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क्या डिप्रेशन या एंजाइटी के कारण भी हो सकता है कैंसर?

नईदिल्ली: पॉजिटिव रहने से आप हेल्दी और बीमारियों से दूर रह सकते हैं. ऐसा कहना है हाल ही में आई रिसर्च का. रिसर्च के मुताबिक, जो लोग डिप्रेशन और एंजाइटी का शिकार होते हैं उनमें कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. क्या कहती है रिसर्च- बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई रिसर्च के मुताबिक, जो लोग साइक्लोजिकल स्ट्रेस से गुजर रहे होते हैं फ्यूचर में उन्हें 32 पर्सेंट जानलेवा कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है. क्या कहते हैं एक्सपर्ट- यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के डॉ. डेविड बैटी का कहना है कि रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि ऐसे लोग जो कम स्ट्रेस में थे उनकी तुलना में उन लोगों में डेथ रेट अधिक होता है जो स्ट्रेस में रहते हैं. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों में बाउल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, पैन्क्रियाज कैंसर और ल्यूकेमिया जैसे कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है. डॉ. डेविड आगे कहते हैं कि हमारी रिसर्च के जरिए ये पता लगाना आसान होगा कि कुछ फीजिकल डिजीज का कारण खराब मेंटल हेल्थ भी हो सकती है. लेकिन अभी इस पर कई और रिसर्च की जानी बाकी है. कैसे की गई रिसर्च- यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान 16 अन्य स्टडीज को शामिल किया. इन टोटल स्टडीज में 1,63,000 लोग शामिल थे. इन लोगों से जानने की कोशिश की गई कि स्ट्रेस का उन पर किस तरह इफेक्ट पड़ता है. रिसर्च के नतीजे- रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि बेशक स्ट्रेस का कैंसर से संबंध है लेकिन कैंसर का मुख्य कारण डिप्रेशन नहीं है. हालांकि रिसर्च में ये पाया गया कि अनडायग्नोस कैंसर जिन लोगों को होता है, अगर वे बिना ये जाने कि उन्हें कैंसर है, अनहैप्पी फील करते हैं तो भी कैंसर से बॉडी में बदलाव आ सकते हैं. यानि कैंसर के बारे में मरीज को नहीं पता लेकिन वो स्ट्रेस में है तो इससे उसकी बॉडी पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है.
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Source: IOCL

























