एक्सप्लोरर

कोविड के बाद बढ़ा बीमारी छिपाने का ट्रेंड, 100 करोड़ लोग इस डर के साए में, हैरान कर देगी रिसर्च में सामने आई वजह

रिसर्च में बताया गया है कि लक्षण ज्यादा गंभीर या इंफेक्शन होने पर भी लोग अपने सिम्टम्स को छुपाने की कोशिश करते हैं.न सिर्फ सर्दी जुकाम फ्लू जैसी गंभीर समस्या को भी लोग दूसरों से शेयर नहीं करना चाहते.

People Hide Their Illness: बीमारी दर्द और परेशानियों की वजह होती है. यकीनन हम सभी अपनी बीमारी के बारे में हर किसी से बात करना पसंद नहीं करते. बेशक लक्षण जरूर जाहिर कर देते हैं लेकिन  जब कोई आपसे आपकी सेहत को लेकर सवाल करता है तो जवाब ठीक है ही होता है. कोई डिप्रेशन का शिकार है तो कोई कैंसर जैसी जान लेवा बीमारी से लड़ रहा है. किसी को मिर्गी है तो कोई एड्स से जूझ रहा है. यही नहीं गले में खराश या सर्दी जुकाम होने पर भी लोग ऑफिस जाकर बीमार होते हुए भी खुद को स्वस्थ दिखाने की ही कोशिश करते हैं.

क्यों बीमारी छिपाते हैं लोग 

जाने अनजाने यकीनन आपके साथ भी ऐसा जरूर हुआ होगा. दरअसल हाल ही में आई एक रिसर्च रिपोर्ट में जिस बात का खुलासा हुआ है वो हैरान कर देने वाली है. साइकोलॉजिकल साइंस मे पब्लिश एक रिसर्च से पता चला है कि यह व्यवहार बिल्कुल सामान्य है. दरअसल लोग अपनी बीमारी के बारे में छुपाते हैं और उसके बारे में बात करना पसंद नहीं करते.

 रिसर्च में बताया गया है कि लक्षण ज्यादा गंभीर या इंफेक्शन होने पर भी लोग अपने सिम्टम्स को छुपाने की कोशिश करते हैं. न सिर्फ सर्दी जुकाम बल्कि फ्लू जैसी गंभीर समस्या को भी लोग दूसरों से शेयर नहीं करना चाहते.

 100 करोड़ लोग छुपा रहे हैं अपनी बीमारी

रिसचर्स ने सोशल बिहेवियर के पीछे की वजह जानने की जब कोशिश की तो हैरान कर देने वाली बात सामने आई. शोधकर्ताओं ने पाया कि इसका कोई एक कारण नहीं है. दरअसल लोग दूसरों के जज किए जाने से डरते हैं और निंदात्मक सोच के कारण अपनी बीमारी छिपा ले जाते हैं.

जज होने से डरते हैं लोग 

लोगों को यही लगता है कि अगर उन्होंने अपनी परेशानी सबसे बता दी तो उन्हें काम करने के मौके नहीं मिलेंगे. लोगों से दूरी बना लेना और ऑफिस में भेदभाव होना.दरअसल यह सोच लोगों के मन में घर कर गयी है कि समाज में बीमार व्यक्ति को ही कमजोर माना जाता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में करीब 100 करोड़ ऐसे लोग हैं जो अपनी बीमारी छुपा कर जी रहे हैं

कोविड के बाद बाद बीमारी छुपाने का ट्रेंड

व्यक्ति स्वाभाविक रूप से सामाजिक प्राणी है. समाज के बीच खुद को स्वस्थ और मजबूत दिखाना लोगों को एक बेहतर तरीका लगता है. सामाजिक स्वभाव की बीमारी छुपाने के लिए प्रेरित भी करता है. यही बीमारी बढ़ने का कारण होता है. दरअसल अगर कोई संक्रामक बीमारी हो जाए तो उसे रोकने का सबसे बड़ा जरिया खुद को लोगों से अलग थलग कर लेना है. कोविड के दिनों में लोगों को आइसोलेशन में रखा गया था. जब भी आप कोई ऐसी बीमारी होती है तो लोगों को वही कोविड  के दिन याद आ जाते हैं. फाइनेंशियल प्रेशर और काम की प्रतिबद्धता भी लोगों को अपनी बीमारी छुपाने के लिए प्रेरित  है यही वजह है कि कोरोना महामारी के बाद से बीमारी छुपाने का ट्रेंड पड़ गया है.

