक्ट हैं जो स्टैटिक को कम करने, कपड़ों को सॉफ्ट बनाने और सुगंधित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. यह लिक्विड, ड्रायर शीट या ड्रायर बॉल के रूप में उपलब्ध है. इन्हें कपड़े धोने या सुखाने के दौरान मिलाया जाता है.

फ़ैब्रिक सॉफ़्नर किस तरह काम करते हैं

फ़ैब्रिक सॉफ़्नर में कैटायन सर्फेक्टेंट होते हैं, जो कपड़े के रेशों पर परत चढ़ाकर उन्हें छूने पर चिकना बनाते हैं और स्टैटिक चिपकने को कम करते हैं. सरल शब्दों में कहें तो फ़ैब्रिक सॉफ़्नर एक लुब्रिकेंट है जो आपके कपड़ों को कोट करता है, जिससे इसे 'सॉफ्टनिंग' इफेक्ट मिलता है. इनमें सुगंध, सुरक्षा और इमल्सीफायर भी होते हैं, जो प्रोडक्ट को कपड़ों पर समान तरीके से पहुंचाते हैं.

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फ़ैब्रिक सॉफ़्नर इनडोर एयर पॉल्यूशन कैसे बढ़ाते हैं

फ़ैब्रिक सॉफ़्नर बेंज़िल एसीटेट, इथेनॉल और लिमोनेन जैसे वीओसी छोड़ते हैं, जो एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याओं को ट्रिगर कर सकते हैं. खुशबू के लिए आर्टिफिशियल फ़्रेग्रन्स का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें फ़ेथलेट्स होते हैं, जो हार्मोनल ऑबस्टैकल से जुड़े होते हैं. कपड़ों पर इनके बचे पार्ट आपकी त्वचा के संपर्क में आ सकते हैं. जब कपड़े पहने जाते हैं या ड्रायर में गिराए जाते हैं तो वे हवा में उड़ जाते हैं.

फैब्रिक सॉफ्टनर से वीओसी घर के अंदर ओजोन के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिससे फॉर्मेल्डिहाइड और एसीटैल्डिहाइड जैसे सेकेंडरी पॉल्यूटैंट बनते हैं, जो सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं. कई अध्ययनों ने फैब्रिक सॉफ्टनर के इस्तेमाल के हेल्थ रिस्क पर जोर दिया है. फैब्रिक सॉफ्टनर सांस से जुड़ी समस्याओं जैसे अस्थमा, एलर्जी और सांस लेने में कठिनाई से जुड़े होते हैं. इससे त्वचा में जलन जैसे चकत्ते और एक्जिमा भी ट्रिगर हो सकता है. इन प्रोडक्ट्स में मौजूद फ़ेथलेट्स हार्मोनल समस्याएं पैदा कर सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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About the author कोमल पांडे

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पत्रकारिता में 11 साल का अनुभव है. पॉलिटिकल, फीचर, नॉलेज के लेखन में दिलचस्पी है. ABP Live के लिए फीचर की खबरें लिखती हूं. खबरें अच्छी हों, रीडर्स को पढ़ने में अच्छा लगे और जो तथ्य हों वो सही हों, इसी पर पूरा जोर रहता है.
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