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कब्ज से परेशान किन लोगों पर नहीं होता जुलाब का भी असर? डॉक्टर से जानें इसकी वजह

कब्ज की समस्या आम है, लेकिन यह लंबे समय तक रहे तो इसे क्रोनिक कब्ज कहा जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, कई मामलों में जुलाब की दवाएं असर नहीं करतीं, जिसकी वजह पेल्विक फ्लोर से जुड़ी समस्या हो सकती हैं.

हम सभी लोगों को अपने डेली रूटीन में कब्ज की समस्या का सामना अक्सर करना ही पड़ता है. जब हम खाने में तली-भुनी या ज्यादा भारी चीजें या फूड आइटम्स खा लेते हैं, तो हमें कब्ज की समस्या होती है, जो कि बहुत आम बात है. लेकिन जब यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे हमें मल त्यागने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अगर यही समस्या ज्यादा दिन तक रहती है, तो इसे क्रोनिक कब्ज का नाम दिया जाता है, जिससे मल त्याग करना काफी दिक्कत भरा और दर्द भरा भी हो सकता है. हमारा पेट सही से साफ न होने की वजह से पेट में भारीपन, दर्द और गैस जैसी समस्या हो जाती है और हमारा मन बार-बार पेट साफ या मल त्यागने का होता है, लेकिन कब्ज की वजह से ऐसा हो नहीं पाता.

जुलाब की दवाएं क्यों नहीं करती असर?

डॉक्टर्स के अनुसार, जब किसी मरीज को बहुत ज्यादा कब्ज होती है या वह क्रोनिक कब्ज का शिकार होता है, तो डॉक्टर ऐसे व्यक्ति या मरीज को दस्त या जुलाब लगने वाली दवाइयां देते हैं. डॉक्टर्स बताते हैं कि जिन मरीजों को कब्ज की दिक्कत काफी समय या सालों से होती है, वे मरीज नियमित तौर से लैक्सेटिव दवा का उपयोग करते हैं. इस दवा के लेने से दस्त होना शुरू हो जाते हैं, लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार, सालों तक दस्त या जुलाब की दवाइयां लेने के बावजूद भी सिर्फ 30 से 40 प्रतिशत मरीजों को ही इस दवा का असर होता है. बाकी 50 से 60 प्रतिशत लोगों या मरीजों को राहत नहीं मिल पाती और वे अपने खतरनाक कब्ज से जूझते रहते हैं.
डॉक्टर्स की मानें, तो क्रोनिक कब्ज के मरीजों को दस्त की दवाओं का असर न होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि जब मल त्यागते हैं, तो उस समय पेट और कूल्हों यानी हिप्स के निचले हिस्से में मौजूद मांसपेशियां, जिन्हें हम पेल्विक फ्लोर भी कहते हैं और शरीर का मल द्वार, रिलैक्स नहीं हो पाते यानी ढीले नहीं हो पाते. अगर किसी भी व्यक्ति को मल त्यागना है, तो मल द्वार का ढीला होना सबसे ज्यादा जरूरी है, तभी मल अच्छी तरह से शरीर से बाहर निकल पाता है. लेकिन क्रोनिक और ज्यादा कब्ज की वजह से ये मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे मल त्यागने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस परिस्थिति को डिसिनर्जिक डेफिकेशन कहा जाता है. इसी समस्या की वजह से लोगों को क्रोनिक कब्ज होता है और लोग मल त्यागने में काफी परेशानियों का सामना करते हैं.

कब्ज होने के मुख्य कारण

शरीर में कब्ज होने के कई सारे कारण हैं. अगर इन कारणों पर आप ध्यान देंगे, तो कब्ज की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.

  • नियमित डाइट में फाइबर की कमी का होना
  • व्यायाम या योग न करना
  • अधिक तली-भुनी खाद्य सामग्री या जंक फूड का सेवन करना
  • हमेशा तनाव या परेशान रहना
  • पानी कम मात्रा में पीना
  • समय पर शौचालय न जाना
  • जरूरत से ज्यादा खाना

यह भी पढ़ें: डायबिटीज से बचने के लिए बार-बार शुगर फ्री लेते हैं आप, जानें यह कैसे बर्बाद करता है लिवर?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

 

 

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