बीमारी पर बात करना जरूरी

हालांकि रिसचर्स ने इस अनकंफरटनेस के बावजूद बीमारी और लक्षण पर बात करने की सिफारिश की है. दरअसल बीमार होने पर अपनी परेशानी और लक्षण बताने से न सिर्फ आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि अपने आसपास के लोगों की स्वास्थ्य का भी ख्याल रख सकते हैं. खास तौर पर दिल के मरीज और बुजुर्ग बच्चों जैसे कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ऐसा करने से बीमारी के संक्रमण से रोका जा सकता है. 

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Myths Vs Facts: क्या एक बार कैंसर होने के बाद अस्पताल में ही गुजर जाती है जिंदगी? जानें सच

 

 

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

About the author कोमल पांडे

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पत्रकारिता में 11 साल का अनुभव है. पॉलिटिकल, फीचर, नॉलेज के लेखन में दिलचस्पी है. ABP Live के लिए फीचर की खबरें लिखती हूं. खबरें अच्छी हों, रीडर्स को पढ़ने में अच्छा लगे और जो तथ्य हों वो सही हों, इसी पर पूरा जोर रहता है.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

9 हजार का खर्च अब सिर्फ 91 रुपये! सैंपल ले जा रहा ड्रोन और दवा भी करेगा डिलीवर
9 हजार का खर्च अब सिर्फ 91 रुपये! सैंपल ले जा रहा ड्रोन और दवा भी करेगा डिलीवर
क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
UP से लेकर महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश तक मिले कोरोना के केस, क्या 2026 में दोबारा लौटेगा कोविड-19?
UP से लेकर महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश तक मिले कोरोना के केस, क्या 2026 में दोबारा लौटेगा कोविड-19?
Skin Whitening Cream: रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीमों में मिला जरूरत से ज्यादा मरकरी और लेड, इससे कितना नुकसान?
रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीमों में मिला जरूरत से ज्यादा मरकरी और लेड, इससे कितना नुकसान?

वीडियोज

Salman Khan की Maatrubhumi पर फिर संकट! रिलीज़ से पहले 40% फिल्म दोबारा शूट
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? #nitingadkari #e20fuel #autolive
Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Weather Forecast Today: दिल्ली-यूपी और हरियाणा-पंजाब में आज होगी बारिश? मौसम विभाग ने जारी कर दिया ताजा अलर्ट
दिल्ली-यूपी और हरियाणा-पंजाब में आज होगी बारिश? मौसम विभाग ने जारी कर दिया ताजा अलर्ट
बागियों को आसानी से शिंदे गुट में शामिल नहीं होने देंगे उद्धव ठाकरे! अब उठाया यह बड़ा कदम
बागियों को आसानी से शिंदे गुट में शामिल नहीं होने देंगे उद्धव ठाकरे! अब उठाया यह बड़ा कदम
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आधी रात बवाल, परेड ग्राउंड में अड़कर बैठ गए कांग्रेसी, अब क्या होगा?
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आधी रात बवाल, परेड ग्राउंड में अड़कर बैठ गए कांग्रेसी, अब क्या होगा?
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
Welcome To The Jungle BO Day 19: ‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना बटोरा मुनाफा?
‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना कमाया मुनाफा?
बिहार पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा फेरबदल, 22 DSP अधिकारियों का ट्रांसफर; कई SDPO बदले गए
बिहार पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा फेरबदल, 22 DSP अधिकारियों का ट्रांसफर; कई SDPO बदले गए
पुणे के लड़के का कारनामा, चौराहे पर लगवाया पोस्टर; लिखा- न फ्लैट-न गाड़ी, चाहिए एक सुंदर लाड़ी
पुणे के लड़के का कारनामा, चौराहे पर लगवाया पोस्टर; लिखा- न फ्लैट-न गाड़ी, चाहिए एक सुंदर लाड़ी
अब रिमूवेबल बैटरी के साथ क्यों नहीं आते फोन? खुल गया यह बड़ा राज
अब रिमूवेबल बैटरी के साथ क्यों नहीं आते फोन? खुल गया यह बड़ा राज
Embed widget